रज मुद्रा योग के फायदे और विधि

rajmudra-and-its-benefit-in-hindi-रज-मुद्रा-के-फायदे copy

रज मुद्रा योग का एक महत्वपूर्ण भाग है। जो आपकी सेहत के लिए अति उत्तम है। खासतौर से माताओं और बहनों के लिए।
मासिक धर्म के दौरान महिलाओं को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। वे इसे एक तरह के बोझ के रूप में समझती है। क्योंकि इस दौरान महिलाओं को पेट की परेशानी, पेट में दर्द, बुखार और अनियमित रूप से होने वाली माहवारी होती है। रज मुद्रा आपकी इन समस्याओं का हल आसानी से कर सकती है।
वैदिक वाटिका आपको बता रही है कैसे करें रज मुद्रा को और इस्से आपको मिलने वाले फायदों के बारे में।
रज मुद्रा के फायदे और इसे करने का तरीका

रज मुद्रा को करने का तरीका

बहुत ही आसान तरीका होता है रज मुद्रा को करने का। इस योग में आपको अपनी छोटी उंगली को मोड़ना है और उसे हथेली की जड़ पर लगा देना है। इस तरह से यह रज मुद्रा बन जाती है।
रज मुद्रा को आप कहीं भी और किसी भी समय के दौरान जैसे कहीं घूमते समय, आॅफिस में काम करते समय आदि कर सकती हो।
रज मुद्रा को सुबह और शाम के समय में पंद्रह मिनट तक करना चाहिए। और धीरे—धीरे इस योग को आप आधे घंटे तक भी कर सकती हो।
इस योग को कम से कम नियमित तीन महीने तक करने से आपको मासिक धर्म के दौरान होने वाले कष्टों में फायदा मिलेगा।

आइये अब जानते हैं रज मुद्रा से मिलने वाले फायदों के बारे में

पीठ का दर्द
कमर का दर्द और पेट का दर्द इस मुद्रा को करने से ठीक होता है।
सिर में भारीपन और सिर का दर्द होना ठीक होता है।
छाती में होने वाला दर्द भी इस योग से ठीक होता है।
प्रजनन अंगों से जुड़ी हुई समस्याओं में पूरा फायदा मिलता है।
रज मुद्रा महिलाओं के लिए बहुत ही लाभदायक और आसान योग है। जिसका फायदा भी जल्दी ही मिलता है।

रज मुद्र का करने का सही समय
महिलाओं को इस बात का जानना जरूरी है कि वे इस मुद्रा का कब करें। माहवारी के शुरू होते है माताएं व बहनें इस मुद्रा को करना शुरू कर दें। इससे माहवारी के समय में होने वाली समस्याएं जैसे अधिक खून बहना, पेट दर्द होना आदि ठीक होने लगता है।

ये तो बात रही माताओं और बहनों के लिए। रज मुद्रा का फायदा पुरूषों का भी मिलता है। लेकिन उतना नहीं जितना महिलाओं को।
यदि पुरूष रज मुद्रा को करते हैं तो इससे वीर्य व प्रजनन अगों से सबंधित परेशानियों में लाभ मिलेगा। यानि कि ये समस्याएं ठीक हो जाएगीं।

वैसे तो रज मुद्रा को करने में किसी भी तरह की सावधानी की जरूरत नहीं होती है। आप इसे आराम से कहीं भी बैठे—बैठे या काम करते वक्त कर सकते हो।

डिसक्लेमर : sehatsansar.com में जानकारी देने का हर तरह से वास्तविकता का संभावित प्रयास किया गया है। इसकी नैतिक जिम्मेदारी sehatsansar.com की नहीं है। sehatsansar.com में दी गई जानकारी पाठकों के ज्ञानवर्धन के लिए है। अतः हम आप से निवेदन करते हैं की किसी भी उपाय का प्रयोग करने से पहले अपने चिकित्सक से सलह लें। हमारा उद्देश्य आपको जागरूक करना है। आपका डाॅक्टर ही आपकी सेहत बेहतर जानता है इसलिए उसका कोई विकल्प नहीं है।