डेंगू बुखार के लक्षण, कारण और उपचार

विस्तार में जानें डेंगू बुखार के बारे के में जाने लक्षण, कारण और घरेलू उपचार ताकि आप पा सकें इस बीमारी से निजात, dengue fever symptoms and home remedies in hindi

डेंगू बुखार एक ऐसा संक्रमण रोग होता है जो मच्छरों द्वारा पैदा होता है। ऐसे मच्छर गंदे पानी में नहीं, बल्कि साफ़ पानी से पैदा होते हैं, जो मच्छर साफ पानी में पैदा होते हैं। उन्हें डेंगू मच्छर के नाम से जाने जाते हैं। जब डेंगू मच्छर काटता है तब बुखार हो जाता है। इस तरह के बुखार का सामना अक्सर बरसात के दिनों में करना पड़ता है।

अगर आप डेंगू जैसे बुखार से बचना चाहते हैं तो घर में रखें हुए पानी को बदलते रहना चाहिए। इसके साथ ही गमलों, ट्यूबो, कूलरों  में पानी को जमा नहीं होने देना चाहिए। क्योंकि इस पानी में मच्छर पैदा होता है। आइये जानते हैं डेंगू बुखार के लक्षण, कारण और उपचार के बारे में।

डेंगू बुखार के लक्षण

डेंगू बुखार भी और बीमारियों की तरह ही होता है इसलिए हम इसका सही से अनुमान नहीं लगा सकते। अधिकतर मामलों में डेंगू बुखार में रोगी को तेज बुखार हो जाता है। साथ ही रोगी की नाक बहने, सिरदर्द, आखों में दर्द, जोड़ों में दर्द आदि से भी गुजरना पड़ सकता है। इसके साथ कई बार पेट खराब, उल्टी, दस्त अदि का भी सामना करना पड़ सकता है।

डेंगू के कारण

बीमारी की जो मुख्य जड़ होती है वो है संक्रमण। यह वायरस की तरह एक व्यक्ति से दुसरे व्यक्ति में आसानी से चला जाता है। डेंगू बुखार का कारण भी कुछ इसी प्रकार से है। अगर देखा जाए तो यह बीमारी मच्छर के काटने से होती है। लेकिन इसका मुख्य कारण जहरीले जीवाणु को मानव के शरीर तक पहचाना होता है। यह अलग अलग स्तिथियों में हमें अक्सर देखने को मिला है जैसे कि :-

देखा जाए तो डेंगू बुखार तब होता है तब उस मच्छर ने पहले किसी डेंगू वाले मरीज को काटा हो।

यह बरसात के मौसम में फैलने वाली बिमारी होती है क्योंकि इन दिनों में पानी अधिकतर मात्रा में जमा रहता है। जिसके कारण यह मच्छर अधिक मात्रा में पैदा होते हैं।

डेंगू अधिकतर मात्रा में उन लोगों को होता है जो अक्सर बीमार रहते हो अर्थात जिनमें रोग सहने की क्षमता कम हो।

अगर डेंगू वाले मरीज की सही से देखभाल न की जाए तो उसकी मृत्यु भी हो सकती है।

डेंगू में उपचार

पपीते के पत्ते

डेंगू बुखार होने पर पपीते के पत्ते बहुत फायदेमंद होते हैं। डेंगू के मरीज को पपीते की पत्तियों का रस निकालकर दिन में तीन से चार बार देने से डेंगू बुखार उतर जाता है।

आंवला

आंवला में विटामिन सी की भरपूर मात्रा होती है। इसका सेवन करने से हमारी भूख बढ़ती है। डेंगू में आंवला बहुत फायदेमंद होता है।

एलोवेरा

एलोवेरा का सेवन करने से हमारी पाचन शक्ति मजबूत होती है। जिससे हमारी भूख बढ़ती है। जिससे हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक बढ़ती है। जिससे हम आसानी से बीमारी से लड़ सकते हैं।

तुलसी के पत्ते

डेंगू होने पर तुलसी के पत्तो को उबालकर पीना चाहिए। इसके इलावा इसका सेवन सर्दी, जुकाम और खांसी में भी लाभदायक होता है।

अनार का जूस

डेंगू में अनार का जूस बहुत ही फायदेमंद होता है। इससे खून की कमी पूरी होती है इसलिए डेंगू बुखार होने पर अनार का जूस पीना चाहिए।

डेंगू के अन्य उपचार

  • डेंगू से बचने के लिए घर में तुलसी का पौधा लगाना चाहिए।
  • 25 ग्राम ताजी गिलोय का तना लेकर उसे पिस लें उसमें तीन से चार युलसी के पत्ते, काली मिर्च के दो से तीन दाने, लेकर एक लिटर पानी में उबाले इसे तब तक उबाले जब तक इस पानी का चौथा हिस्सा न रह जाए फिर इसका सेवन करें आप को डेंगू बुखार से राहत मिलेगी।
  • नीम की पत्तियों को सुखा कर उसमें कपूर को डाल ले। फिर उसकी धुनी अपने पुरे घर में करें ऐसा करने से हम डेंगू बुखार से राहत पा सकते हैं क्योंकि ऐसा करने से घर में छिपे हुए मच्छर भी बाहर निकल जाते है।
  • मौसम भले ही कोई भी हो हमेशा साफ़ सफाई रखनी चाहिए लेकिन बरसात के दिनों में सफाई पर अधिक ध्यान देना चाहिए। इसके लिए घर और आस पास में पानी को जमा नहीं होने देना चाहिए।
  • घर में भरे हुए पानी के बर्तनों को हमेशा ढक कर रखें।
  • घर में रखें हुए गमलें, कूलर का पानी हर रोज बदले।
  • ऐसे कपड़ो को पहने जिस से आप का शरीर को ढका जा सकें।
  • मच्छर के बचाव के लिए मच्छर रोधी क्रीम, स्प्रे आदि का प्रयोग करना चाहिए।

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