आंखों की समस्याओं के लक्षण, कारण और उपचार

आंखों की समस्याओं के लक्षण, कारण और उपचार

आँखे हमारे शरीर का एक ऐसा हिस्सा हैं जिससे हम इस प्राकृतिक को देख सकते हैं। इसके बिना कुदरत के नजारे को देखने की कल्पना भी नहीं की जा सकती। आज हम नेत्र समस्याओं  के लक्षण, कारण और उपचार के बारे में बात करेगें। आज की जीवन शैली में आँखों की समस्या बहुत ही आम हो गई हैं। आज कल स्कूल में जाते हुए बच्चों की आँखों पर चश्मा लगा होता है। गर्मी और मस्तिष्क की कमजोरी कमजोर दृष्टि होना का प्रमुख कारण है।

यहीं नहीं एक शक्तिशाली प्रकाश में निरंतर पढ़ना, पाचन विकार, असंतुलित खाना और भोजन में विटामिन ए की कमी का होना भी कमजोर दृष्टि होने के लिए जिम्मेदार है। जब आप अधिक मात्रा में शराब का सेवन करते हो तब इसका असर आपके शरीर के अन्य भागों के साथ साथ आपकी आँखों पर भी पड़ता है। आइये जानते हैं आँखों समस्याओं के लक्षण, कारण और उपचार के बारे में।

आंखों की समस्याओं के लक्षण

  • किसी वस्तु पर ध्यान केन्द्रित करते समय आँख की मांसपेशियों पर तनाव पड़ना और आँखों पर अत्याधिक तनाव मांसपेशियों को कमजोर करते हैं।
  • कमजोर आँख की मांसपेशियां दृष्टि में समस्याओं का कारण बनती है।
  • आँखों से धुंधला दिखाई देना।
  • दूर पड़ी वस्तुओं को देखने में सक्षम न होना।
  • पास पड़ी हुई वस्तुओं को देखने में सक्षम न होना।
  • आँखों में जलन।
  • आँखों से पानी आना।
  • दूर पड़ी वस्तु को देखने में परेशानी होना।
  • अध्ययन के दौरान सिर में भारीपन।
  • लगातार आम सर्दी होना।

आंखों की समस्याओं के कारण

आँख पर जोर का सबसे सामान्य कारण आँख पर बढ़ता काम का तनाव है। दुनिया में अधिकतर लोगों की आँखे लगातार किताबे पढने से, स्मार्ट फोन या कंप्यूटर स्क्रीन पर तीव्र और लंबे समय तक एकाग्रता से देखने से आसानी से थक जाती है। बहुत लंबे समय के लिए कंप्यूटर स्क्रीन पर ध्यान केन्द्रित करना भी आँख में तनाव पैदा कर सकता है। यह सच है कि टीवी और कम्पूटर स्क्रीन को लगातार घूरना आँखों के लिए अच्छा नहीं है। किडनी को स्वस्थ रखने के लिए जरूरी बातें

स्क्रीन को लगातार न देखने पड़े ऐसी कोशिश करों और हर बीस मिनट बाद बीस सेंकड के लिए बीस बीस फीट दुरी पर रखी हुई वस्तु को देखें इसके इलावा आप चमक को कम करने के लिए अपने स्क्रीन सेटिंग्स समायोजित कर सकते हैं। लगातार अध्ययन करना पड़े तो बीच में समय निकालकर एक बार टहलने के लिए उठें और आसपास की किसी वस्तु पर या अपनी आँखें किसी अलग कार्य पर केन्द्रित करें। इससे आँखों को आराम मिलेगा।

  • अत्याधिक समय टीवी देखने में खर्च करना।
  • कंप्यूटर स्क्रीन पर पास से लगातार काम करना।
  • अत्याधिक पढने रहने से।
  • हवा में हानिकारक प्रदूषकों के संपर्क में आने से।

