साइलेंट हार्ट अटैक – कारण और इलाज

साइलेंट हार्ट अटैक एक गंभीर बीमारी है जिसमें रोगी को पता भी नहीं चलता है की हर्ट अटैक आ गया है। सीने में जलन होना या सीने में दर्द होना ही हर्ट अटैक का एक मात्र कारण नहीं होता है। इसके कई एैसे लक्षण हैं जिनके बारे में पता होना जरूरी है। क्योंकि रोगी को हर्ट अटैक आते ही शायद उसको या परिवार के लोगों को पता भी न चलें की अटैक आया भी है या नहीं। साइलेंट हर्ट अटैक का मतलब है किसी रोगी को हार्ट अटैक हो लेकिन उसके सीने में दर्द न हों, मरीज को पता ही न लगे और उसे हर्ट अटैक हो। इसलिए इसे साइलेंट अटैक कहा जाता है। साइलेंट हार्ट अटैक के लक्षणों को जानना जरूरी है। आखिर कैसे पता लगाएं कि रोगी को हार्ट अटैक आया है। यह बात जानना जरूरी भी है। पहला लक्षण पेट की समस्या है जैसे पेट में गैस का बनना, पेट खराब होना आदि। दूसरा लक्षण है मरीज को बेवजह की थकावट का होना वो भी बिना चेस्ट पेन के। तीसरा लक्षण है मरीज को अचानक से पसीना आना, यह भी साइलेंट हार्ट अटैक का मुख्य लक्षण होता है।
चौथा लक्षण है सांस फूलना। रोगी की सांसे तेज हो जाती है और वह हांफने लगता है। इसके अलावा वे रोगी जो डायबिटीज, हाई ब्लड पै्रशर और हाई कोलेस्ट्राल की बीमारी से ग्रसित हैं उन पर भी साइलेंट हार्ट अटैक होने का खतरा अधिक होता है इसलिए समय रहते मरीज में इन लक्षणों को पहचान पाना ही सही समझदारी होती है। ताकि समय रहते रोगी को बचाया जा सके और समय-समय पर इसीजी और इकोकार्डियोग्राफी करवानी चाहिए। हार्ट अटैक से पीड़ित रोगियों को अपनी सेहत के लिए कुछ आयुवेर्दिक हेल्थ टिप्स (ayurvedic health tips)  अपनाने चाहिए ताकि दोबारा इस रोग से बचा जा सके।

1. पीसे हुए आंवले के चूर्ण को दूध में घोलकर दिन में 2 बार सेवन करने से हर्ट अटैक की संभावना कम हो जाती है।
2. आंवले को सूखाकर उसे पीसें लें और इस चूर्ण को पानी के साथ सेवन करने से हृदय रोग दूर होता है।
3. पानी में नींबू को निचोड़कर कुछ दिनों तक पीते रहने से हृदय की कमजोरी दूर होती है।
4. हृदय घात के रोगीयों को हल्दी का सेवन करना चाहिए यह शरीर की प्रतिरोधक ताकत को बढ़ाती है।
5. अदरक का सेवन भी हार्ट अटैक के मरीजों के लिए फायदेमंद है। इसमें मौजूद गुण शरीर के रोगों को खत्म करते हैं।
6. ग्रीन टी शरीर में मौजूद नसों और धमनियों को ताकत देती है। जिससे शरीर में खून का संचार अच्छी तरह से होने लगता है। और हार्ट अटैक की संभावना भी कम हो जाती है।
7. फलों में लीची, अमरूद, सेब, अन्नास का सेवन करना चाहिए।
8. भोजन में तेल और घी का सेवन कम कर दें। साथ ही तली हुई चीजों से दूर ही रहें।
9. धूम्रपान और शराब को तुरंत छोड़ दें क्योंकि यह बड़ी जल्दी साइलेंट हर्ट अटैक का कारण बनता है।
10.जितना हो सके हरी घास पर चलें। सुबह कम से कम आधा घंटे तक पैदल चलें। साइलेंट हार्ट अटैक एक गंभीर समस्या है। इसलिए रोगी को अपने खान-पान की आदतों में बदलाव लाना चाहिए साथ ही योग नित्य करना चाहिए। तभी इस गंभीर समस्या से बचा जा सकता है।

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