तेजपत्ता के फायदे

तेजपत्ते का उपयोग भारत में खाने के रूप में तथा आयुर्वेद में औषधि के रूप में किया जाता है। सूखा हुआ तेजपत्ता खाने में सुंगध देने के काम आता है। इसको प्रयोग में लाने से पहले इसे तोड़ लिया जाता है फिर उन व्यंजनों में इसे डाला जाता है जो बनने में अधिक समय लेते हैं। बाद में इसे निकाल लिया जाता है। यह खाने को सुंगधित बनाने के काम ही नहीं आता बल्कि इसमें कई स्वस्थ्य गुण पाएं जाते हैं।

तेजपत्ता मधुमेह, अल्जाइमर, बांझपन, गर्भस्त्राव, स्तन वर्धक, खांसी, जुकाम, जोड़ों के दर्द, रक्तपित्त, दांतों की सफाई आदि रोगों के लिए उपयोगी होता है। तेजपत्ता में दर्द नाशक, एंटी ऑक्सीडेंट गुण पाएं जाते हैं। तेजपत्ता में कई तरह के तत्व पाएं जाते हैं जैसे ऊर्जा, कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, फैट, कोलेस्ट्रोल फोलेट, नियासिन, विटामिन ए, सी, सोडियम, पोटेशियम, कैल्शियम, आयरन, मैगनीज, फास्फोरस, जिंक आदि आवश्यक तत्व इसमें पाएं जाते हैं।

तेजपत्ता के तेल में लगभग 81 तत्व पाएं जाते हैं जो किसी न किसी तरह से सेहत को लाभ पहुंचाते हैं। पोलिफिनोल नामक एक सक्रिय तत्व इसमें बहुत अधिक मात्रा में पाया जाता है। इसमें पाया जाने वाला विट्रो नामक तत्व जल में घुलनशील होता है। इसका प्रयोग मुख्य रूप से सुखाकर किया जाता है। इस पत्ते में गहरी खुशबु होती है तथा यह स्वाद में कडवा होता है। आइये जानते हैं तेजपत्ता के फायदे के बारे में।

सर्दी के रोग में

सर्दी होने पर शरीर में दर्द, नाक में सुरसुराहट, छींके आना, पानी गिरना, सिर का भारीपन, जलन, गला बैठना आदि से गुजरना पड़ता है। ऐसे में 10 ग्राम तेजपत्ता कूटकर तवे पर सेंककर रख लें। ऐसे में दो कप पानी में तेजपत्ता का एक भाग,दूध चीनी मिलाकर चाय की तरह उबालें। फिर इसे छानकर तीन में तीन बार सेवन करें। इससे आपको सर्दी से राहत मिलेगी।

मधुमेह में उपयोगी

जो लोग मधुमेह से पीड़ित होते हैं उन्हें तेजपत्ता का उपयोग जरुर करना चाहिए। क्योंकि यह शरीर में शुगर का संतुलन बनाएं रखता है। इसका उपयोग करने के लिए तेजपत्ते को पीसकर इसका बारीक चूर्ण बना लें। इसका एक एक चम्मच दिन में तीन बार लेने से मधुमेह के रोगी को शीघ्र आराम मिलता है साथ ही रक्त शर्करा भी शीघ्र घट जाती है।

नींद को दूर करें

कुछ लोगो को अनिंद्रा की समस्या होती है। वहीं कुछ लोगों को नींद बहुत आती है उनकी 7-8 घंटे सोने पर भी नींद पूरी नहीं होती। ऐसे में तेजपत्ते को छ: घंटे तक पानी में भिगोकर रख दें। सुबह उठकर उस पानी का सेवन करें। इससे उन्हें अधिक नींद नहीं आएगी साथ ही उन्हें राहत का एहसास होगा।

चेहरे के लिए उपयोगी

अगर आप अपने चेहरे को साफ़ करने या किसी प्रकार का दाग दूर करने के लिए किसी क्रीम का उपयोग कर रहें तो आपको एक बार तेजपत्ते का उपयोग जरुर करना चाहिए। चेहरे से दाग, मुंहासे, धब्बे सभी में तेजपत्ता बहुत फायदेमंद साबित होता है। इसका उपयोग करने के लिए तेजपत्ते को उबाल कर इससे अपना चेहरा धोएं या फिर इसका लेप बना कर चेहरे पर लगाएं। फर्क आपको खुद ही पता चल जायेगा।

बांझपन में लाभकारी

कई बार स्त्री को गर्भधान नहीं हो जाता जिसके कारण उसे बांझपन की समस्या का सामना करना पड़ता है। किसी को गर्भ ठहरने के बाद गर्भस्त्राव हो जाता है तेजपत्ता इन दोनों ही समस्याओं को दूर करने के लिए सक्षम होता है।

इसके लिए तेजपत्ता के पाउडर की एक चौथाई चम्मच तीन बार पानी से नित्य फंकी लें। कुछ महीने तेजपत्ता की फंकी लेने से गर्भाशय की शिथिलता दूर होकर गर्भधारण हो जाता है। जिन स्त्रियों को गर्भस्त्राव होता हो वो भी इसी प्रकार तेजपत्ता के पाउडर की फंकी कुछ महीनों तक लें।

खांसी में लाभकारी

खांसी होने पर तेजपत्ता और छोटी पीपल समान मात्रा में पीसकर आधा चम्मच चूर्ण को एक चम्मच शहद में मिलाकर तीन बार चाटने से खांसी ठीक हो जाती है।

दांतों की सफाई

सूखे तेज पत्तों को पीसकर है तीसरे दिन एक बार मंजन करें। इससे आपके दांत मजबूत और चमकने लगते हैं।

किडनी स्टोन के लिए फायदेमंद

तेजपत्ता किडनी स्टोन की इन्फेक्शन को खत्म ही नहीं करता बल्कि इस समस्या को जड़ से खत्म कर देता है। स्टोन की प्रोब्लम होने पर तेजपत्ते को पानी में उबालें और ठंडा होने पर पियें। इससे आपको काफी फायदा मिलता है।

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