सौंफ़ की खेती और रोगों का उपचार

सौंफ कई तरह के रोगों को खत्म करती है। आयुर्वेद में सौंफ को रोगनाशक कहा गया है। सौंफ को मसालों की श्रेणी में ही रखा जाता है। भारत सौंफ उत्पादन में सबसे पहले स्थान पर आता है। सौंफ खाने की चीजों को स्वादिष्ट बनाती है। यह कमाई का एक अच्छा स्त्रोत भी है। इससे आप कई गुना विदेशी मुद्रा अर्जीत कर सकते हो। लेकिन सौंफ के पौधों को बड़ी जल्दी रोग लग जाते हैं जिससे इसकी फसल पूरी तरह से खराब हो सकती है। वैदिक वाटिका आपको बता रही है सौंफ पर लगने वाले रोग और उनका उपचार।

सौंफ के प्रमुख रोग और उनका उपचार

छाछिया रोग

इस रोग से सौंफ के पत्तों और टहनियें में सफेद रंग का चूर्ण दिखाई देने लगता है। जो धीरे-धीरे पूरे पौधे पर लग जाता है। जिससे इसकी गुणवत्ता तो कम होती ही है साथ ही धन की हानी भी हो सकती है।

 

रोकथाम 

गोमूत्र

नीम के तेल में गोमूत्र को मिला लें। यह मिश्रण कम से कम 500 मि ली होना चाहिए। और फसलों में तर-बतर करके छिडकाव करें।

पहला छिडकाव

बुवाई के समय से तीस से पैतिंस दिनों बाद।

दूसरा छिड़काव वुवाई के पैंतालिस से पचास दिनों के बाद।

एैसा ही तीसरा छिडकाव 

दूसरे छिडकाव के दस दिनों के बाद।

गनधक चूर्ण का इस्तेमाल 

बीस से पच्चीस किलोग्राम प्रति हेक्टेयर का भुरकाव करें।

आप पानी में दो ग्राम प्रतिलीटर घुलनशील गंधक को पानी के साथ या फिर केराथेन एल सी 1 मि ली प्रतिलीटर पानी के साथ मिलाकर घोल बनाएं और इसका छिड़काव करें।

यदि जरूरत पड़े तो आप पंद्रह दिनों में फिर से छिडकाव कर सकते हैं।

सौंफ को बोने से पहले इसके बीजों को प्रतिकिलो के हिसाब से 200 ग्राम गाय के मूत्र में मिलाकर इसके बीजों का उपचार करना चाहिए। फिर इसकी बुवाई करें।

2.5 किलो प्रति हेक्टेयर

ट्राइकोडर्मा विरिडी मित्र फफूंद को गोबर की खाद के साथ मिलाकर बुवाई करनी चाहिए। इससे जमीन की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ जाती है।

झुलसा रोग

सौफ पर झुलसा रोग भी बडी जल्दी से लग जाता है। इस रोग में पौधे की पत्तियों में भूरे रंग के धब्बे पड़ जाते हैं ओर फिर यह बाद में काले रंग के धब्बे बन जाते हैं।

इस रोग से पौधे पर बीज नहीं बनते हैं और यदि बनते भी हैं तो वह छोटे बनते हैं।

रोकथाम

इस रोग से बचने के लिए फसल की अधिक सिंचाई न करें। शुरूआत में आप गोमूत्र का छिड़काव कर सकते हैं। और बाद में आप इस घोल को बनाकर इस्तेमाल कर सकते हैं।

10 लीटर गोमूत्र लें। उसमें

250 ग्राम लहसुन का काढ़ा

ओैर 2.5 नीम की पत्ती को मिलाकर इसका घोल बना लें और 10 या फिर 15 दिनों में इसका छिडकाव करें। जरूरत पड़ने पर आप इसे दोहरा भी सकते हैं।

 सौंफ से कीट हटाने के लिए बनाएं ये घोल

20 किलो लकड़ी की राख

एक किलो तंबाकू की पत्तियों का चूर्ण को मिलाएं और बीज बोने से पहले खेत में इसका छिड़काव कर लें।

सौंफ की उच्च गुणवत्ता वाले बीजों जैसे

आर एफ 21, आर एफ 31, जी एफ 2 ए आर एफ 15, आर एफ 18, सौंफ बोये।

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