सफ़ेद दाग को दूर करने के उपाय

सफेद दाग को अंग्रेजी में ल्यूकोडरमा कहा जाता है। यह एक प्रकार का त्वचा का रोग है जिसमें त्वचा के रंग में सफेद चकते पड़ जाते हैं। ल्योकोडरमा यानी की सफेद दाग। यह शरीर के जिस हिस्से में होता है उसी जगह सफेद रंग के दाग बनने लगते हैं। धीरे-धीरे यह दाग बढ़ने लगते हैं। भारत में 2 फीसदी आबादी इस समस्या से परेशान है। समाज में यह धारण बन गई है की यह कुष्ठ रोग है पर यह कुष्ठ रोग नहीं होता। यह न तो कैंसर  है, न ही कोढ़ होता है।

सफेद दाग के मुख्य कारण है

1. अत्याधिक चिंता करना और तनाव लेना
2. पेट में गैस की समस्या
3. लीवर की समस्या
4. विपरीत भोजन की वजह से जैसे मछली के साथ दूध का सेवन करना
5. आनुवंशिक समस्या
6. जलने या चोट लगना
7. पाचन तंत्र में कीड़े होना
8. कैलिश्यम की कमी
9. खून में खराबी
10. पेट में कीड़े होना आदि

सफेद दाग होना एक आम समस्या है यह दाग हाथों, पैरों, चेहरे, होठों आदि पर छोटे रूप में होते हैं फिर ये बडे़ सफेद दाग का रूप ले लेते हैं।

यह संक्रामक रोग छोटे बच्चों को भी हो सकता है। सफेद दाग का इलाज आयुर्वेद में उपल्ब्ध है। अब आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है। आयुर्वेद के अनुसार पित्त दोष की वजह से सफेद दाग की समस्या होती है। ल्यूकोडरमा यानी सफेद दाग के कारगर रामबाण इलाज  इस प्रकार है-

  • सफेद चक्तों को दूर करने के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है अपनी जीवन शैली और खान पान में परिवर्तन लाना। करेले की सब्जी का सेवन अधिक से अधिक करना, खट्टा, ज्यादा नमक का सेवन, मछली और दही आदि से दूर रहना।
  • गर्म दूध में पीसी हल्दी को डालकर दिन में 2 बार पीने से 5 महीने में सफेद दाग से मुक्ति मिल जाती है।
  • साबुन और डिटरजेंट का इस्तेमाल न करें।
  • मूली और मांस के साथ दूध न पीएं। नींद पूरी लें, कम से कम 8 घंटे की नींद लें।
  •  गाजर, लौकी और दालें अधिक से अधिक सेवन करें। एलोवेरा का जूस पीएं। 2 से 4 बादाम डेली सेवन करें। सफेद तिल को खाने में इस्तेमाल करें। पालक, गाय का घी, खजूर का इस्तेमाल करते रहें।
  • 1 चम्मच हल्दी पाउडर, 2 चम्मच सरसों का तेल को मिलाएं  फिर इस पेस्ट को सफेद चक्तों वाली जगह पर लगाएं और 15 मिनट तक रखने के बाद उस जगह को धो लें एैसा दिन में 3 से 4 बारी करते रहें।
  • 2 चम्मच अखरोट का पाउडर उसमें थोड़ा सा पानी मिलाकर पेस्ट बनाएं और इसे 20 मिनट तक लगा कर रखें दिन में 3 से 4 बारी एैसा करें।
  • नीम की पत्तीयों का पेस्ट बनाएं उसे छननी में डालकर उसका रस निकाल लें फिर उसमें 1 चम्मच शहद डालें और मिलाकर दिन में 3 बार पीएं।

टमाटर का सेवन
सफेद दाग की समस्या से ग्रसित लोगों को टमाटर और टमाटर से संबंधित किसी भी तरह की चीज का सेवन नहीं करना चाहिए। यानि की आपको कच्चा पका टमाटर और टामटर की चटनी से भी परहेज करना चाहिए।

