पेट में गैस बनने की वजह और घरेलू आयुर्वेदिक इलाज

पेट में गैस बनने की वजह और घरेलू आयुर्वेदिक इलाज

आज हम बात करेगें पेट में गैस बनने की वजह और बचने के उपाय के बारे में। देखा जाएँ तो बहुत से लोगों में गैस की समस्या देखने को मिलती है, लेकिन कई बार वो इस प्रोब्लम को बहुत ही मामूली समझते हैं। जिसके कारण वो इसे अनदेखा कर देते हैं या फिर इस पर किसी प्रकार की चर्चा करने से हिचकिचाते हैं।

जब भी इन्सान को गैस की समस्या से गुजरना पड़ता हैं तब उसे साथ में कई परेशानियों का सामना भी करना पड़ता है जैसे कि भूख का कम होना, चेस्ट पेन, साँस लेने में दिक्कत आदि। अगर गैस होने की वजह के बारे में पता हो तो इससे आसानी से ठीक किया जा सकता है। तो चलिए इस आर्टिकल के द्वारा जाने गैस बनने की वजह और बचने के उपाय के बारे में।

पेट में गैस होने की वजह

1. बैक्टीरिया

जब पेट में अच्छे और खराब बैक्टीरिया का बैलेंस बिगड़ जाता है तब गैस बनने लगती है कई बार ये असंतुलन किसी बीमारी या फिर लहसुन के साइड इफ़ेक्ट के कारण भी हो सकती है। प्याज, बीन्स जैसी सब्जियां भी अच्छे और खराब बैक्टीरिया का बैलेंस बिगाड़ने के लिए जिम्मेदार होती है। इसलिए अगर आप गैस से परेशान हो तो इन चीजों का सेवन बहुत ही सावधानी के साथ करें।

2. डेयरी प्रोडक्ट्स

जैसे जैसे उम्र बढ़ती हैं वैसे वैसे खाना पचाने की शक्ति भी कमजोर होने लगती है। ऐसे में दूध और दूध से बनी हुई वस्तुएं सही ढंग के साथ डायजेस्ट नहीं हो पाती। जिसके कारण गैस बनने लगती है।

3. कब्ज

कब्ज की समस्या होने पर बॉडी के टाक्सिन्स ठीक तरह से बाहर नहीं आ पाते। जिसके कारण गैस की समस्या उत्पन्न होने लगती है। इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए दिन में कम से कम आठ से दस गिलास पानी का सेवन करना चाहिए और साथ ही फाइबर वाले फ्रूट्स की मात्रा बढ़ा देनी चाहिए।

4. फ़ूड एलर्जी

कुछ लोगों को ब्रेड और पिज्जा जैसे खाद्य पदार्थों को पचाने में परेशानी होती है। इसकी एलर्जी होने की वजह से गैस बनना शुरू हो जाती है। इसलिए आपके लिए बेहतर होगा कि मैदे से बनी हुई चीजे, जंक फ़ूड और बाहर का तला हुआ खाना खाने से बचें।

5. हार्मोंस में बदलाव

महिलाओं में मेनोपॉज के बाद और पुरुषों में 50 की उम्र के बाद हारमोंस में बदलाव आना शुरू हो जाते है। जिसका असर डायजेशन पर भी पड़ता है इसलिए बहुत जरूरी है कि आप इस उम्र में संतुलित भोजन खाएं। कुछ भी ऐसा न खाएं जिससे आपका हाजमा बिगड़ जाएं संतुलित खाने के साथ रोजाना तीस मिनट की एक्सरसाइज करें। आप चाहे तो शुरुआत जागिग से कर सकते हैं।

6. एंटीबायोटिक्स

कुछ एंटीबायोटिक्स के साइड इफ़ेक्ट से पेट में अच्छे बैक्टीरिया कम होने लगते हैं। जिससे डायजेशन बिगड़ जाता है और गैस बनना शुरू हो जाती है। अगर एंटीबायोटिक्स लेने के बाद गैस की प्रॉब्लम आती है तो डॉक्टर की सलाह से उसकी दवा लेनी शुरू कर देनी चाहिए।

7. जल्दी जल्दी खाना

कई बार हम इतनी जल्दी में होते हैं कि हम खाना सही तरीके के साथ चबा कर नहीं खाते जिसके कारण गैस की समस्या उत्पन्न होने लगती है। इस परेशानी से बचने के लिए खाने को आराम से चबाकर खाएं ताकि वो आसानी से पच जाएं।

8. नानवेज फ़ूड

अगर गैस की प्रोब्लम बहुत अधिक परेशानी करती है तो आपको नानवेज खाना बंद कर देना चाहिए क्योंकि इसे पचाने में बहुत अधिक समय लगता है। खासतौर पर मटन को अगर आप रात को नानवेज खाने से बचना चाहिए। यदि आप नानवेज के बिना नहीं रह सकते। अगर आप नानवेज खा रहे हो तो इसका सेवन कम मात्रा में करें और इसे डिनर के बजाय लंच में लें।

