पित्त की पथरी के कारण, लक्षण और घरेलू उपचार

पित्त की पथरी के कारण, लक्षण और घरेलू उपचार जाने विस्तार में ताकि आप को इसके दर्द का सामना न करना पड़े, pit ki pathri ke karan lakshan aur gharelu upay in hindi

पित्त में पथरी का होना आज के समय में बहुत ही आम बात है। पित्त की पथरी कोलेस्ट्रोल के जमने या सख्त होने के कारण होती है। पित्ताशय हमारे शरीर का छोटा सा अंग होता है, जो गुर्दे के निचे वाली सतह पर होता है। इसमें जब कोलेस्ट्रोल जमने लगता है तो हमें अक्सर पथरी की शिकायत हो जाती है। देखा जाएं तो अस्सी प्रतिशत पथरी की शिकायत कोलेस्ट्रोल से ही है। ऐसे में रोगी को असहनीय दर्द का सामान करना पड़ना है कई बार उल्टी भी हो सकती है। रोगी को खाना पचाने में दिक्कत आने लगती है। जिसके कारण पेट में अपच और भारीपन रहता है।

पित्त की पथरी होने पर ऑपरेशन की सलाह दी जाती है। लेकिन यदि आप ऑपरेशन से पहले कुछ घरेलू उपाय अपनाते हैं तो यह भी संभव है कि आपकी पथरी गल जाएं। यह घरेलू उपाय न केवल आपकी पथरी को गलाते हैं बल्कि आपकी पाचन शक्ति को भी दुरुस्त होती है। आइये जानते हैं पित्त की पथरी के कारण, लक्षण और घरेलू उपचार के  बारे में।

पित्त की पथरी के लक्षण

  • पेट के समीप पीठ में बहुत जोर का दर्द होना,
  • बुखार आना, कंपकंपी होना,
  • पसीना आना,
  • गैस होना,
  • चक्कर आना
  • जी मचलना या उल्टी आना,
  • अधिक वजन होना,
  • त्वचा या आंखो का सफेद या पीला होना आदि ।

पित्त की पथरी के कारण

पित्ताशय की पथरी का होने के कई कारण हो सकते है जैसे कि,

  • खाने में दिक्कत होना जो कार्बोहाइड्रेट लेने से होती है,
  • वसा युक्त भोजन खाने से,
  • कच्चे चावल, मिट्टी, चाक,आदि का सेवन करना,
  • उच्च कौलोरी युक्त भोजन करना,
  • मोटापा होना,
  • आहार में विटामिन सी की कम मात्रा लेना आदि।

पित्ताशय की पथरी के घरेलू उपचार

आप ने अक्सर इस बारे में सुना होगा की पित्त की पथरी को दूर करने के लिए इसका ऑपरेशन करवाना बहुत ही जरूरी है लेकिन जब हम ऑपरेशन से पहले घरेलू उपाय अपनते हैं तो संभव है कि पथरी गल जाए और हमारे पाचन को दुरुस्त करके दर्द भी ठीक हो जाये। आइए जानते हैं उन घरेलू नुस्खो के बारे में जिनसे पथरी से राहत मिलती है।

#1 हल्दी

हल्दी में एंटी ऑक्सीडेंट और एंटी इन्फ्लेमेट्री गुण होते हैं। हल्दी पथरी के लिए उत्तम घरेलू उपचार है। हल्दी पित्त, पित्त यौगिकों और पथरी को आसानी से विघटित कर देती है। ऐसा माना जाता है कि एक चम्मच हल्दी लेने से लगभग 80 प्रतिशत पथरी खत्म हो जाती है।

#2 सेब का जूस और सिरका

सेब बहुत ही गुणकारी फल होता है इसमें पित्त की पथरी को गलाने वाले गुण भी पाए जाते हैं। लेकिन इसका असर तब अधिक होता है जब हम इसे सेब के सिरके के साथ लेते हैं। क्योंकि सेब के सिरका लीवर में कोलेस्ट्रोल को नहीं बनने देता, जो शरीर में पथरी बनने के लिए जिम्मेदार होते हैं। इसके लिए एक गिलास सेब के जूस में एक चम्मच सिरका मिलाकर दिन में दो बार लेने से पित्त की पथरी में लाभ होता है।