अदरक की पत्तियां
अदरक की पत्तियों से बने पेस्ट को पानी के साथ मिलाकर लेप तैयार करें। और फिर इस लेप को सफेद दाग वाली जगह पर सुबह और शाम में समय लगाएं।
नारियल का तेल
सफेद दाग दूर करने के लिए नारियल तेल से दिन में तीन बार मालिश करें। इससे शरीर में सफेद चकते कम होने लगते हैं।

अनार का प्रयोग
अनार त्वचा रोग से संबंधित रोगों के लिए फायदेमंद होता है। सफेद दाग की समस्या से छुटकारा पाने के लिए आप अनार की पत्तियों को तोड़कर सुखा लें और उसका चूर्ण बना लें। इसके बाद इस चूर्ण की एक फंकी एक गिलास पानी मे मिलाकर पीने से सफेद दाग से जल्द ही राहत मिलती है।

हरड़

हरड़ को घिसकर लहसुन के रस में मिलाकर इसके पेस्ट को सफेद दाग पर लगाएं। एैसा करने से सफेद दाग ठीक हो जाते हैं।
उड़द की दाल
रात में आप उड़द की दाल को पानी में भिगों लें और उसे दरदरा पीसकर नियमित कम से कम पाच महीनों तक सफेद दाग वाले हिस्से पर लगाएं इस उपाय से आपको सफेद दाग से मुक्ति मिलेगी।

तांबे में रखा हुआ पानी
सफेद दाग की समस्या को ठीक करने के लिए आप रात के समय में तांबे के लोटे में साफ पानी भर दें। और सुबह के समय एकदम खाली पेट इस पानी को पीएं। इस उपाय को लगातार कुछ महीनों तक करें। आपको इससे फायदा मिलेगा।

नदी घाटी में मिलने वाली लाल मिट्टी और अदरक
लाल मिट्टी जो नदी के किनारे मिलती है इसके प्रयोग से भी सफेद दाग से मुक्ति पाई जा सकती है। लाल मिट्टी में काॅपर पाया जाता है जो शरीर से सफेद दाग को खत्म करता है।

कैसे बनाएं लाल मिट्टी का पेस्ट
सबसे पहले आप अदरक का पेस्ट बना लें कम सक कम पचास ग्राम। अब आप इस पेस्ट में लाल मिट्टी दो चम्मच डालकर इसे अच्छी तरह से मिलाकर पुनः पेस्ट बना लें। और इस लाल मिट्टी के बने पेस्ट को सफेद दाग वाली जगह पर लगाएं।
तुलसी तेल
तुलसी के तेल से भी सफेद दाग ठीक होता है। आप रोज तुलसी के तेल से सफेद दाग के उपर मालिश करें।

सफेद दाग की समस्या कोई लाइलाज बीमारी नहीं है। आयुर्वेदिक उपायों के जरिए इसे पूरी तरह से ठीक किया जा सकता है। साथ ही यह बीमारी छूने से किसी से हाथ मिलाने से, या फिर शररिक संबंध बनाने से भी नहीं फैलती है।

sehatsansar youtube subscribe
डिसक्लेमर : sehatsansar.com में जानकारी देने का हर तरह से वास्तविकता का संभावित प्रयास किया गया है। इसकी नैतिक जिम्मेदारी sehatsansar.com की नहीं है। sehatsansar.com में दी गई जानकारी पाठकों के ज्ञानवर्धन के लिए है। अतः हम आप से निवेदन करते हैं की किसी भी उपाय का प्रयोग करने से पहले अपने चिकित्सक से सलह लें। हमारा उद्देश्य आपको जागरूक करना है। आपका डाॅक्टर ही आपकी सेहत बेहतर जानता है इसलिए उसका कोई विकल्प नहीं है।