सिरदर्द के प्रकार, कारण और उपचार

सिरदर्द के प्रकार, कारण और उपचार

सिरदर्द कोई आम बीमारी का नाम नहीं बल्कि आज के समय में यह सभी के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। इस बीमारी से सभी को गुजरना ही पड़ता है वो चाहे बच्चे हो या बड़े बुजुर्ग। आज हम सिरदर्द के प्रकार, कारण और उपचार के बारे में बात करेगें।

आज की इस भाग दौड़ वाली जिन्दगी में कोई ही ऐसा इंसान होगा जिसे कभी सिर दर्द का सामना न करना पड़ा हो। सिर दर्द होने का मुख्य कारण है सही समय पर न सोना और न हो खाना खाना।देखा जाएं तो हर इंसान को किसी न किसी बीमारी का सामना करना ही पड़ता है। लेकिन सभी बीमारियों में सबसे अधिक तकलीफ देने वाली बीमारी है सिर दर्द।

जबकि सिर दर्द होने की कोई गंभीर वजह नहीं होती। इसे दूर करने के लिए अपनी लाइफस्टाइल और रिलेक्सेशन में बदलाव लाने की थोड़ी आवश्यकता होती है। आज हम सिरदर्द  के प्रकार, कारण और उपचार के बारे में आप से विस्तार से बात करेंगें।

सिर दर्द होने के कारण

सिरदर्द होने के कई कारण हो सकते हैं जैसे कि

तनाव

तनाव हमारे सिर दर्द का एक मुख्य कारण हो सकता है जिस समय हम बहुत अधिक तनाव में हो या किसी प्रकार की चिंता में हो, तब हमारे सिर में दर्द होने लगता हैं।

अधिक समय तक टीबी देखना

जब आप अधिक समय तक टीवी देखते हो या फिर कंप्यूटर और मोबाइल पर काम करते हो, तब आपके सिर में दर्द होने लगती है।

कम या अधिक सोना

यदि आपका सोने और उठने का कोई समय नहीं है अर्थात् आप अगर अधिक सोते है या कम सोते है। तब भी आपके सिर में बहुत तेज दर्द शुरू हो जाती है।

पानी का सेवन कम करना

दिन भर में अगर हम पानी नही पीते या कम पानी पीते है तो हमारे सिर में दर्द होने लगती है। इसलिए हमें दिन में कम से कम आठ से दस गिलास पानी के पीने चाहिए।

दांत में दर्द होना

जिस समय आपके दांत में जोर से दर्द शुरू हो जाता है तब आपके दांत के साथ साथ सिर में भी दर्द होनी लगती है।

नजर सही न होना

यदि आपकी आँखों की नजर सही नहीं हैं अर्थात आपकी नजर कम है तब भी आपके सिर दर्द हो सकती है। इसके साथ ही चश्मे के नंबर के बदलाव के कारण भी सिर में दर्द हो सकती है।

अन्य कारण

  • मस्तिष्क के आसपास के भाग जिसे हम डुयामेटर के नाम से जानते है वहां खिचाव पैदा होने कारण सिर में दर्द होता है।
  • मस्तिष्क के ब्लड वेसल्स की दीवारों में नर्व एंडिंग होते हैं जिनके खीचने से सिर में दर्दे गोने लगता है।
  • नाक के आसपास हवा की थैलियाँ होती है जिसे साइंस कहते हैं। जब इसमें सुजन आती है तब भी सिर दर्द होने लगता है।

सिरदर्द के प्रकार

1. माइग्रेन ( कारण, लक्षण और उपचार )

आज की इस व्यस्थ और तनावभरी जीवनशेली में माइग्रेन की समस्या एक आम बात हैं। यह समस्या पुरुषों की तुलना में महिलाओं में अधिक पाई जाती है। माइग्रेन सिर के एक हिस्से या दोनों हिस्सों में होता है। माइग्रेन की दर्द चार से बारह घंटे तक रहती है कभी कभी तो इस दर्द से इंसान को बारह घंटे से अधिक समय तक सहना पड़ता है।

माइग्रेन की दर्द के कारण

मस्तिष्क को ऑक्सीजन और ग्लूकोज की आवश्यकता होती है और जब यह दोनों ही मस्तिष्क को नहीं मिलते तब ब्लड वेसल्स का आकार धीरे धीरे बढने लगता है। एक स्तर के बाद इन वेसल्स में खिचाव आना शुरू हो जाता है जो माइग्रेन का कारण बनता है। इसके इलावा माइग्रेन के कुछ अन्य कारण भी होते हैं जैसे

  • हार्मोंस में परिवर्तन,
  • नींद का पूरा न होना,
  • अधिक समय तक भूखा रहना,
  • अधिक तनाव और गलत खानपान,
  • आनुवांशिक कारण।

लक्षण

  • जी का घबराना, उल्टी होना,
  • सिर भारी होना,
  • लाइट और अधिक आवाज सहन न कर पाना,
  • कान और गर्दन के आसपास की नसें फूली हुई लगती है और तेज दर्द का एहसास होता है,
  • दर्द की तीव्रता धीरे धीरे बढने लगती है।

उपचार

  • चार घंटे से ज्यादा देर तक भूखे न रहें।
  • अधिक से अधिक पानी का सेवन।
  • एनीमिया से बचें क्योंकि हीमोग्लोबिन की कमी होने पर शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा कम हो जाती है।
  • शरीर में शुगर की मात्रा को कम न होने दें शरीर में शुगर की मात्रा कम होने के कारण ब्लड सेल्स भी कम हो जाते हैं। जिसके कारण माइग्रेन होता है।
  • जितना हो सकें मानसिक तनाव से बचे।

