सिल बट्टा पर मसाले पीसने के फायदे

सिल बट्टा पर मसाले पीसने के फायदे जाने क्यूंकि इस तरह से आप बिजली तो बचा ही सकते हैं साथ ही सब्जी भी स्वादिष्ट बनती है, grind stone health benefits in hindi

आज हम आपको सिल बट्टा पर मसाले पीसने के फायदे के बारे में बतायेंगें। पहले लोग मसालों को पिसने के लिए किसी ग्राइंडर, ब्लैडर और मिक्सी को उपयोग में नहीं लाते थे। बल्कि वो मसाले को पीसने के लिए ओखली मसूल या सिल बट्टा का प्रयोग करते थे। बेशक उस समय मसाला पीसने में मेहनत और समय दोनों ही बहुत अधिक लगता था।

लेकिन उस समय उनके खाने में जो स्वाद आता था वो आज के खाने के कहीं दूर दूर तक नजर नहीं आता। इसका कारण यह कि आज कम सिल बट्टा का उपयोग नहीं बल्कि मिक्सर को मसाले पिसने के लिए उपयोग में लाते हैं इससे मसाले झटपट से पीस तो जाते हैं लेकिन मसालों का स्वाद खत्म हो जाता है।

सिल बट्टा पत्थर से बनता है और पत्थर में सभी प्रकार की खनिजों की भरपूर मात्रा पाई जाती है। यहीं कारण हैं कि सिल बट्टा पर पीसा हुआ मसाला अधिक स्वादिष्ट होता है। आज हम आपको सिल बट्टा पर मसाले पीसने के क्या क्या फायदे होते हैं इस  बारे में जानकारी देंगें।

सिल बट्टा पर मसाले पीसने के फायदे

1. टेस्ट को बढायें

जब आप सिल बट्टा या ओखली मसूल में मसाले को पीसते तो इसकी खुशबु भी मसालें में मिल जाती है जिसके कारण मसाले का टेस्ट ओर अधिक बढ़ जाता है। इसका कारण यह हैं कि ये जड़ी बूटियों और मसाले में तेल जारी करती है। जिससे इनका स्वाद और ज्यादा बढ़ जाता है।

2. साबुत मसाले पीसें जाते हैं

जब आप ब्लैडर को प्रयोग में लाते हो तो आपको चीजों को काटकर पीसना पड़ता है। जबकि सिल बट्टा पर सब चीजों को साबुत ही पीसा जाता है। जिससे चीजों के तेल और फाइबर भी पिसें जाते हैं। यहीं कारण हैं कि सिल बट्टा पर तैयार चटनी ग्राइंडर की चटनी से अधिक स्वादिष्ट होती है।

3. गर्मी को पैदा नहीं होने देता

जब आप इलेक्ट्रिक ब्लैडर को मसाले पीसने के लिए प्रयोग में लाते हो तब उसमें गर्मी पैदा हो जाती है। जिससे उसका स्वाद बदल जाता है। जब आप ब्लेंडर में अदरक को पीसते हो तो गर्मी के कारण लहसुन का स्वाद कडवा हो जाता है। जबकि सिल बट्टा पर गर्मी पैदा नहीं होती।

4. एक्सरसाइज

यह जाहिर सी बात है कि जब आप सिल बट्टा या ओखली पर अधिक देर तक अपने हाथों को चलाते हो तो इससे आपकी आसी खासी एक्सरसाइज भी हो जाती है। आपकी दादी के हाथ, कंधे और बाहें मजबूत होने का एक मुख्य कारण यह भी हैं। जब सिल बट्टे पर काम करते समय आपकी एक्सरसाइज होती हैं। तब आपका पेट बाहर की तरफ नहीं निकलता।

5. हाथों का इस्तेमाल

ब्लैडर में आप चीजों को डालकर दो मिनट में पीस लेते हो जबकि सिल बट्टा या ओखली मसूल में आपको काफी देर तक अपने हाथों को चलाना पड़ता है। इसके आपको यह पता रहता हैं कि खाने में आपको कैसा मसाला चाहिए। आप उसे अपने जरूरत के अनुसार बना सकते हो।

6. बिजली की बचत

जब आप सिल बट्टे पर मसाले पिसते है तब आपको ब्लैडर की आवश्यकता नहीं होती। जिससे आपकी बिजली की भी बचत हो जाती है।

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