स्टेमिना को बढाने के आयुर्वैदिक तरीके

स्टेमिना को बढाने के आयुर्वैदिक तरीके जाने विस्तार में ताकि आप खुद को स्वस्थ रख सकें जाने क्या खाएं और क्या न खाएं, ayurvedic tips to increase stamina in hindi

स्टेमिना का अर्थ होता है सहनशीलता। एक व्यक्ति की पूजा केवल उसका काम ही नहीं होता या एक खिलाडी की पूजा उसकी अच्छी काया नही होती। बल्कि उसका स्टैमिना होता है स्टैमिना केवल अपनी गतिविधि को पूरा करने के लिए शक्ति और ऊर्जा प्रदान नही करता।  बल्कि अपनी शरीरिक बीमारियों के साथ लड़ने में भी मदद करता है। जब कोई बच्चा स्कूल से आता है तो आकर बिस्तर पर लेट जाता है तो आप को समझ जाना चाहिए कि उसके अंदर कोई कमी है या फिर उस को पूरा पोषण नही मिल रहा।

आज की इस भाग दौड़ भरी जिन्दगी में हमे सबसे ज्यादा जरूरत होती है। एनर्जी, पावर और स्टैमिना की अगर हमारे अंदर स्टेमिना की कमी है तो हम अपना कोई भी काम अच्छे से नही कर सकते स्टेमिना बढाने के लिए डाइट के साथ साथ कुछ बातों का ख्याल भी रखना पड़ता है जैसे कि शरीर में सोडियम की कमी न हो, क्योंकि इससे स्टेमिना गिरने लगता है। आप भले ही व्यायाम करे लेकिन अपनी सीमा में रहकर। क्योंकि जब आप हिम्मत से ज्यादा व्यायाम करते हैं तब आपकी मांसपेशियों को नुकसान होता है।

स्टेमिना को बढाने के आयुर्वैदिक तरीके

शरारिक परीक्षण

अगर आप अपनी स्टेमिना को बढ़ाना चाहते हैं तब आपको आधारभूत चिकित्सा परीक्षण करना शुरु कर देना चाहिए। इससे आपको यह पता चलता है कि आप कितने फिट हो साथ ही आप अपनी बीमारी, चोट, थकान को अपने से कितने दूर रखते हो।

खेल खेले में बढायें

स्टेमिना को बढने का सबसे अच्छा तरीका होता है खेल । खेल खेलना जब भी आप किसी प्रकार का खेल खेलते हैं तो उससे आप का स्टेमिना बढने लगता है और साथ ही इससे आप का अच्छा व्यायाम भी हो जाता है। अगर आप फूटबाल, बास्केटबाल या फिर कोई अन्य दौड़ने वाली खेले खेलते हो तो आप का दिल मजबूत होता है और आप के शरीर में अधिक ऑक्सीजन पंहुचती है।

व्यायाम

व्यायाम को आयुर्वेद में स्टेमिना का सबसे अच्छा साधन माना जाता है। क्योकि जब भी हम व्यायाम करते है तो हमारी ऊर्जा प्रयोग में आती है। जिससे हमारी सारी थकान दूर होती है अगर आप व्यायाम नही करते तो आपको जल्द ही शुरू करना चाहते हो तो आप को इसे धीरे धीरे शुरू करना चाहिए। आप को इसके छोटे छोटे स्टेप लेने चाहिए। जिससे आप को अधिक परेशानी का सामना न करना पड़े जब हम प्रतिदिन व्यायाम करते है तो हमारा स्टेमिना बढने लगता है और हम अपना काम अच्छे से करने लगते हैं।

संतुलित आहार

स्टेमिना को बढाने के आयुर्वैदिक तरीके में संतुलित आहार का सेवन अति आवश्यक है। इसमें आपको अधिक मात्रा में फल, सब्जिया, बिना चर्बी का मांस और कम वसा वाले उत्पादकों को अपने आहार में शामिल करना चाहिए।  इस प्रकार का सेवन करने से आप स्वास्थ्य रहते हैं। इसके सेवन से आप शारीरक के साथ साथ मानसिक तौर पर भी सहनशील प्राप्त होती है।

भोजन का प्रयोग

भोजन खाने से हमारे शरीर में शक्ति पैदा होती है और इसके साथ साथ हमे भोजन से ऊर्जा प्राप्त होती है। इसलिए हमे थोडा थोडा भोजन बार बार खाना चाहिए। क्योकि इससे हमारे शरीर में ऊर्जा बनी रहती है।

पानी का सेवन

अपने आप को फिट रखने के लिए हमे पानी की मात्रा सुनिश्चित कर लेनी चाहिए। अपनी थकान को कम करने के लिए भी पानी पीना चाहिए। अगर हम पानी की  मात्रा को कम रखते हैं तो हमारे शरीर का रक्त जमने लगता है। जिससे वो सही ढंग से रक्त संचार नही कर सकता और हमारी मांसपेशियों में ऑक्सीजन की कमी आ जाती है।

इसके साथ हमे कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है। पानी को अधिक मात्रा में पीये तो हमारा खून पतला पड़ जाता है। जिससे वो आसानी से हमारे शरीर के विभिन्न अंगो तक आसानी से पंहुच जाता है।

बीमारियों से बचे

स्टेमिना को बढ़ाने के लिए हमे बीमारियों से बचना चाहिए। क्योंकि जितना हम बीमार होते हैं उतना ही हमारा स्टेमिना कमज़ोर होता है। हमें छोटी छोटी बीमारियों से बचकर रहना चाहिए जैसे कि खांसी, जुकाम, बुखार, सिरदर्द आदि। इसके लिए आप को अपने आप को साफ़ रखना होता है। आप जितना साफ़ रहते हो बीमारी उतनी ही आप से दूर रहती है।

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