सकारात्मक सोच लाने के उपाय

आज हम सकारात्मक सोच लाने के उपाय के बारे में जानकारी प्राप्त करेगें साकारात्मक सोच से न केवल शरीर में उर्जा का संचार होता है लेकिन  हमारा मन हमेशा ही नकारात्मक विचारों के बारे में ही सोचता रहता है। क्योंकि इंसान के जीवन में जो कुछ बुरा घटता है वह हमेशा उन्ही बातों को लेकर परेशान रहता है।

कुछ लोग तो ऐसे होते हैं जो अपने भविष्य को लेकर परेशान होते हैं। वो लोग  बेवजह ही गलत सोचने लगते हैं। जिससे उनकी सेहत और उम्र दोनों पर ही गहरा असर पड़ता है साथ ही उनकी उम्र घटना शुरू हो जाती है। कैसे रहें हमेशा सकारात्मक आपको करने हैं बस ये उपाय जो आपको नकारात्मक प्रवृति से निकालकर आप में उर्जा और सकारात्कता को विकसित करेगें।

साकारात्मक विचार के जरूरी है कि आप शांत रहें और अपने गुस्से को काबू में रखें आइये विस्तार से जानते हैं सकारात्मक विचार लाने के उपाय के बारे में
सकारात्मक सोच बनाने के उपाय
सबसे पहले आप अपने को नियंत्रित रखकर किसी के उसकावे या कहने पर भी आप अपने को शांत चित रखें। यह थोड़ा सा मुशकिल है पर आदत बनाने से आपको इसका काफी फायदा होगा। घर की जिम्मेदारी हो या ऑफिस  की ये कभी खत्म नहीं होती हैं। इसलिए आपको इनमें तालमेल बैठाकर अपने मन को शांत रखना है।

कोई चाहे कितना भी आपको उसकायें आपको शांत रहकर ही उसका जवाब देना है। एक सुकून का भाव आपको जगाना पड़ेगा। इतना ही नहीं हमेशा आप आपने आप को व्यस्त रखें। क्योंकि खाली दिमाग शैतान का घर होता है। आप एक कार्य को पूरा करने के बाद थोड़ा बे्रक लें फिर दूसरा काम करें।
यदि आप घर पर ही रहते हो तो अपने को व्यस्त रखने के लिए घर का कार्य, टी वी देखना, किताबे पढ़ना, गाने सुनना आदि कर सकते हो। क्योंकि जितना खाली रहोगे गलत विचार आपको परेशान करेगें।

गुस्से को सकारात्मकता में बदलें

यदि आप किसी कारण से  गुस्सा या निराशा हो तो इसको तुरंत ही सकारात्मकता में बदल दो। जैसे किसी काम पर आपको गुस्सा आता हो तो आप ये सोंचे यदि कोई दूसरा भी मेरी जगह होता तो शायद उस के मन में  भी यही विचार आता। इसलिए गुस्से को सकारात्मक भाव में बदलें।

घर हो चाहे ऑफिस  टेंशन से दिमाग खराब हो ही जाता है। लेकिन अपने मन में हमेशा यही सोचें जो होता है अच्छे के लिए ही होता है। शायद उपर वाले की यही मर्जी हो। बदलें अपने गुस्से और निराशा को उच्छाइयों में बदले। अपनी दिनचर्या बनाएं और उसी के हिसाब से चलें। तो आपको कभी भी गलत विचार नहीं आएंगे। साथ ही आप अपने गुस्से को काबू करना भी सीख जाओगे

समस्या का हल आपके पास
अगर आप किसी समस्या से झुलस रहे हैं तो उसका  हल आपके पास ही होता है बस आपको उसे समझें की देर हैं । डरें नहीं कई बार बेवजह की उलझनें दिमाग को खराब करती है। और आपको निराश भी। समस्या का हल की वजह खोजें। और उन गलतियों पर विचार करें जिसकी वजह से परेशानी हुई है। आपको तुरंत उन कमजोर बिंदुओं पर काम करना है। और फिर से अपने को मजबूत बनाना है। घबराएं नहीं बस यही विचार करें की परेशानी तो है ही नहीं। बस थोड़ी सी कमजोरी थी जो मैनें दूर कर दी। हमेशा अच्छा बोलें और सोचें।

बेवजह पेरशान न हों
बेवजह ही परेशानियों और उलझनों से दूर रहें। क्योंकि कभी कबार किसी दूसरे की समस्या से आप परेशान हो जाते हो। और बाद में पता चलता है कि दूसरा व्यक्ति तो ठीक है और हम बेवजह की टेंशन ले रहें हैं। जब तक खास जरूरी न हो दूसरे की बातों पर या उसकी परेशानी पर आप ध्यान न दें।
यदि बार-बार काम करते वक्त आपको भविष्य की टेंशन या नकारात्मक विचार आते हों तो आप जो काम कर रहे हो उसे थोड़ी देर के लिए बंद कर दें और अपने दिमाग को शांत रखने के लिए अपने विचारों को किसी सुंदर सी प्राकृतिक और शांत माहौल वाली जगह पर ले जाएं। और उस सुखद विचार का उनुभव करें। इस बात का ख्याल रखें आप हर दिन पहले से ज्यादा खुश और मजबूत हैं।

बिती बात बिसारिये आगे कि सुत लेय। यह बात दिमाग में रखें। जो हुआ अच्छा हुआ और जो होगा वो भी अच्छा ही होगा। इस बात को सोचने से मानसिक रूप से तनाव नहीं होगा और आप परेशान भी नहीं होगे।

नशीली चीजों और धूम्रपान का प्रयोग बंद कर दें यह आपको टेंशन और नकारात्मक चीजों से मुक्ति नहीं देती ब्लकी धीरे-धीरे आपकी सेहत को घटा देती है जिसकी वजह से इंसान बीमारी से ग्रसित हो जाता है।

योग और ध्यान में एैसी शक्ति है जो बड़े से बड़े नकारात्मक विचारों को खत्म कर देती है और आपके मन में शांति और उर्जा को पैदा करती है। जितना हो सके ध्यान लगाएं। योग करें और खूब हंसे। हंसने की आदत डालें।

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