वैदिक उपाय : रोग निवारण के लिए

घर का कोई सदस्य यदि बीमार है तो कोशिश करें कि उसे सोमवार के दिन ही डाक्टर को दिखाएं। और थोड़े से खुल्ले पैसों के साथ रोगी की दवा की पहली खुराक भगवान शिव को चढ़ाएं। और भगवान से शीध्र स्वास्थ ठीक होने की प्रार्थना करें। एैसा करने से बीमार इंसान जल्दी ठीक होने लगता है। 

रोग निवारण के अचूक वैदिक उपाय

 

जब भी पूर्णिमा आती है तब भगवान शिव के मंदिर में शिव जी से घर के सदस्यों को निरोग रहने की प्रार्थना करें।और गरीब लोगों को कुछ दान जैसे मिठाई, फल व खुल्ले पैसे आदि दें।

मंगल और शनिवार के दिन हनुमान जी की मूर्ती से सिंदूर लेकर रोगी के माथे और पर लगाने से शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और वह जल्दी से ठीक होने लगता है।

अशोक के पेड़ की तीन ताजी पत्तियों को लेकर प्रतिदिन सुबह चबाने से आपकी सेहत ठीक रहेगी और किसी भी तरह की चिंता से परेशानी नहीं होगी।

यदि घर में किसी बीमार इंसान की बीमारी ठीक न हो रही हो तो उसके तकिये यानि सिरहाने के नीचे पीपल की जड़ और सहदेई रख दें। वह शीध्र ठीक होने लगेगा।

किसी इंसान को बीमारी से भंयकर पीड़ा हो रही हो तो , जौ के आटे में सरसों का तेल और काले तिल को मिलाकर एक रोटी बनाएं और इसे रोगी के शरीर के उपर से 7 बारी उतार कर किसी काले भैंसे को खिलाएं। यह उपाय भी रोगी को जल्दी ठीक करता है।

रोगी के सिरहाने के नीचे मणिक्य रखने से भी लंबे समय से चल रही बीमारी ठीक होने लगती है।

लंबे समय से बीमार इंसान के कमरे में उसे दक्षिण दिशा की तरफ सिर रखकर सुलाएं और दवाएं और पानी को भी इसी तरफ रखें। जब भी रोगी को दवा खिलाएं उसका मुख पूर्व की तरफ करके ही खिलाएं।

बीमार इंसान को सुबह एक गिलास पानी पूर्व दिशा की तरफ मुंह करके एं मंत्र का जाप 21 बार करके उस पानी को पीना चाहिए। एैसा सात दिनों तक लगातार करें। जिसकी शुरूआत रविवार के दिन से करनी चाहिए।

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