प्राकृतिक आर्गेनिक खाद – गाय के गोबर-मूत्र से तैयार

Pesticide

अधिकतर किसान भारत में रसायनिक खादों का इस्तेमाल करते हैं। क्योंकि उन्हें एक भ्रम है कि रसायनिक खाद जैसे यूरिया आदि से जमनी अधिक उपजाउ हो जाती है और फसल समय से पहले तैयार हो जाती है। लेकिन यह पूरी तरह से गलत है। क्योंकि रसायनिक खाद धीरे-धीरे आपके खेत को अंदर से खोखला बनाती जाती है। साथ ही यह बेहद मंहगी होती है। हाल ही में हुए एक शोध में इस बात का पता लगा है कि यदि आप अपने खेत में पहले साल में एक बोरी यूरीया का इस्तेमाल करते हो तो दूसरे साल में आपको और अधिक और हर साल आपको यूरीया की मात्रा बढ़ानी पड़ सकती है।

अब आप यही बोलेगें कि खाद कहां से और कौन सी लाएं। वैदिक वाटिका आपको बता रही है बिना पैसे खर्च किए अपने घर में ही बनाई जा सकती है खाद। अक्सर भारत के किसानों को जानकारी न होने की वजह से या गलत जानकारी की वजह से हमेशा ना समझी वाले कार्य कर बैठते हैं जिसका पछतावा उन्हें बाद में होता है।

आर्गेनिक खाद – गाय के गोबर-मूत्र से तैयार

फैजाबाद यह उत्तर प्रदेश का ऐसा गांव है जहां किसान शुद्ध रूप से देशी खेती करता है और अधिक मुनाफा कमाते हैं । इन किसानों को किसी भी तरह की रसायनिक खाद खरीदने की जरूरत नहीं पड़ती है। आइये जानते हैं कैसे बनती है प्राकृतिक खाद।

गाय के गोबर व मूत्र से बनने वाली खाद और कीटनाशक

  • गाय के मूत्र को दस से 15 लीटर की मात्रा में जमा करके एक कंटेनर में रखें।
  • और उसमें 20 किलो बारीक कटा हुआ बदबू वाला घास। आप किसी भी घास को सड़ा करके बदबू वाली घास बना सकते हो।
  • इसमें देशी गुड, गाय का गोबर और बेसन भी उचित मात्रा में मिला लें। और बाद में इसमें पानी डालकर घोल बनाकर इसे पंद्रह दिनों के लिए ढक लें।
  • पंद्रह दिनों के बाद आपको इस मिश्रण को छानकर अलग रखना हैं और जो चीजें छनकर अलग हुई हैं उन्हें खेतों में बुरक दे।
  • अब आप इस घोल का छिडकाव सीधे फसलों पर न करें क्योंकि ऐसा करने से फसल जल सकती है। इसके लिए आपको इस मिश्रण के एक लीटर की मात्रा में पाच लीटर पानी मिलाकर इसका छिडकाव करें।

आसान शब्दो में आपको एक लीटर गाय के पेशाब से बनें मिश्रण में पांच लीटर पानी को  मिलाना है।

प्राकृतिक खाद बनाने का एक और तरीका है 

आप गाय के गोबर को काफी मात्रा में एकत्रित कर लें और उसे घास से अच्छी तरह से ढक लें।

और पचास दिनों के बाद यह प्राकृतिक खाद बनकर तैयार हो जाएगी।

 

प्राकृतिक खाद व कीटनाशक के फायदे

  • इसके उपयोग से फसलों पर कीड़े नहीं लगते हैं।
  • फसल पूरी तरह से प्राकृतिक रूप में अच्छी बन पाती है।
  • मिट्टी का या भूमी का उत्पादन बढ़ता है।
  • किसानों को इससे अच्छी आमदनी होती है।
  • कैमिकल वाली खाद के खर्च से बचा जा सकता है।

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