जीका वायरस लक्षण और बचाव

जीका वायरस खतरनाक एक वायरस है जो अब तक 24 देशों तक फैल चुका है। यह बीमारी जीका वायरस से संक्रमित मच्छर के काटने से फैलती है। जीका वायरस सबसे पहले बंदरों के अंदर आया था। यह वायरस बेहद तेजी से फैलता है। इस वायरस की चपेट में ब्राजील की गर्भवती महिलाएं आ चुकी हैं। क्या है ये वायरस और कैसे इससे बचा जा सकता है। ये जानना आपके लिए बेहद जरूरी है। 

जीका वायरस के लक्षण

इस वायरस के लक्षण संक्रमित मच्छर के काटने के 8 से 10 दिनों के बाद दिखने लगते हैं। 

  • जोड़ों में दर्द
  • आंखों का लाल होना
  • सिरदर्द
  • बुखार
  • सर्दी लगना और 
  • शरीर पर लाल रंग के चकते दिखना

इन लक्षणों में से कोई भी लक्षण जीका वायरस का संकेत हो सकता है।

बच्चे हैं इसका पहला शिकार

यह वायरस बच्चों के दिमाग के विकास को रोक देता है और बच्चे का सिर छोटा और शरीर बड़ा होने लगता है। जिस वजह से बच्चे की मौत तक भी हो सकती है। गर्भ में पल रहे बच्चे तक भी इस वायरस से नहीं बच पाते हैं। 

इलाज संभव नहीं है पर बचाव है

यह वायरस इतनी तेजी से फैल चुका है कि डब्लू एच ओ भी इसका टीका नहीं बना पा रही है। वैज्ञानिकों का कहना है कि इसका टीका बनने में अगले साल तक का वक्त लग सकता है। 

बचाव और जानकारी

जीका से बचने के लिए अभी तक कोई वैकसीन नहीं बन पाई है। इसलिए इसके लिए शरीर को मच्छरों से बचाना जरूरी है। जिसके लिए आप मास्किटो रैपलेंट, मच्छरदानी और मास्किटो कोइल का प्रयोग कर सकते हो। इसके अलावा आप घर के अंदर और बाहर दोनों को साफ सुतरा रखें।

जिका का टीका बनाने में भारत ने सफलता हासिल कर ली है 

जहा एक तरफ डबल्यूएचओ जिका वाइरस के टीके को बनाने के लिए एक साल से अधिक का समय ले रहा था वही भारत ने इस खतरनाक वाइरस से लड़ने के लिए टीका बना लिया है। हैदराबाद की बायोटेक कंपनी का मानना है की भारत इस टीके को उन देशो की मदद के लिए जल्दी से जल्दी भेजेगा जिनको इसकी सक्त जरूरत है। 

भारत में कैसे आ सकता है जीका वायरस

भारत के करीब 1500 से अधिक लोग ब्राजील में रहते हैं। यदि इनमें से थोड़े से भी जीका वायरस से संक्रमित हुए तो यह वायरस इनके साथ भारत में आ सकता है। बेहद आसानी से हवा के जरिए ये वायरस दूसरे इंसान तक पहुंच जाता है। इसके लिए भारत सरकार को भी एयरपोर्ट में सुरक्षा को बढ़ाना होगा। इस वायरस से प्रभावित इंसान केवल 10 दिनों तक ही जिंदा रह पाता है। इसलिए जानकारी है जीका वायरस से बचने का एक मात्र तरीका है। 

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