टमाटर खाने के नुकसान

tamatar-khane-ke-nuksan-in-hindi

अभी तक आपको टमाटर के फायदों के बारे में ही पता होगा। क्योंकि ये बात सही है कि टमाटर हमारी सेहत को कई खतरनाक बीमारियों से बचाता है। टमाटर में हर प्रकार के गुण होते हैं जिससे इंसान का शरीर बीमारियों से लड़ने में सक्षम होता है।
टमाटर आंखों की रोशनी को बढ़ाता है, कैंसर की बीमारी और दिल की बीमारी से हमें बचाता है। लेकिन इन सब के बाद भी टमाटर सेवन के कई नुकसान भी होते हैं।

टमाटर खाने के नुकसान

अधिक बीजों से किड़नी में स्टोन होने की संभावना बढ़ सकती है
टमाटर के बीजों से होता है नुकसान। टमाटर में मौजूद छोटे बीज पथरी का कारण बन सकते हैं। जब हम सलाद या
खाना बनाने के लिए टमाटरों का सेवन करें तब हमें कोशिश करनी चाहिए कि इसके बीच कम से कम पेट में पहुंचे।

एसिडिटी व गैस की समस्या
टमाटर में ज्यादा अम्लीयता होती है जिसकी वजह से आपको गैसए पेट में जलन व सीने में जलन आदि की शिकायत हो सकती है। इसके अलावा टमाटर का सेवन अधिक करने से पेट में मरोड़े भी हो सकते हैं।

पाचन तंत्र के लिए घातक
अधिक टमाटर सेवन करने से इंसान का पाचन तंत्र खराब हो सकता है। क्योंकि टमाटर में मौजूद कैरोटेनाॅयड्स सीधे हमारे पाचन तंत्र पर असर डालते हैं। यदि पाचन तंत्र खराब होता है तो खतरनाक बीमारियां हमारे शरीर में आसानी से लग सकती हैं।

बदबू की समस्या
टमाटर का अधिक सेवन करने से आपके शरीर से बदबू अधिक आ सकती है।क्योंकि टमाटर में मौजूद टरपीन्स तत्व आपके शरीर की दुर्गंध को अधिक मात्रा में बढा देता है।

उल्टी व दस्त
टमाटर का सेवन करने का एक और नुकसान यह है कि इससे आपको उल्टी या दस्त की समस्या भी हो सकती है। एैसा बहुत बार होता है जब टमाटर पेट में जाकर सही तरह से पच नहीं पाता है और इस वजह से उल्टी व दस्त से इंसान
परेशान हो जाता है।

टमाटर के फायदों के साथ इसके नुकसान को भी जानना जरूरी है। क्योंकि हर चीज का अधिक सेवन करना इंसान की सेहत के लिए खतरा बन सकता है।

sehatsansar youtube subscribe
डिसक्लेमर : sehatsansar.com में जानकारी देने का हर तरह से वास्तविकता का संभावित प्रयास किया गया है। इसकी नैतिक जिम्मेदारी sehatsansar.com की नहीं है। sehatsansar.com में दी गई जानकारी पाठकों के ज्ञानवर्धन के लिए है। अतः हम आप से निवेदन करते हैं की किसी भी उपाय का प्रयोग करने से पहले अपने चिकित्सक से सलह लें। हमारा उद्देश्य आपको जागरूक करना है। आपका डाॅक्टर ही आपकी सेहत बेहतर जानता है इसलिए उसका कोई विकल्प नहीं है।