शिलाजीत के फायदे और नुकसान

शिलाजीत के फायदे और नुकसान - Shilajit health benefits and side effects hindi

पुरूषों की यौन शक्ति को बढ़ाता है शिलाजीत। इसके सेवन से बूढ़े इंसान में भी 20 वर्ष के जावन की तरह ताकत आ जाती है। शिलाजीत के फायदों को जानने से पहले आपको यह जानना जरूरी है कि आखिर शिलाजीत क्या है? प्राचीन वैदिक ग्रथों के अनुसार पत्थर से शिलाजीत बनता है। गर्मियों में सूर्य की गर्मी से पहाड़ों की चट्टानों के धातु पिघलने लगती है वह शिलाजीत कहा जाता है। यह तारकोल की तरह गाढ़ा और काला होता है। आज हम विस्तार में जानेंगे शिलाजीत के फायदे और नुकसान आपकी सेहत के लिए ।

शिलाजीत का स्वाद

शिलाजीत स्वाद में कसैल, गर्म और ज्यादा कडवा होता है। इसमें से गोमूत्र की तरह की गंध आती है।

शिलाजीत के प्रकार

यह चार प्रकार का होता है।

  • स्वर्ण शिलाजीत,
  • रजत शिलाजीत,
  • लौह शिलाजीत और
  • ताम्र शिलाजीत ।

शिलाजीत के लाभ

यौन तकात

  • शिलाजीत का सबसे पहला और अहम फायदा यह है कि यह पुरूषों की यौन क्षमता को बढ़ाता है। साथ ही यह शीध्रपतन को भी रोकता है।
  • शिलाजीत वीर्य को भी बढ़ाता है। शिलाजीत का सेवन करते हुए आपको मिर्च मसाले, खटाई और अधिक नमक के सेवन से परहेज करना है।

स्वपनदोष की समस्या

शिलाजीत में केसर, लौहभस्म और अम्बर को मिलाकर सेवन करने से स्पनदोष ठीक हो जाता है। और पुरूष की इंद्री यौन इच्छा के लिए प्रबल हो जाती है। यह उपाय करते समय भी अधिक खटाई और मिर्च मसालों के सेवन से बचें।

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तनाव की समस्या

यदि आपको तनाव यानि टेंशन की समस्या होती हो तो शिलाजीत आपके लिए बहुत फायदेमंद हो सकता है। शिलाजीत का सेवन करने से तनाव को पैदा करने वाले हार्मोन्स संतुलित हो जाते हैं जिससे इंसान को टेंशन की समस्या नहीं होती है।

ताकत

शरीर को तुरंत उर्जा देने की क्षमता होती है शिलाजीत में। इसमें मौजूद अधिक विटामिन और प्रोटीन की वजह से शरीर में उर्जा बढ़ जाती है।

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हड्डियों के रोग में

शिलाजीत खाने से हड्डियों की मुख्य बीमारियां जैसे जोड़ों का दर्द और गठिया की समस्या दूर होने के साथ हड्डियां मजबूत बनती हैं।

ब्लडप्रेशर में

बल्डप्रेशर को सामान्य किया जा सकता है शिलाजीत के इस्तेमाल करने से। यह शरीर में खून को साफ करके नसों में रक्तसंचार को ठीक करता है।

बूढ़ा होने से बचाता है

उम्र बढ़ने के साथ ही चेहरे और शरीर की त्वचा झुर्रीदार होने लगती है। ऐसे में सफेद मसूली, अश्वगंधा और शिलाजीत को मिलाकर बनाई गई दवा शरीर को फिर से जवां बनाने का काम करती है।

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डायबिटीज के रोग में

शिलाजीत मधुमेह से ग्रसित लोगों के लिए बेहद फायदेमंद औषधि है। एक चम्मच त्रिफला चूर्ण और एक चम्मच शहद को दो रत्ती शिलाजीत के साथ खाने से मधुमेह ठीक हो जाता है।

बढ़ाए दिमाग की क्षमता को

दिमाग को तेज बनाता है शिलाजीत। रोज एक चम्मच मक्खन के साथ शिलाजीत का सेवन करने से दिमाग की क्षमता बढ़ती है। शिलाजीत न केवल शरीर की ताकत को बढ़ाता है यह दिमाग को भी तेज करता है।

दिल की बीमारी में शिलाजीत

दिल की सेहत के लिए बहुत ही अच्छी औषधि है शिलाजीत। यह उच्च रक्तचाप की समस्या को भी ठीक करता है।

सूजन में शिलाजीत

सूजन की समस्या को ठीक करता है शिलाजीत। यदि गठिया या सूजन की समस्या हो रही हो तो वे शिलाजीत का सेवन करें आपको राहत मिलेगी।

कमजोर पाचनतंत्र

जब पाचनतंत्र कमजोर होता है तब इंसान के शरीर को कई बीमारियां लगने लगती है। शिलाजीत खाने से पाचनतंत्र मजबूत और स्वस्थ बनता है।

किड़नी की परेशानी

किड़नी की परेशानी - Shilajeet benefits

पैनक्रियाज और किड़नी की समस्या को भी ठीक करता है शिलाजीत। क्योंकि शिलाजीत शरीर में ब्लड सर्कुलेशन को ठीक रखता है।

कमजोर दिमाग

दिमाग की कमजोरी को दूर करने लिए शिलाजीत का सेवन करें।

दूध और शहद के साथ शिलाजीत को सुबह सूर्य उगने से पहले सेवन करना चाहिए।

शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाना

शरीर की कमजोरी दूर करना और बीमारियों से लड़ने में रोगप्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाना शिलाजीत के सेवन से होता है। दूध के साथ शुबह शाम शिलाजीत को खाने से इंसान बीमार नहीं पड़ता है।

बहुमूत्र की समस्या

जिन लोगों को बार-बार पेशाब लगने की समस्या होती हो उनके लिए शिलाजीत बहुत ही फायदेमंद होता है। शहद के साथ छोटी इलायची के दाने और शिलाजीत को मिलाकर खाने से अधिक मूत्रता होने की समस्या ठीक होती है।

शिलाजीत खाने के नुकसान

शिलाजीत खाने के नुकसान - shilajeet ke nuksan hindi

अधिक शिलाजीत खाने से एलर्जी हो सकती है।

गर्भावस्था में शिलाजीत नहीं खाना चाहिए।

शिलाजीत के अधिक सेवन से बचना चाहिए।

शिलाजीत इंसान के लिए प्राकृति वरदान से कम नहीं है। इसलिए शिलाजीत के फायदे और नुकसान दोनों ही हैं। आप अपनी सुविधा के अनुसार शिलाजीत का सेवन कर सकते हैं। लेकिन उससे पहले आप किसी आयुवेर्दिक चिकित्सक से सलाह लेना ना भूलें।

असली शिलाजीत की पहचान

आजकल शिलाजीत में काफी मिलावट भी पायी जाती है इसकी जरुरी है की आपको असली शिलाजीत की पहचान भी होनी चाहिए जैसे कि,

  • अगर शिलाजीत को हम जलते हुए अंगारे पर डालें तो यह बिलकुल धुआं नहीं देगा।
  • शिलाजीत का स्वाद कड़वा होता है और इसके गौमूत्र जैसे गंध आती है।
  • अगर इसके वज़न की बात करें तो यह बहुत हल्का और चिकना होता है।

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