#3 विटामिन सी

विटामिन सी शरीर के कोलेस्ट्रोल को पित्त अम्ल में परिवर्तित करती है जो आपकी पथरी को विघटित करता है।

#4 सिंहपर्णी

सिंहपर्णी के पत्ते लीवर का समर्थन, मूत्राशय के कामकाज में सहायता, पित्त उत्सर्जन को बढ़ावा और विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करते हैं। इसके लिए एक कप पानी में एक बडा चम्मच सिंहपर्णी के पत्तों का मिलाएं। फिर इसे अवशोषित करने के लिए पांच मिनट के लिए रखें। अब इसमें एक चम्मच शहद का मिला लें ध्यान रहें कि इस उपचार का प्रयोग मधुमेह के रोगी न करें।

#5 इसबगोल

एक उच्च फाइबर आहार, पित्ताशय की थैली की पथरी के इलाज के लिए बहुत ही आवश्यक है। इसबगोल घुलनशील फाइबर का अच्छा स्त्रोत होने के कारण पित्त में कोलेस्ट्रोल को बाधता है और सतह ही पथरी के गठन को रोकने में मदद करता है। आप इसका सेवन अन्य फाइबर युक्त भोजन के साथ या फिर रात को बिस्तर पर जाने से पहले एक गिलास पानी के सतह कर सकते हैं।

 #6 नाशपाती का जूस

नाशपाती के आकार की पित्त की थैली की पथरी को नाशपाती के द्वारा ठीक किया जा सकता है। नाशपाती में गुणों की खान होती है जो हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत ही लाभकारी होते हैं। पित्त क पथरी को दूर करने के लिए एक गिलास गर्म पानी, एक गिलास नाशपाती का जूस, और दो चम्मच शहद मिलाकर दिन में तिन बार पीने से पथरी को दूर किया जा सकता है।

#7 चुकन्दर, खीरा, और गाजर का जूस

एक चुकन्दर, एक खीरा, और चार गाजर लेकर जूस तैयार करें और दिन में दो बार सेवन करने से राहत मिलती है। क्योंकि चुकन्दर से शरीर को मजबूती के साथ साथ लीवर के कोलोन को भी साफ़ करता है, खीरा में मौजूद अधिक पानी की मात्रा होती है और गाजर में विटामिन सी के साथ उच्च पोषक तत्व होते हैं जो हमारे स्वास्थ्य के लिए गुणकारी होते हैं।

#8 वाइन

शोधकर्ताओं ने पाया कि आधा गिलास वाइन पित्त की पथरी के हमलों को लगभग चालीस प्रतिशत तक कम कर सकता है। इसलिए वाइन के एक गिलास को आप अपने दिनचार्य में शामिल कर सकते हैं। परन्तु इससे अधिक नहीं।

#9 पुदीना

पुदीने को पाचन के लिए सबसे अच्छी औषधीय के रूप में माना जाता है। इसलिए यह पथरी को गलाने में भी सहायक होती है। इसके लिए पानी में पुदीने की पत्तियों को उबालें और जब आधा रह जाए तो इसे छान कर इसमे शहद मिला कर पी लें।

#10 नींबू का रस

नींबू का रस या फिर अन्य कोई खट्टे फलों का रस पित्ताशय में कोलेस्ट्रोल को जमा होने से रोकने में मदद करते हैं तथा इस प्रकार पथरी बनने से बचाव करते हैं। पथरी के उपचार के लिए दिन में तीन बार नींबू के रस का सेवन जरुर करना चाहिए।

#11 खान पान और दिन चार्य में बदलाव

पित्त की पथरी से राहत पाने के लिए सबसे पहले अपने खान पान की तरफ ध्यान दें। हर रोज दिन में आठ से दस गिलास पानी का सेवन करें और वसायुक्त भोजन के साथ  साथ तेज मसाले वाला खाना खाने से बचें। इसके साथ ही दिन में दो बार कॉफी का सेवन आवश्य करें और विटामिन सी की मात्रा को अपने खाने में बढ़ाएं।  जितना हो सकें विटामिन सी से भरपूर चीजों का सेवन करें और इसके साथ ही हल्दी, सौंठ, काली मिर्च, और हींग को अपने खाने में अवश्य शामिल करें।

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