सोयाबीन के फायदे

सोयाबीन के फायदे - Soybean health benefits in hindi

आज हम आपको सोयाबीन के फायदे के बारे में बताने जा रहें हैं। सोया में कई पोषक तत्व मौजूद होते हैं। इतना ही नही यह प्रोटीन का भी उच्च स्त्रोत होता है साथ ही इसमें फाइबर,विटामिन, विटामिन बी काम्प्लेक्स, विटामिन ए और कैल्शियम की भी उच्च मात्रा पाई जाती है।

यह सभी तत्व शरीर के लिए आवश्क एमिनो एसिड का काम करते हैं। सोया ऐसे तत्वों का रूप होता है जिसका प्रयोग आप कई तरह से कर सकते हैं जैसे ड्राई रोस्टेड सोयाबीन का स्नैक्स के रूप में जो फाइबर का बेहतर स्त्रोत हैं।

आपको यह जानकर हैरानी होगी की सोया में दूध, मांस और अंडे से कहीं ज्यादा प्रोटीन की मात्रा पाई जाती है। सोयाबीन के फायदे बहुत देखने को मिलते हैं जैसे एनीमिया में, ह्रदय के लिए, मासिक धर्म में, हड्डियों के लिए, मधुमेह, उच्च रक्तचाप आदि में।

उसी तरह सोया के लिक्विड प्रोडक्ट जैसे सोया मिल्क के रूप में इसका इस्तेमाल अधिकतर लोग गाय के दूध के स्थान पर भी करते हैं। कभी कभी प्रोसेसिंग के दौरान सोया आयल हाइड्रोजेनेटेड हो जाता है।

जिस कारण उसमें सैचुरेटेड फैटी एसिड बढ़ जाते हैं। सोया खाने में बहुत ही स्वादिष्ट होता है यहीं कारण हैं कि इसे विशेषकर बच्चें भी बहुत पसंद करते हैं। आइये विस्तार से जानते है सोयाबीन के फायदे के बारे में।

फाइबर की पर्याप्त मात्रा

 

बच्चों को अक्सर दादी मोटा अनाज या चोकर युक्त आटा खाने के लिए कहती थी वो उस समय फाइबर के बारे में बात करती है। जब आप अपने आहार में फाइबर की मात्रा को बढ़ाते हैं तब इससे आपको अत्यधिक फायदे प्राप्त होते हैं। कुछ फाइबर सब्जियों में और कुछ फाइबर गेंहू और जौ में पाया जाता है। इस कारण विभिन्न प्रकार के फाइबर में अलग अलग बायोलाजिकल प्रभाव होता है।

अपने दैनिक आहार में आपको फाइबर की कम से कम 20 से 25 ग्राम मात्रा लेनी चाहिए। सोया से बना टेम्पेह उत्पाद आम तौर पर मांस के विकल्प में इस्तेमाल किया जाता है। अगर आप इसे औसत के रूप में भी  इस्तेमाल करते हैं तो लगभग आपको 10 ग्राम रेशो प्राप्त होता है। यह प्रोडक्ट हमारे पाचन तन्त्र को प्रभावित करने वाला प्रमुख तत्व पाया जाता है।

एनीमिया में

सोयाबीन के फायदे में एक फायदा यह है कि इसका सेवन करने से एनीमिया की कमी दूर होती है।

दिल की बीमारी में

दिल की बीमारी से ग्रस्त लोगों के खून में वसा की मात्रा बढ़ जाती है और फायदेमंद वसा अर्थात HDL की मात्रा कम हो जाती है लेकिन जब आप सोयाबीन का सेवन करते हो तो यह आपको दिन संबंधित बीमारियों से बचाता है।

मासिक धर्म में

महिलाओं के मासिक धर्म बंद होने से शरीर से एस्ट्रोजन की कमी हो जाती है। जिसके कारण महिलाओं की हड्डियों का नुकसान तेजी से होने लगता है। इस स्तिथि में सोयाबीन बहुत फायदेमंद साबित होता है। इसका सेवन लगातार तीन से चार महीने करने से उनको इस परेशानी से निजात मिल जाती है।

लाभ हैं अनेक

उबले हुए सोयाबीन और टोफू कैल्शियम बेहतर स्त्रोत होते हैं लेकिन सोया मिल्क से प्राप्त होने वाली कैल्शियम की मात्रा उस ब्रांड पर निर्भर करता है जो आप ने खरीदा हुआ है। सोया एक सर्वोत्तम उपयोगी आहार है।

इसके इस्तेमाल के बेहतर तरीकों से भी इसके पर्याप्त लाभ प्राप्त कर सकते हैं। सोयाबीन में 52 प्रतिशत प्रोटीन तथा 19.5 प्रतिशत वसा पाया जाता है। इसके इलावा इसमें आयरन और फास्फोरस आदि खनिज तत्व भी पाए जाते हैं। सोयाबीन के द्वारा आप दूध, दही, मक्खन, पनीर, तेल और घी तैयार किया जाता है।

विटामिन और खनिज तत्व

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सोयाबीन महत्वपूर्ण पोषक तत्वों से युक्त होता है इसमें कैल्शियम, मैग्नीशियम और बहुत सारे विटामिन बी काम्प्लेक्स पायें जाते हैं। आधा कप उबले सोयाबीन खाने से 44 प्रतिशत आयरन प्राप्त होता है साथ ही इससे कैल्शियम, मैग्नीशियम, जिंक, थाइमाइन, निआकिन, राइबोफ्लेविन और विटामिन बी 6 की मात्रा प्राप्त होती है।

सोया में एंटी ऑक्सीडेंट के साथ साथ कैंसर प्रतिरोधक तत्व पर्याप्त मात्रा में पायें जाते हैं।  आइये विस्तार से इसके अन्य गुणों पर भी नजर डालें –

  • सोयाबीन परिवार के लिए एक उत्तम आहार है खासतौर पर बढ़ते हुए बच्चों, बुढो, मधुमेह, दिल के रोगियों और मोटापा घटाने के इच्छुक व्यक्तियों के लिए बहुत ही उपयोगी है।
  • दिन में कम से कम एक बार सोयाबीन के आटे से बनी हुई चपाती खानी चाहिए। इससे आपका पेट साफ़ हो जाता है और साथ ही आप एसिडिटी से भी बचे रहते हो।
  • सोयाबीन के आटे से बना हुआ हलवा प्रतिदिन खाने से आपका दिमाग तेज होता है
  • कमजोरी होने पर अंकुरित सोयाबीन चबाने और उसके साथ ही सोयाबीन युक्त आहार का सेवन करने से कमजोरी दूर हो जाती है।
  • सोयाबीन शरीर का विकास करने वाले प्रोटीनों एंव खनिजों से भरपूर होता है
  • डायबीटीज से ग्रस्त मरीजों के लिए सोयाबीन का आटा बहुत उपयोगी होता है।
  • सोयाबीन का सेवन करने से एक्जिमा रोग नहीं होता। इसके साथ ही इसका सेवन करने से चेहरे पर कील मुंहासे, दाग धब्बे नहीं होते।
  • दूध पिलाने वाली माताओं के लिए सोयाबीन सेवन बहुत लाभकारी होता है।

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