सर्दियों में कैसे बचें रोगों से

सर्दियों के आते ही मौसम में परिवर्तन आ जाता है। जिसकी वजह से रोजाना की जिंदगी में भी बदलाव आ जाता हैं। नवम्बर से फरवरी तक सर्दियों का मौसम रहता है। इस मौसम को आयुर्वेद में शरीर के लिए बहुत उपयोगी बताया गया है। क्योंकि इस मौसम में लोगों को कम से कम बीमारियों का सामना करना पड़ता है। इसलिए मनुष्य को इस मौसम का ज्यादा से ज्यादा लाभ उठाना चाहिए। शीत ऋतु में भूख ज्यादा लगती है, और इसी वजह से शरीर में भोजन के पोषक तत्व ज्यादा से ज्यादा पहुंचते हैं। लेकिन इस मौसम में शरीर का थोड़ा सा भी ध्यान न रखने पर गंभीर रोगों का सामना भी करना पड़ सकता है। कुछ बातों को ध्यान में रखने से आप सर्दियों में होने वाली भंयकर बीमारियों से बच सकते हो।
 

कैसे रखें ठंडियों में अपना ख्याल आज हम आपको बताते हैं।
 जैसा की बताया गया है कि सर्दियों में भूख अधिक लगती है। इसलिए खाने को पचाने के लिए सुबह थोड़ा सा टहले या व्यायाम जरूर करें ताकी भोजन के पोषक तत्वों से आपका शरीर रोगमुक्त बना रह सके। यह बात आयुर्वेद में स्वयं चरक ने कही है।
 

अपने भोजन में घी का इस्तेमाल करें। कोशिश जरूर करें कि गाय का घी अपने भोजन में प्रयोग कर सके। यह शरीर को गर्मी देता है। और भूख लगने की शक्ति को बढ़ाता है। इस मौसम में घी को सबसे पोषक और निरोग करने वाला कहा गया है।
 
आप चाहे घर पर हो या आॅफिस में जब भी हो सके आधा घंटा नहीं तो 20 मिनट तक घूप का सेवन जरूर करें। यदि आपका अवकाश है तो तेल मालिश करके सूर्य के प्रकाश से निकलने वाले विटामिन डी को जरूर लें। यह शरीर को इस मौसम में निरोगी और स्वस्थ बनाता है।
 
ठडियों के प्रकोप से बचने के लिए घर से निकले से पहले सिर को ढ़कने के लिए टोपी, हाथों पर दस्ताने, गरम कोट या उनी कपड़े पहनें। पैरों पर उनी मोजें पहने तब बहार निकलें। जब आप घर पर भी हों तो मोजे पहन कर रखें।
 
ठंड से बचने के लिए लोग चाय और काफी का प्रयोग ज्यादा करते हैं। कुछ तो शराब आदि का इस्तेमाल भी करते हैं जो कि गलत है। हर्बल चाय का सेवन जरूर करें यह गले के दर्द में फायदा पहुंचाती है।
 
सर्दियों मे होने वाली बीमारियां और इनका वैदिक उपायः
 
शीत ऋतु में शरीर पर ध्यान न देने से बीमारियां भी जलदी ही शरीर को घेरती है। इसलिए जानकारी ही सही बचाव है। आइये आपको को बताते हैं कि किस तरह से इस मौसम में होने वाली बीमारियों से बचा जा सकता है। आयुवेर्दिक उपयों के जरिए आप इन बीमरियों से अपने को बचाने में सक्षम हो सकते हो।

 
इस मौसम में लोगों को सर्दी और जुकाम लगना या खांसी होना, कफ आना, ठंड लगना आदि आम समस्या है। जिसकी वजह है खान-पान में ध्यान न देना आदि लेकिन इसे नजरअंदाज करना ठीक नहीं होता हैं। तुलसी के 4 पत्ते और 3 काली मिर्च को पीसकर शहद के साथ सेवन करने से जुकाम में आराम मिलता है। या शहद में अदरक और तुलसी के पत्तों का रस मिलाकर चाटने से इन रोगों से मुक्ति मिल सकती है।
 
शीत ऋतु में मिलने वाले फलों का सेवन अधिक से अधिक करें जैसे अमरूद, मौसमी, आदि। कोशिश करें की तेल युक्त खाने से बचें। अदरक का इस्तेमाल अपने भोजन में अवश्य करें। क्योंकि अदरक में पोषक तत्व होते हैं जो शरीर में गर्मी पहुंचाते हैं। साथ ही साथ लहसुन भी खायें। जुकाम को रोकने के लिए प्याज और गुड को मिलाकर सेवन करें। यह जुकाम से आपको बचाता है।
 
 खांसी के ज्याद होने पर 10 ग्राम पिसे हुए गुड में 4 काली मिर्च पीसकर सेवन करने से आपको खांसी के प्रकोप से निजात मिल सकता है।
 
 सोते समय मिश्री की डली चूसने से खांसी में राहत मिलती है।
 
जुकाम से बचने के लिए आप इस घरेलू नुस्खे का इस्तेमाल भी कर सकते हो- अजवाइन, काली मिर्च और धनिया को पानी में उबाल लें और चाय की तरह इसे पीयें। यह आपको जुकाम से निजात दिलवाता है।
 
मौसम क बदलते ही बीमारी भी पनपने लगती है इसलिए इन प्राकृतिक उपायों को करने से आप सदिर्यो में होने वाले गंभीर रोगों से बच सकते हो। यदि समस्या गंभीर है तो आप अपने चिकित्सक से जरूर सलाह लें।

 
image credit-gettyimages.in
 
 
  
 
  
 
  
 
  
 
  

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