2. टेंशन हेडेक ( कारण, लक्षण और उपचार )

माइग्रेन के बाद टेशन हेडेक का होना एक आम बात है जो 90 फीसदी लोगों को होती है। इस दर्द से महिला और पुरुष दोनों में समान रूप से गुजरना पड़ता है। इस दर्द में रिलैक्सेशन टेकनीक और फिजियोथेरपी से काफी राहत मिलती है।

कारण

  • चश्मे का नंबर बढ़ना,
  • शारीरिक और मानसिक तनाव,
  • गलत तरीके में बैठना,
  • एंजाइटी, थकान और अधिक शारीरिक श्रम,
  • दांतों की बीमारी होना।

लक्षण

  • आँखों का भारी होना।
  • पूरे सिर या बालों की जड़ों में दर्द होना।
  • कान, गले और जबड़े की मसल्स में ऐंठन होना।
  • सिर का फीते से बधा हुआ महसूस होना।

उपचार

  • जितना हो सकें मानसिक तनाव से बचे रहें।
  • अधिक समय तक कंप्यूटर पर काम न करें।
  • जब भी कंप्यूटर पर काम करें तब सही तरीके के साथ बैठें।
  • बहुत अधिक ठंडे ड्रिंक्स और फ़ूड से दूरी बना कर रखें।

3. मेडिकेशन ओवरयूस हेडेक  ( कारण, लक्षण और उपचार )

कई बार जब हम दवाओं का सेवन करते हैं तब वो दवाएं साइड इफ़ेक्ट करती हैं। जिसके कारण मस्तिष्क की नसें फूलने लगती है। विशेष रूप से हार्ट और ब्लड प्रेशर की दवाओं के कारण सिर में दर्द होने लगता है। यह दर्द भी माइग्रेन की तरह कनपटी के आसपास ही होता है।

कारण

  • पेन किलर दवाओं का जरुर से अधिक सेवन।

लक्षण

  • बेचैनी, गर्दन में दर्द, चिडचिडापन, डिप्रेशन और नाक का बंद होना।
  • सुबह उठते समय आपके सिर में दर्द होना शुरू हो जाता है जो पूरा दिन रहता है।

उपचार

  • अधिक मात्रा में दर्द निवारक दवाएं लेने से शरीर की दर्द सहन करने की क्षमता कम हो जाती है। इसलिए जब तक आप इसे सहन कर सकें उतनी देर तक सहन करें ताकि आप दवाओं से बच सकें।
  • सप्ताह में एक या दो से अधिक बार सिरदर्द की गोलियां न लें।
  • डॉक्टर से सलाह लेकर दवा का सेवन करें।
  • एक्सरसाइज और प्राणायाम करें।

4. साइनस हेडेक ( कारण, लक्षण और उपचार )

नाक के आसपास की हड्डियों में फ्रोनटल, मेग्जीलरी आदि जैसे एयर बैग्स होते हैं। जिन्हें साइनस कहते हैं। इन एयर बैग्स में सर्दी जुकाम और एलर्जी के कारण सूजन आने पर फोरहेड, चीकबोन और नाक के टी जोन में रद होता है जिसे साइनस हेडेक कहते हैं।

कारण

  • साइनस हेडेक मुख्यत: साइनस इन्फेक्शन या एलर्जी के कारण होता है।

लक्षण

  • नाक बहना, चेहरे पर सूजन और बुखार आना,
  • आँख, गाल और जबड़े के आसपास दर्द होना,
  • गले में खराश, हल्का सा बुखार, बेचैनी, थकान आदि,
  • नाक से पीले और हरे रंग का डिस्चार्ज होना।

उपचार

  • साइनस हेडेक होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
  • बार बार साइनस हेडेक होने पर ईएनटी स्पेशलिस्ट को दिखाएं।
  • साइनस हेडेक होने पर एक्सरसाइज, प्राणायाम करने से काफी राहत मिलती है।

5. क्लस्टर हैडेक ( कारण, लक्षण और उपचार )

इस प्रकार की सिरदर्द माइग्रेन की तरह ही अधिक पेनफुल होता है। लेकिन यह दर्द महिलाओं की अपेक्षा पुरुषों में अधिक होता है। यह दर्द आँख के आसपास होता है जब यह दर्द जरुर से अधिक होता हैं तब आँखों से पानी निकलने लगता है। कई बार यह दर्द नेजल कंजेशन और नाक के बहने के कारण भी होता है। यह दर्द दो तरह का होता है एपिसोडिक और क्रानिक हेडेक, एपिसोडिक हेडेक एक तीन महीने के अंतराल में होता है जबकि क्रानिक हेडेक जल्दी जल्दी होता है।

कारण

  • अल्कोहल या सिगरेट आदि की तेज गंध से सिरदर्द होना।

लक्षण

  • आँखों से पानी आना,
  • आँखों में सूजन और तेज दर्द होना,
  • नाक का बहना या बंद होना,
  • थकान व बेचेनी महसूस होना,
  • पलकों के आसपास सूजन होना,
  • सिर के एक तरफ दर्द होना,
  • कुछ लोगों को कनपटी के आसपास भी दर्द होता है।

उपचार

  • क्लस्टर हेडेक होने पर तुरंत प्रिवेटिव मेडिकेशन लें।
  • तेज गंध जैसे अल्कोहल, सिगरेट या परफ्यूम का इस्तेमाल न करें।
  • पर्याप्त नींद लें।
  • क्लस्टर हेडेक से बचने के लिए तनाव को कम करें।
  • सिरदर्द के दौरान अल्कोहल का सेवन न करें।

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