तांबे के बर्तन में पानी पीने के फायदे

तांबे के बर्तन में पानी पीने के फायदे

आपने तांबे के बर्तन के बारे में अपने बड़ों से जरुर ही सुना होगा। आज हम आपको तांबे के बर्तन में पानी पीने के फायदे के बारे में बतायेंगें। तांबे के बर्तन में रखा हुआ पानी पीना आपके जीवन में किसी वरदान से कम नहीं हैं। इसका सेवन करने से शरीर के सभी विषैले तत्व बाहर निकल जाते हैं। आयुर्वेद के अनुसार तांबे के बर्तन में संग्रहित पानी आपके शरीर में तीन दोषों वात, कफ, और पित्त को संतुलित करने की क्षमता रखता है और ऐसा सकरात्मक पानी चार्ज करके करता है।

तांबे के बर्तन में रखे हुए पानी को तमारा जल से भी जाना जाता है। तांबे में रखा हुआ पानी तभी लाभकारी सिद्द होता है। जब आप इसे लगभग आठ घंटे तक रखते हो तांबे के बर्तन में पानी पीने के फायदे बहुत से होते हैं जैसे बैक्टीरिया को समाप्त करने में मददगार, थायरायड ग्रन्थि की कार्यप्रणाली पर नियन्त्रण, गठिया में फायदेमंद, त्वचा को स्वस्थ रखें, मस्तिस्क को तेज करें आदि।

तांबे के बर्तन में पानी पीने के फायदे

बैक्टीरिया को समाप्त करें

तांबे को प्राकृति में ओलिगोडिनेमिक के रूप में जाना जाता है और इसमें रखें पानी के सेवन से बैक्टीरिया को आसानी से नष्ट किया जा सकता है। तांबा आम जल जनित रोग जैसे डायरिया, दस्त और पीलिया को रोकने में मददगार माना जाता है।

थायराइड ग्रन्थि की कार्यप्रणाली पर नियंत्रण

थायरेक्सीन हार्मोन के असंतुलन के कारण थायराइड की बीमारी होती है। थायराइड के लक्षणों में तेजी से वजन घटना या बढ़ना, अधिक थकान महसूस होना आदि। कॉपर थायरॉयड ग्रथि के बेहतर कार्य करने की जरूरत का पता लगाने वाले सबसे महत्वपूर्ण मिनरलों में से एक हैं। थायराइड विशेषज्ञों के अनुसार तांबे के बर्तन में रखा पानी पीने से शरीर में थायरेक्सिन हारमोन नियंत्रित होकर इस ग्रन्थि की कार्यप्रणाली को भी नियंत्रित करता है।

मस्तिष्क को तेज करें

तांबे में मस्तिष्क को उत्तेजित करने वाले और विरोधी ऐंठन गुण होते हैं। इन गुणों की मौजूदगी मस्तिष्क के काम को तेज और अधिक कुशलता के साथ करने में मदद करते हैं।

गठिया में फायदेमंद

गठिया या जोड़ो में दर्द की समस्या आजकल आप कम उम्र के लोगों में भी देख सकते हैं। अगर आप इस समस्या से परेशान है तो आप रोज तांबे के पात्र में रखा हुआ पानी पियें। तांबे में एंटी इफ्लेमेट्री गुण होते है। यह गुण आपको दर्द से राहत और दर्द की वजह से जोड़ों में सूजन का कारण बने गठिया और रुमेटी गठिया के मामले विशेष रूप से फायदेमंद होते हैं।

मैदा के नुकसान – हो सकती हैं यह बीमारियां

बढती उम्र की प्रक्रिया को धीमा करें

अगर आप अपनुई त्वचा पर पड़ी हुई झुर्रियों से परेशान है तो तांबा इसके लिए एक प्राकृतिक उपाय है। तांबा मजबूत एंटी ऑक्सीडेंट औए सेल गठन के गुणों से समृद्द होने के कारण कॉपर मुक्त कणों से लड़ता है।

खून की कमी को दूर करें

अधिकतर भारतीय महिलाओं में खून की कमी पाई जाती है। कॉपर के बारे में यह तथ्य अधिक आश्चर्यजनक है कि यह शरीर की अधिकांश प्रक्रियाओं में बेहद आवश्यक होता है। यह शरीर के लिए आवश्यक पोषक तत्वों को अवशोषित कर रक्त वाहिकाओं में इसके प्रवाह को नियंत्रित करता है। तांबे के बर्तन में रखा हुआ पानी पीने से खून की कमी या विकार दूर होते हैं।

त्वचा को बनाएं स्वस्थ

त्वचा को स्वस्थ बनाएं रखने के लिए जरूरी है आपका खानपान इसलिए अगर आप अपनी त्वच को सुंदर बनाना चाहते हो तो रातभर तांबे के बर्तन में रखें पानी को सुबह पी लें। ऐसा इसलिए जरूरी है क्योंकि तांबा हमारे शरीर के मेलेनिन के उत्पादन का मुख्य घटक है। इसके इलावा तांबा नई कोशिकाओं के उत्पादन में मदद करता है जो त्वचा की सबसे उपरी परतों की भरपाई करने में मदद करती है। इसका नियमित सेवन करने से आपकी त्वचा स्वस्थ और चमकदार बनती है।

पाचन क्रिया को दुरुस्त रखें

तांबे के बर्तन का पानी अमृत के सामान होता है। यह पेट जैसी समस्याओं जैसे एसिडिटी, कब्ज, गैस आदि आयुर्वेद के अनुसार अगर आप अपने शरीर से विषाक्त पदार्थ को बाहर निकालना चाहते हैं तो तांबे के बर्तन में कम से कम आठ घंटे तक पानी रखें और सुबह उस पानी को पियें। इससे पेट की सूजन में राहत मिलती है और पाचन की समस्या भी दूर होती है।

डिसक्लेमर : sehatsansar.com में जानकारी देने का हर तरह से वास्तविकता का संभावित प्रयास किया गया है। इसकी नैतिक जिम्मेदारी sehatsansar.com की नहीं है। sehatsansar.com में दी गई जानकारी पाठकों के ज्ञानवर्धन के लिए है। अतः हम आप से निवेदन करते हैं की किसी भी उपाय का प्रयोग करने से पहले अपने चिकित्सक से सलह लें। हमारा उद्देश्य आपको जागरूक करना है। आपका डाॅक्टर ही आपकी सेहत बेहतर जानता है इसलिए उसका कोई विकल्प नहीं है।