नेत्र समस्याओं के लिए घरेलू उपचार

  1. सौंफ पाउडर और धनिया बीज पाउडर लेकर बराबर अनुपात का एक मिश्रण तैयार करें। फिर बराबर मात्रा में चीनी मिला लें। 12 ग्राम हर सुबह और शाम की खुराक में ले लो। यह मोतियाबिंद के साथ साथ कमजोर आँखों के लिए भी फायदेमंद है।
  2. कमजोर दृष्टि के लोगों को हर रोज गाजर के जूस का सेवन करना चाहिए। यह महान लाभ प्रदान करेगा।
  3. धनिया के तीन भागों के साथ चीनी के एक भाग का मिश्रण तैयार करें। उन्हें अच्छे से पीस लें और उबलते पानी में इस संयोजन को डालें और एक घंटे के लिए इसे ढंक दें। फिर एक साफ़ कपड़े से इसे छानकर इसका प्रयोग करें।
  4. नेत्र समस्याओं से बचने के लिए रात को दूध में बादाम भिगो दें। सुबह इसमें चन्दन मिलाएं और इस मिश्रण को अपनी पलकों पर लगायें। यह उपाय आपकी आँखों की लालिमा को बिल्कुल कम कर देता है।
  5. आँखों की समस्याओं के लिए इलाइची के दो छोटे टुकड़े लें। अब इन्हें पीसकर दूध में डालें और दूध को अच्छे से उबालकर इसका सेवन करें। यह उपाय आपकी आँखों को स्वस्थ बनाता है।
  6. आँखों की अच्छी देखभाल के लिए अपने आहार में विटामिन ए को शामिल करना बहुत ही अनिवार्य है। विटामिन ए गाजर, संतरे, कद्दू, आम, पपीता, संतरे, नारंगी और पीले रंग की सब्जियां शामिल होती है। पालक, धनिया, आलू, हरी पत्तेदार सब्जियां, डेयरी उत्पादों तथा माँसाहारी खाद्य पदार्थों जैसे मछली, जिगर, अंडे में विटामिन ए की एक उचित मात्रा पाई जाती है।
  7. जब आप अपने आहार में विटामिन सी की मात्रा कम लेते हैं तब आपमें मोतियाबिंद की समस्या उत्पन्न हो सकती है। इसलिए अपने आहार में विटामिन सी युक्त खाद्य पदार्थ जैसे अमरुद, संतरे, नींबू, टमाटर, शिमला मिर्च, गोभी आदि शामिल होते हैं।
  8. ब्लूबेरी का सेवन दृष्टि बढ़ाने के लिए और नेत्र हीन के लिए एक उत्तम जड़ी बूटी है। यह रात के समय की दृष्टि में सुधार करने में मदद करता है। क्योंकि यह रेटिना के दृश्य बैंगनी घटक के उत्थान को उत्तेजित करता है। आँखों की सुरक्षा के लिए पका हुआ ब्लूबेरी हर रोज आधा कप खाना चाहिए।
  9. एक कप गर्म दूध में आधा चम्मच मुलेठी पाउडर, ¼ छोटा चम्मच मक्खन और एक चम्मच शहद को अच्छे से मिक्स करें और इस मिश्रण को रात को सोते समय पियें। यह आँखों की रोश्नो को बढ़ाने में बहुत ही लाभदायक होता है।

आंखों के लिए व्यायाम

आँखों का व्यायाम आपकी आँख की मांसपेशियों को अधिक लचीला बनाने, आँखों के लिए ऊर्जा और रक्त प्रवाह में लाने और इष्टतम दृष्टि बनाएं रखने के लिए बहुत आवश्यक है। आज हम आपको आँखों के लिए कुछ ऐसे व्यायाम बताने जा रहे हैं। जो आपकी दृष्टि में सुधार लाते हैं जैसेकि

  1. आँखों के व्यायाम के लिए एक पेन्सिल लें। उसे हाथ में पकड़ कर आँखों से थोड़ी दूर रखें और उस पर अपना ध्यान केन्द्रित करें धीरे धीरे करके उसे अपनी नाक के पास लाएं और फिर इसे अपनी दृष्टि से आगे ले जाने के लिए नाक से दूर ले जाएं। इस दौरान आप अपनी दृष्टि को पेन्सिल पर ही केन्द्रित करके रखें। इस को एक दिन में दस बार दोहराएं।
  2. कुछ सेंकड के लिए घड़ी की दिशा में अपनी आँखों को घुमाएं और फिर कुछ सेंकड के लिए विपरीत दिशा में घुमाएं। इस प्रक्रिया को चार से पांच बार दोहराएं।
  3. अपनी आँखों की पलकों को बीस से तीस गुना तेजी से झपकाएं अपनी आँखें फ़ैलाएँ और पलक बार बार झपकाते रहें। अंत में आप अपनी आँखों को बंद कर दें और कुछ समय इसे आराम दें।
  4. आँखों का व्यायाम करने के लिए थोड़ी देर के लिए एक दूर की वस्तु पर अपनी दृष्टि पर ध्यान लगाएं। अपनी आँखों के दबाव के बिना यह करने के लिए सबसे अच्छा तरीका है कि आप चाँद को देखें और कम से कम पांच मिनट तक उस पर अपना ध्यान केन्द्रित करें।

आवश्यक सुझाव

  • हर रोज अपनी आँखों को पानी के साथ धोएं। इसे दिन में दो से तीन बार करें।
  • अपनी हथेलियों को तब तक रगड़े जब तक वो अच्छे से गर्म न हो जाएँ और फिर अपनी हथेलियों से अपनी आँखों को ढंक लें। इस प्रकार करने से आपकी आँखों की मांसपेशियों को आराम मिलता है।
  • जब आप कंप्यूटर पर काम करें तब कंप्यूटर की स्क्रीन की रौशनी को कम कर दें ताकि आपकी आँखों पर बुरा प्रभाव न पड़े।
  • अपनी आँखों को धूल, मिटटी और सूरज की तेज किरणों से बचाना चाहिए।
  • जब भी आप काम कर रहे हो तब अपनी आँखों को कुछ समय के लिए विश्राम देते रहे।

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