छींक आने पर घरेलू उपचार

छींक आने पर घरेलू उपचार जाने क्यूंकि सर्दियों में फ्लू या सर्दी लग जाने पर अक्सर हमे छीकें आती हैं, home remedies for sneezing in hindi

आज हम छींक आने पर घरेलू उपचार के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे। देखा जाएं तो सर्दीयों और बरसात के मौसम में छींक का आना एक सामान्य समस्या होती है। परन्तु कई बार खांसी के साथ आपको छींकने की समस्या को भी झेलना पड़ता है। जिसके कारण आपको बहुत परेशानी होती है कई बार आप किसी सामाजिक कार्यक्रम में होते हैं।

जहां पर आपके सभी दोस्त और सहकर्मी भी आएं होते है जब ऐसे कार्यक्रम में आपको छींक आने लगती है। तब आपका सारा मजा बिगड़ जाता है छींक आना एलर्जी की वजह भी हो सकती है। जिन लोगों को धूल से परेशानी होती है वे अक्सर छींकने की समस्या से पीड़ित होते हैं। ऐसे में आपको चाहिए की आप जब भी धूल या गंदगी वाली जगह से गुजरे उससे पहले अपना नाक और मुंह अच्छे से ढंक लें।

इस प्रकार से आप काफी हद तक छींक से बचे रह सकते हैं। छींक आने के बहुत से कारण हो सकते हैं जैसे एलर्जी, धूल, धुआ, लकड़ी का बुराद, पशुओं की महक आदि। इसके इलावा छींक आने के कुछ कारण ओर भी होते हैं जैसे भोजन की एलर्जी, कुछ दवाओं, बारिश का पानी, ठंडा मौसम, तापमान में बदलाव आदि छींकना जीवन में अक्सर कुछ समस्याओं को लेकर आता है जैसे एकाग्रता, लाल आँखें, नाक का बहना, नाक में खुजली, बुखार, सिरदर्द आदि।

ऐसे में आप कुछ घरेलू उपचार भी कर सकते हैं जैसे मेथी के बीज का इस्तेमाल, कैमोमाइल चाय, अदरक का इस्तेमाल, काली मिर्च का इस्तेमाल आदि। आइये विस्तार से जाने छींक आने के घरेलू उपचार के बारे में।

छींक आने पर घरेलू उपचार

1. मेथी के बीज का उपयोग

मेथी के बीज में एंटी बैक्टीरियल गुण मौजूद होते हैं जो आपकी छींक के उपचार के लिए बेहद गुणकारी होते हैं। छींक आने पर दो चम्मच मेथी को पानी में डाल कर उबाल लें। जब यह अच्छे से उबल जाएं तो पानी को छान लें और इस पानी का सेवन करें।

2. कैमोमाइन चाय

अगर आपको एलर्जी के कारण छींक आने की समस्या है तब आप कैमोमाइन चाय का उपयोग कर सकते हैं। इसके लिए पानी को उबाल कर उसमें कैमोमाइल के सूखे फूल को मिलाएं और कुछ समय तक उबलने दें। बाद में इसमें एक चम्मच शहद का मिला लें। अब इस पानी को निकाल कर दिन में दो बार पिएं।

3. काली मिर्च का उपयोग

छींक आने पर घरेलू उपचार में काली मिर्च का उपयोग बेहद गुणकारी होता है। काली मिर्च बहती हुई नाक को रोकने के साथ साथ छींक के लिए भी उपयोग की जाती है। छींक के उपचार के लिए काली मिर्च को पीस कर गुनगुने पानी के साथ दिन में दो या तीन बार लें या काली मिर्च को रात को सोने से पहले दूध में मिलाकर पियें। इससे आपको छींक से राहत मिल जाएगी।

4. अदरक का उपयोग

विस्तार में जाने सोंठ के फायदे आपकी सेहत के लिए क्यूंकि यह लाभ करती है दर्द, गठिया, कब्ज, पेट दर्द और शुगर आदि पर नियंत्रण के लिए.

छींक और अन्य समस्याओं को दूर करने के लिए अदरक पीढ़ियो से प्रयोग किया जा रहा है। यह एक प्रभावशाली दवा के रूप में प्रयोग किया जाता है। इसका प्रयोग करने के लिए अदरक के टुकड़े को उबलते हुए पानी में मिलाएं। फिर थोड़ी देर बाद इसमें शहद मिला लें रात के समय बिस्तर पर जाने से पहले इसका सेवन करें। इससे रात में आने वाली छींक से आपको राहत मिलती है।

5. सौंफ की चाय का प्रयोग

सौंफ की चाय एक आयुर्वैदिक चाय होती है। इसका कारण यह है कि इसमें एंटी वायरल और एंटी बायोटिक गुण पाएं जाते हैं जो साँसों की उपरी समस्याओं से लड़ने में काफी प्रभावी सिद्द होते हैं। अत: यदि आप छींक के लेकर परेशान है तब सौंफ की चाय आपके लिए बेहतरीन साबित हो सकती है।

इसको बनाने के लिए एक कप पानी में दो चम्मच पिसी हुई सौंफ डालें। कुछ समय तक इसे धीमी आंच पर रखें बाद में इसे छान कर इसका सेवन शुरू कर दें। छींक की समस्या से छुटकारा प्राप्त करने के लिए इस चाय के दो कप का सेवन हर रोज नियमित रूप से करें।

6. पेपरमिंट तेल का उपयोग

पेपरमिंट तेल एंटी बैक्टीरियल का एक बेहतर स्त्रोत है। यह छींक जो नाक बंद के कारण होती है। उससे आपको आराम पहुंचाता है। इसका उपयोग करने के लिए दो गिलास पानी को उबालें और उसमें पांच से छ; बूंदे पेपरमिंट तेल की मिलाएं। अब कम्बल अदि से अपने आप को ढंक कर भाप को सूंघे। यह आपको छींक से आराम पहुंचाएगा, साथ ही आपका बंद नाक भी खुल जायेगा।

7. लहसुन का उपयोग

लहसुन भारत की रसोई में प्रयोग किया जाने वाला एक प्रसिद्द तत्व होता है। जिसका प्रयोग आमतौर पर मांसाहारी व्यंजनों को बनाने के लिए किया जाता है। लहसुन खाने की महक को तो बढ़ाती ही है साथ ही इसमें कुछ औषधीय गुण भी पाएं जाते हैं। यदि आप कच्चे लहसुन का सेवन करते हैं तब साँसों की समस्या दूर हो जाती है।

इसमें मौजूद एंटी वायरल और एंटी बैक्टीरियल गुण छींकने की स्तिथि में काफी प्रभावी साबित होते हैं। इसका प्रयोग करने के लिए 3 से 4 लहसुन के फाहे लें और इन्हें अच्छे से मसल कर अपनी नाक के पास ले जाएं। इससे आपकी बंद नाक खुल जाएगी और आप सांस अच्छे से ले पायेंगे।

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