साइनस का आयुर्वेदिक इलाज

श्वासों की कई तरह की समस्याओं में से एक मुख्य समस्या है साइनस। साइनस होने की मुख्य वजह हैं अधिक ठंडी चीजों का सेवन करना, कब्ज होने की वजह से, खुली हवा न मिलने के कारण और गलत तरह के खान-पान लेने आदि से। साइनस के मुख्य लक्षण हैं जैसे गालों और माथे पर भारीपन लगना, जल्दी से थकान लगना, आंखों का भारी लगना, बुखार, सर्दी लगने के साथ नाक बंद होना, नाक से पीले या हरे रंग के रेशों का गिरना और चेहरे पर सूजन आना आदि। साइनस को साइनोसाइटिस भी कहा जाता है। आइये जानते हैं क्या है साइनस का सफल प्राकृतिक उपचार।

साइनस की समस्या का आयुर्वेदिक इलाज

गाजर और चुकंदर

साइनस की बीमारी को ठीक करने के लिए गाजर के रस का सेवन करें। इसके अलावा आप चुकंदर और पालक का जूस भी पी सकते हो। नियमित कुछ महीनों तक इस उपाय को करने से साइनस पूरी तरह से ठीक हो सकता है।

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काढ़ा

अदरक, सौंफ, तुलसी के पत्ते, मुलैठी, छोटी सौंफ और पुदीने का काढ़ा बनाकर सेवन करने से साइनस के रोग से मुक्ति पाई जा सकती है।

अदरक

तुलसी के रस में शहद मिलाकर सेवन करने से भी साइनस के रोग में राहत मिलती है।

शहद

शहद में अदरक को मिलाकर पीने से साइनस की समस्या ठीक होने लगती है।

जैतून का तेल

साइनस में आंखे भारी होने लगती हैं और नाक अधिक बहती है। ऐसे में जैतून के तेल को आंखों के चारों तरफ और नाक के उपर लगाने से फायदा मिलता है।

काले जीरे के बीज

आपको काले जीरे के बीज आसानी से किसी आयुवेर्दिक दुकान पर मिल जाएगें। यह साइनस की समस्या से आराम पाने का सबसे सरल तरीका है। किसी पतले कपड़े में काले जीरे के बीजों को बांध लें। और इसका प्रयोग सांस लेने के लिए करते रहें।

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