ठंड लगने के लक्षण

ठंड लगने के लक्षण जाने विस्तार में ताकि आप रहे स्वस्थ और निरोगी, thand lagne ke lakshan in hindi

आज हम आपको ठंड लगने के लक्षण के बारे में जानकारी देंगें। अगर हम आपसे सर्दियों के मौसम के बारे में अगर करें तो यह बहुत ही सुहाना मौसम होता हैं साथ ही इस मौसम में बहुत सी बीमारियाँ पैदा होती है और ऐसे में जब हम थोड़ी सी भी लापरवाही करते हैं तो हमें इस मौसम का शिकार होना पड़ता है। इसलिए हमें इस मौसम में बहुत ही अधिक सावधानी बरतनी पडती है। इस मौसम में अक्सर हाथ पैर की अंगुलियाँ लाल हो जाती है, फेफड़ों में एलर्जी हो जाती है और इसके साथ नाक में एलर्जी, ब्लडप्रेशर आदि समस्याएं पैदा हो जाती है आइये विस्तार से जानते हैं ठंड लगने के लक्षण के बारे में।

ठंड लगने के लक्षण – Thand lagne ke lakshan

#1 हाथ पैर की अंगुलियाँ लाल होना

सर्दियों के दिनों में अक्सर हमारे हाथ पैर की अंगुलियाँ लाल हो जाती है। ऐसे में हमारी अंगुलियों में सुजन और खुजली होने लगती है। जब बार बार हमारी अंगुलियां पानी के संपर्क में आती है तो इसमे पिंक आने लगती है। जिसको ठीक होने में काफी समय लग जाता है। इसके लिए हमें ठंड से बच आकर रहना चाहिए और जितना हो सके अपने शरीर को गर्म रखना चाहिए।

#2 गठिया

बढ़ती उम्र के साथ हमें जिस रोग का सामना करना पड़ता है। उस रोग का नाम है – गठिया।  इससे जोड़ों में दर्द, अकडन, और सुजन पैदा हो जाती है और पीड़ा होने लगती है। सर्दियों में ठंड के कारण इसकी समस्या बढ़ जाती है। इसके लिए हमें अपने जोड़ो को ज्यादा से ज्यादा गर्म रखना चाहिए और अधिक मात्रा में पानी का सेवन करना चाहिए।

#3 डर्मेटाइटिस

ठंड में हमारी त्वचा को कई प्रकार की एलर्जी का सामान करना पड़ता है। इसमें डर्मेटाइटिस, त्वचा में दरारे, त्वचा में खुजली होना आदि। सर्दियों के दिनों में जब हमारी त्वचा की नमी कम होने लगती है तब हमें ऐसी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

#4 एलर्जी का होना

सर्दियों के दिनों में हमारे शरीर की कोशिकाएं और श्वास नली सिकुड़ जाती है। जिसके कारण हमें साँस लेने में दिक्कत आने लगती है। जो लोग अस्थमा के मरीज होते हैं उन्हें तो इस मौसम में बहुत ही दिक्कत का सामना करना पड़ता है। इस मौसम में बैक्टीरिया और वायरल इन्फेक्शन का सामना भी करना पड़ सकता है। यह अक्सर धूल और ठंड के कारण होता है।

#5 उच्च रक्तचाप

ठंड के मौसम में उच्च रक्त चाप और दिल से जुडी हुई बीमारी पैदा हो सकती है। जिसके कारण यह ठंड से पीड़ित रोगियों के लिए यह मौसम खतनाक साबित हो सकता है। इसलिए उन्हें ठंड और सर्द हवाओं से बचकर रहना चाहिए।

#6 शरीर में पानी की कमी होना

सर्दी का मौसम ठंडा होता है जिसके कारण हमें कम पसीना आता है और हमें प्यास भी कम लगती है यही कारण है कि हम पानी कम पीते हैं जिसके कारण हमारे शरीर में पानी की कमी  आ जाती है। जिसे हम डिहाइड्रेशन के नाम से जानते हैं। इसके साथ जब हम ठंड में सांस लेते और छोड़ते हैं तो हमारे मुंह से भाप निकलती है जो पानी के स्तर को कम कर देती है जो डिहाइड्रेशन का कारण बनता है। इसलिए हमें सर्दियों के दिनों में कम से कम आठ से दस गिलास पानी के पीने चाहिए।

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