गर्भावस्था की जानकारी और सामान्य पेरशानियां

महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान कुछ न कुछ परेशानियां होती रहती हैं। जिनके प्रति थोड़ा सजक रहने की जरूरत होती है। वैसे तो यह कष्ट स्वभाविक रूप से ही समाप्त हो जाते हैं। लेकिन यदि परेशानी ज्यादा हो रही हो तो निश्चित ही डॉक्टर से सलहा जरूर लें। गर्भवती महिलाओं को उन परेशानियों के बारे में बताया जा रहा है जो उन्हें इस दौरान होती हैं साथ ही कैसे इन परेशानियों से निपटे यह भी आपको बताया जाएगा।

गर्भावस्था में होने वाले कष्ट :

उल्टी होना
भोजन करने के बाद कुछ महिलाओं को तुरंत उल्टीयां होनी शुरू हो जाती हैं। इसलिए वे खाना खाने के आधे घंटे पहले थोड़ा विश्राम कर लें। फिर खाने में भी रेशेदार सब्जी और रोटी को बेहद चबाकर खायें। इस दौरान पानी कम ही पीयें तो बेहतर होगा।

जी मिचलाना
गर्भावस्था के दो से तीन महीने में सुबह-सुबह जी मिचलता है। इस दौरान जो महिलाएं चाय का सेवन करती हैं वे चाय के साथ बिस्कुट जरूर लें। या फिर आप भुने हुए चने का भी सेवन कर सकती हैं। खाने के बाद लेटना जरूरी है। और उठने के बाद धीरे-धीरे चलें झटके से नहीं। यदि जी मिचलाना ठीक न हो तो लौंग या इलायची आदि ले सकती हो।

सीने में जलन
कुछ स्त्रियों को इस दौरान सीने में जलन की शिकायत होती है जिसकी मुख्य वजह है देर रात को भोजन करना, अधिक देर तक बैठे रहना आदि । इसलिए आपको तेल वाली चीजों से परहेज करना है और नींबू पानी पीएं।

मांसपेशियों में ऐंठन
मांसपेशियों में ऐंठन की वजह है कैल्श्यिम की कमी होना। अतः विटामिन ए और डी लेते रहें। तथा हरी सब्जियों को अधिक से अधिक अपने खाने में इस्तेमाल करें।

कब्ज या गैस बनना
कब्ज की समस्या गर्भावस्था में ज्यादातर महिलाओं को रहती है। इसलिए शैच जाने से पहले ताजा पानी जरूर पीएं। और सुबह उठकर घूमना फायदा करता है। कब्ज से निजात पाने के लिए खाने में हरी सब्जी, चोकर युक्त आटा, आदि का सेवन करें। रात में ईसबगोल की भूसी को दूध के साथ सेवन करें। यदि तब भी कब्ज की समस्या हो रही हो तो डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

टांगों में सूजन
टांगों में सूजन की मुख्य वजह है गर्भावती स्त्री का अधिक देर तक खड़े रहना। इसलिए अधिक देर तक खड़े न रहें। आवश्यक काम भी हो तो बैठकर ही करें।

पीठ में दर्द
जैसे जैसे भ्रूण पेट में बढ़ता है भार और आकार भी बढ़ता रहता है। इस वजह से मांसपेशियों में खिंचाव होता है जिसकी वजह से पीठ में दर्द होता है। इससे घबराने की जरूरत नहीं है।

इन गंभीर रोगों पर ध्यान दें

यदि सूजन हाथों में या टांगों में हो रही हो और खून आने की समस्या भी हो रही हो या फिर कमर व पेट में दर्द हो रहा हो तो ऐसी स्थिति में बिना देर किए डॉक्टर को जरूर दिखाएं। इस तरह की समस्याओं में जानकारी ही मुख्य बचाव होती है।

गर्भावस्था में होने वाले इन कष्टों से परेशान होने की जरूरत नहीं है। बस कुछ बातों का ख्याल रखना जरूरी होता है। गर्भिणी को खुद ही अपने खान पान का ख्याल रखना चाहिए। क्योंकि खाने की वजह से होने वाली समस्याएं शिशु के विकास में बाधक बन सकती है।

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