वीरभद्र योग आसन करने की विधि, फायदे और सावधनियां

वीरभद्र योग आसन करने की विधि, फायदे और सावधनियां ताकि आप जान सकें योग टिप्स हिंदी में, virabhadra yoga steps, benefits in hindi

आज हम आपको वीर भद्र आसन के बारे में बतायेंगें। वीरभद्र आसन को हम दो मुन्द्राओं के द्वारा कर सकते हैं। इससे हमारे शरीर को शक्ति और दृढ़ता प्रदान होती है। यह एक ऐसा आसन होता है जिससे हमारा आत्मविश्वास बढ़ता है। इसके साथ ही इससे हमारे शरीर में शक्ति का संचार होता है। इस योग में हमारे पैर, बाँहे ओर कंधे मूल रूप से हिस्सा लेते हैं।

इस योग में छाती भी हिस्सा लेती है। इस योग के द्वारा हमें कई तरह के लाभ प्राप्त होते हैं। लेकिन जब भी हमे किसी तरह की परेशानी हो तो हमे यह आसन नही करना चाहिए। आइये जानते हैं वीरभद्र आसन करने के लाभ, तरीका, और सावधानियों के बारे में।

वीरभद्र योग आसन के लाभ

जैसे कि हम जानते हैं कि वीरभद्र आसन की दो मुद्रा होती है।आइये जानते हैं इससे होने वाले लाभों के बारे में

  1. इसकी पहली मुद्रा करने से पैरों में दृढ़ता आती है। जिसके कारण पैरों में होने वाला कम्पन दूर हो जाता है।
  2. वीरभद्र आसन कि दूसरी मुद्रा भी पहली वाली के सामान होती है इस आसन को हम खड़े होकर करते हैं। इस आसन को करने से हमारी बांहों और कंधो में खिचाब पैदा होता है। इसके साथ ही हमारी छाती भी फैलने लगती है जो हमारे फेफड़ो के लिए बहुत ही लाभकारी होता है।
  3. इस आसन से हमे बीमारियों का कम सामना करना पड़ता है। इससे हमारा शरीर चुस्त और फुर्तीला होता है। इसको करने से जोड़ो के दर्द से राहत मिलती है।

वीरभद्र योग आसन की अवस्था

वैसे तो हम जब भी कोई आसन करें तो हमे इस बात का ध्यान आवश्य रखें कि हम जो आसन कर रहें है वो सही है या नहीं। जब हम सही तरीके से आसन को करते हैं तभी हमे उस का लाभ होता है। लेकिन वीरभद्र आसन को करते हुए कुछ विशेष बातोँ पर ध्यान देना चाहिए  जैसे कि सिर, घुटने और हिप्स एक ही स्तिथि में हो।

जब आप योग कर रहे हो तब अपना शरीर हल्का और सहज रखना चाहिए। उस समय अपने पैरों को अच्छे से जमीन पर लगा कर रखें ताकि आप के शरीर का संतुलन आप के पैरों पर बना रहे। अगर आप को संतुलन बनाये रखने में किसी तरह की परेशानी होती है तो आप अपने पिछले पैर को थोडा आगे की और घुमा सकते हैं। अगर आप की कमर में दर्द होने लगे तो आप शरीर को अपने मुड़े हुए पैरों कि तरफ कर सकते हो।

वीरभद्र योग आसन करने की विधि

  1. इस आसन को करने के लिए सबसे पहले तन कर खड़े हो जाएँ। फिर अपने दाए पैर को 2 से चार फिट तक आगे ले जाएं।

2. दाए घुटने को हल्का सा मोड़ दे, ओर इस बात का ध्यान रखे  कि बाया पैर सीधा हो, उसका तलवा जमीन के साथ लगा हुआ होना चाहिए।

3. गहरी सांस को लेते हुए दोनों हाथो को ऊपर की ओर करे इस बात का ध्यान रखे कि आप के दोनों हाथ एक दुसरे के आमने सामने हो।

4. अपने कंधो को आरामदायक स्तिथि में रहने दें। दोनों कानो को अपने कंधे के पास न आने दें।

5. इस मुद्रा में आप 15 सेंकड से लेकर 1 मिनट तक रह सकते हैं।

6. अपनी सांस को धीरे धीरे छोड़ते हुए वापिस आप अपनी पुरानी स्तिथि में आ जाओ।

वीरभद्र योग आसन – सावधानी

वीरभद्र आसन को सही तरीके से करना चाहिए। इसको करते हुए अगर आप के घुटनों में दर्द, कमर में दर्द हो रही हो तो इसे नही करना चाहिए। इसको करने के लिए अपनी शारीरिक क्षमता से अधिक जोर नहीं लगाना चाहिए।

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