तुला आसन या झूलासन के फायदे और करने की विधि

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योग मुद्रा की सबसे महत्वपूर्ण मुद्रा है तुला आसन। तुला का मतलब है तराजू। इस आसन को झूलासन भी कहा जाता है। इस योग के तरीके में इंसान अपने शरीर के भार को अपने दोनों हाथों पर तराजू की तरह तोलता है। जिस वजह से इसे तुला आसन कहा जाता है।
योग में तुला आसन को झूलासन और उत्थित पद्मासन भी कहते हैं। वैदिक वाटिका आपको बता रही है कैसे किया जाता है तुला आसन या झूलासन और इससे आपको क्या फायदे मिल सकते हैं।

तुला आसन या झूलासन के फायदे
तुला आसन को करने से आपको कई तरह के फायदे मिलते हैं जैसे
कंधो का दर्द और पीठ का दर्द ठीक होता है।
जो लोग कंप्यूटर पर टाईप करते हैं या लिखने का कार्य करते हैं। उनके लिए तुला आसन बहुत ही फायदेमंद होता है।

कन्धों, हाथों और बांहों मजबूत बनते हैं।
हाथों की अतरिक्त चर्बी भी इस आसन से घट जाती है।
जो लाभ पद्मासन से मिलते हैं वही लाभ आपको इस आसन से भी मिल जाते हैं।

तुला आसन योग करने का तरीका
जमीन में आप दरी या कंबल को बिछा लें। अब दोनों पैरों की पालती मार कर बैठें जैसे आप पद्मासन में बैठते हैं।
इसके बाद आप अपने दोनों हाथों को बगल में जमीन पर अच्छी तरह से टिका लें। अब
दोनों हाथों के सहारे आप अपने शरीर के सारे बोझ को जमीन से उपर उठा लें। जैसा कि चित्र में दिखाया गया है। आपसे जितना हो सकें उतना ही अपने शरीर को उपर की ओर उठाएं।
और अपने हिसाब से इस आसन पर बने रहने की कोशिश करें।
और बादमें वापस पहले वाली स्थिती में आ जाएं। और दोबारा इस आसन को करें। आप इस आसन को पांच बार कर सकते हैं।

तुला आसन की सावधानियां
तुला आसन वे लोग ना करें जिनके हाथों की हड्डियों में चोट लगी हुई हो। गर्भवती महिलाओं को भी यह आसन नहीं करना चाहि। इसके अलावा आप इस आसन को किसी योग गुरू की देख रेख में ही करें।

वैसे तो यह आसन बहुत ही सरल है। यदि आप इस योग को रोज सुबह और शाम के समय करते हो तो आपको कई तरह के स्वास्थवर्धक लाभ मिल सकते हैं। यह आसन इंसान को रोगमुक्त बनाता है।

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