पायरिया का सफल आयुर्वेदिक इलाज

पायरिया की बीमारी दातों की एक गंभीर बीमारी है। ये दातों को गंदा रखने, अधिक मीठा खाना, विटामिन सी की कमी, और पेट संबंधी रोगों की वज़ह से भी होती है। पायरिया के लक्षणों में मासूड़ों में सूजन का आना, दातों पर पीले रंग की परत चढ़ जाना, खून आना आदि होता है जिससे रोगी बेहद परेशान हो जाता है। पायरिया की वजह से मुंह से बदबू भी आने लगती है। लेकिन इससे अब परेशान होने की जरूरत नहीं है। आयुर्वेद में है इस समस्या का हल।

पायरिया को दूर करने के आयुर्वेदिक उपचार

1- थोड़ा सा कपूर का टुकडा पान में डालकर उसे चबा कर थूक दें एैसा करने से पायरिया रोग में लाभ मिलता है लेकिन इस बात का ध्यान रखें की पान पेट में न जाए।

2- नींबू के रस को शहद में मिलाकर मसूड़ो पर मलने से पायरिया में लाभ मिलता है।

3- पानी में नींबू का रस निचोड़कर उससे कुल्ला करने से भी पायरिया से छुटकारा मिलता है।

4- थोड़े से नमक में काली मिर्च के चूर्ण को मिलाकर दातों पर मलने से भी पायरिया ठीख होता है।

5- कपूर को देसी घी में अच्छी तरह से मिला लीजिये और इस पेस्ट से दातों पर अच्छी तरह से मलने से पायरिया से राहत मिलती है ।

6- लहसुन की 15 बूंदें 1 चम्मच शहद में मिलाकर चाटते रहने से भी पायरिया का रोग ठीक होता है।

7- कच्चा पालक चबाकर खाने से भी पायरिया रोग में राहत मिलती है।
 
8- खाली पेट सवेरे-सवेरे पालक का रस पीने से पायरिया का रोग ठीक होता है।

9- पानी में टमाटर के रस को घोलकर गरारे और कुल्ला करते रहने से पायरिया की बीमारी से राहत मिलती है।

10- नारंगी के छिलकों को छाया में सूखा लीजिये और उसे पीसकर उस पाउडर से दातों का मंजन करें आपको फायदा होगा।

11- पालक के रस में गाजर का रस को मिलाकर पीने से भी पायरिया कुछ दिनों में ठीक हो जाता है।

12- सेंधा नमक को सरसों के तेल में डालकर मंजन करने से पायरिया ठीक होता है।

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