सूर्य नमस्कार योग करने के फ़ायदे

सूर्य नमस्कार योग का एक सर्वश्रेष्ठ आसन होता है। इस आसन को करने से हमारे पूरे शरीर को ऊर्जा प्राप्त होती है। अकेला सूर्य नमस्कार करने से हमें सभी योगों जितना लाभ प्राप्त होता है। इसको करने से शरीर निरोग और स्वस्थ रहता है। सूर्य नमस्कार स्त्री, पुरुष, बाल, युवा ओर वृद्दों के लिए भी उपयोगी होता है। लेकिन हमें इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि इसे सुबह के समय में ही करे। क्योकि सुबह सूरज की तरफ मुख करके नमस्कार करने से ऊर्जा प्रदान होती है।

सूर्य नमस्कार को कसरत के रूप में भी लिया जाता है। यह आपकी पीठ, आपकी मांसपेशियों वगैरह को मजबूत करता है। सूर्य नमस्कार आसन को 12 आसनों को मिलाकर बनाया गया है। इसके हर आसन का अपना महत्व होता है। इसको करने से आपका स्वास्थ्य अच्छा रहता है। इसको करने से शरीर में रक्त संचार भी ठीक रहता है। सूर्य को नमस्कार करने के कुछ ही देर में आपके मानसिक ओर शारीरिक स्तिथि में काफी अंतर आ जाता है।

सूर्य नमस्कार करने के फ़ायदे सूर्य को नमस्कार करने से हमारे शरीर को ऊर्जा के साथ-साथ कई बीमारियों से छुटकारा भी मिलता है । सूर्य नमस्कार को हम अलग-अलग मुंद्रा में कर सकते हैं। सूर्य नमस्कार करने से हमे कुछ ऐसे लाभ होते है जो इस तरह से हैं : जब हम अपने दोनों हाथों ओर अपनी एक टांग को उठाकर सूर्य को नमस्कार करते है तो हमारे शरीर में अकड़न कम हो जाती है और शरीर में लचक पैदा होने लगती हैए इससे हमारा शरीर सही ढंग से काम करने लगता है।

सूर्य नमस्कार योग में लेटकर अपने दोनों हाथों पर खड़े होकर करने से शरीर की चर्बी धीरे-धीरे गलने लगती हैं। जिससे आप मोटे नही होते।अगर आप मोटे है तो आप इसे रोज करें। कई लोग झुक कर चलते हैए बैठते हैं। ऐसा करने से आपकी शारीरिक बनावट खराब हो जाती है, लेकिन आगे आप खडें होकर ओर थोडा सा झुककर सूर्य को नमस्कार करें तो आप की शारीरिक बनावट में सुधार आने लगता है।

सूर्य नमस्कार बैठकर करने से पाचन शक्ति तेज होती है। हमे पेट की समस्याओ से मुक्ति मिलती है। कब्ज, गैस आदि जैसी समस्याओ का सामना भी नही करना पड़ता है। हमारा पेट हल्का रहता है। सुबह सूर्य को नमस्कार करने से हमे विटामिन डी मिलता हैए जो हमारी हड्डियों को मजबूत करता है।

सूर्य को नमस्कार करते हुए हमे लंबी सांस भरनी चाहिए। जिससे हमारे शरीर को आराम मिलता है और ऐसा करने से तनाव और बैचेनी से बच जाते हैं। साथ में हमारा दिमाग भी शांत रहता है। आप अपने हाथों को जमीन पर टिकाकर साँस लेते हुए दाहिने पैर को पीछे की तरफ ले जाए। बाद में अपने सीने को आगें खीचते हुए गर्दन को ऊपर उठाएं।

इसमे एक बात का ध्यान दें कि आपके पैर का पंजा खड़ा हो। इस मुद्रा में सूर्य नमस्कार करने से आपकीअनिंद्रा की समस्या खत्म हो जाती है। और आपको रात को नींद अच्छी और गहरी आती है। जब हम सीधे बैठ कर दोनों हाथों को जोडकर सूर्य नमस्कार करते हैं तो हमारी आखोँ की रोशनी तेज होती है। साथ में हमारे बाल काले और घने होते हैं।

सूर्य नमस्कार हमारे लिए फायदेमंद तो होता हैए लेकिन इसको करने में हमे कुछ सावधानी भी बरतनी चाहिए जैसे कि –

  • जब कभी बुखार हो या पैरों में सूजन आ जाये तो हमे सूर्य नमस्कार नही करना चाहिए।
  • अनियमित उच्च रक्तचाप, चक्कर आने पर, दिल के रोग में सूर्य नमस्कार नही करना चाहिए।
  • गर्भवस्था के 4 महीने के बाद सूर्य नमस्कार नही करना चाहिए।

sehatsansar youtube subscribe
डिसक्लेमर : sehatsansar.com में जानकारी देने का हर तरह से वास्तविकता का संभावित प्रयास किया गया है। इसकी नैतिक जिम्मेदारी sehatsansar.com की नहीं है। sehatsansar.com में दी गई जानकारी पाठकों के ज्ञानवर्धन के लिए है। अतः हम आप से निवेदन करते हैं की किसी भी उपाय का प्रयोग करने से पहले अपने चिकित्सक से सलह लें। हमारा उद्देश्य आपको जागरूक करना है। आपका डाॅक्टर ही आपकी सेहत बेहतर जानता है इसलिए उसका कोई विकल्प नहीं है।