डिप्रेशन के लक्षण – बच्चों में

जहां एक समय था डिप्रेशन केवल बड़ों में ही देखा जाता था। लेकिन आजकल बच्चों में भी तनाव की समस्या देखने को मिल रही है। इसके लिए जरूरी है कि आप अपने बच्चों की आदतों और व्यवहार में होने वाले बदलावों पर ध्यान दें। जिससे आपको सही समय पर बच्चों को होने वाली टेंशन का पता चल सके और सही समय उनका इलाज करवा सकें। हाल ही में हुए शेध में बच्चों को होने वाले डिप्रेशन के कई कारण सामने आए हैं। जिससे बच्चे का जीवन प्रभावित होता है। आइये जानते हैं बच्चों में होने वाले तनाव के कारणों और उपचार के बारे में हैं।
बच्चों में टेंशन  के कारण

पढ़ाई का प्रेशर।
दोस्तों का प्रेशर।
मां.पिता के बीच होने वाले झगड़ों को देखना।

बच्चों में डिप्रेशन के लक्षण
बड़ों में डिप्रेशन और बच्चों में होने वाले डिप्रेशन में अधिक अंतर नहीं होता है। यानि की डिप्रेशन के लक्षण एक जैसे ही होते हैं।

गुमसुम यानि चुप रहना।
ज्यादा चिल्लाना।
बच्चों का झगडालू होना।
गुस्सा अधिक आना।
जिद्दी होना।
अधिक रोना।
खेलने में मन न लगना। आदि।
यदि इनमें से कोई लक्षण बच्चे में नजर आए या बच्चे के व्यवहार में कुछ बदलाव आए तो माता.पिता इन बातों पर जरूर गौर करें। और बच्चे को प्यार से समझाएं या उसे किसी मनोवैज्ञानिक चिकित्सक के पास लें जाएं। बच्चों में होने वाले डिप्रेशन को दूर करने के लिए यह जरूरी नहीं है दवाइयों के सहारे उनके तनाव को दूर किय जाए।

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