पेट में गैस से बचने के उपाय

  • गैस से बचने के लिए एक चम्मच अजवाइन के साथ चुटकी भर काला नमक भोजन करने के बाद चबाकर खाने से पेट की गैस शीघ्र ही निकल जाती है।
  • अदरक और नींबू का रस का एक एक चम्मच लें अब उसमें थोडा सा काला नमक मिलाकर भोजन के बाद दोनों समय लें। इससे आपकी गैस की सारी तकलीफें दूर हो जाती है और साथ ही आपका खाना भी ठीक से हजम हो जाता है।
  • जब भी आप भोजन करते हैं तब अगर आप बीच बीच में लहसुन, हींग थोड़ी मात्रा में खाते हो तो आपको गैस की समस्या से छुटकारा मिलता है।
  • हरड, सोंठ का पाउडर आधा आधा चम्मच की मात्रा में लेकर उसमें थोडा सा सेंधा नमक मिलाकर भोजन के बाद पानी से सेवन करने से पाचन ठीक होता है और साथ ही पेट की गैस की समस्या से भी छुटकारा मिलता है।
  • नींबू का रस और मूली का सेवन करने से गैस की समस्या से निजात मिलती है और साथ ही इससे पाचन क्रिया में भी सुधार आता है।
  • पेट की गैस को दूर करने के लिए गाजर के रस का सेवन करना बहुत ही लाभकारी होता है। इससे गैस की समस्या से तो छुटकारा मिलता ही है साथ ही रक्त की अशुद्धि भी दूर होती है। खराब पाचन क्रिया को ठीक करने के उपाय
  • थोडा सा सेंधा नमक तथा कालीमिर्च और लौंग चार चार पीसकर आधी कटोरी पानी में उबालकर पीने से पेट की गैस में आराम मिलता है।
  • गैस से छुटकारा पाने के लिए पांच ग्राम अजवाइन, दस कालीमिर्च और दो पीपल के पत्तों को शाम के  समय पानी में भिगों दें और सुबह इसे पीसकर शहद में मिलाकर 250 मिली पानी के साथ सेवन करें। इससे आपको बहुत ही फायदा प्राप्त होगा।
  • अदरक का रस, नींबू का रस और शहद को छ: छ: ग्राम की मात्रा में लें। इसका सेवन दिन में तीन बार करने से आपको गैस से छुटकारा मिलता है।
  • जब भी आपको गैस की शिकायत होती है तब भुनी हुई हींग पीसकर सब्जी में डालकर खाएं। इससे आपको फायदा मिलेगा।
  • 125 ग्राम दही के मट्ठे में अजवाइन दो ग्राम और आधा ग्राम काला नमक डालकर अच्छे से मिलाएं और भोजन के पश्चात इसका सेवन करने से पेट की गैस, अफारा, कब्ज आदि में बहुत लाभ मिलता है।
  • गैस होने पर लहसुन की एक से दो कलियों को छीलकर, बीज निकाली हुई मुनक्का में लपेटकर भोजन के पश्चात थोडा सा चबाकर निगल लें। यह पेट की गैस का एक अचूक उपाय है।
  • गैस की समस्या होने पर हरड बहुत ही फायदेमंद साबित होती है। इसलिए गैस को दूर करने के लिए तीन छोटी हरड मुंह में डालकर चूसते रहना चाहिए।

पेट में गैस का आयुर्वेदिक इलाज

  • गैस को दूर करने के लिए छिलका रहित लहसुन 10 ग्राम, जीरा, शुद्द गंधक, सोंठ, सेधा नमक, कालीमिर्च, पिप्पली और घी में भुनी हुई हींग प्रत्येक को पांच पांच ग्राम लें। अब इसको पीसकर उसमें थोड़ा सा नींबू रस डालकर चने के आकार की गोलियां बनाकर सुरक्षित रख लें। इन गोलियों का सेवन भोजन के पश्चात करें। आपको फर्क खुद ही नजर आने लगेगा।
  • एक सेब छीलकर इसके इर्द गिर्द जितनी भी लौंगें आ सकें। उन्हें चुभा दें फिर उस सेब को चालीस दिन तक किसी सुरक्षित स्थान पर रख दें। इसके बाद इन लोंगों को निकालकर किसी साफ़ स्वच्छ शीशी में रख लें। भोजन के पश्चात दिन में दो बार एक एक लौंग चूसने से पेट के सभी रोगों और पेट की गैस से भी मुक्ति मिल जाती है। यह पेट की गैस से छुटकारा पाने का एक रामबाण इलाज है।
  • 3 ग्राम कालीमिर्च और 6 ग्राम मिश्री पीसकर लेने से अफारा मिट जाता है। ध्यान रखें की इसके ऊपर से पानी का सेवन न करें यह भी एक अच्छी गैस की दवा है।

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