सीने में जलन के कारण और घरेलु इलाज

सीने में जलन होना आयुर्वेद में हृदय दाह और अन्तर्दाह आदि के नाम से जाना जाता है। सीने मे जलन की समस्या आजकल आम हो गई है। लेकिन आप कभी भी सीने में जलन को हल्के में ना लें। यह जरूरी नहीं है कि सीने में जलन का मतलब दिल की काई खतरनाक बीमारी हो सकती है। सीने में जलन की समस्या यदि आपको बार-बार होती हो तो आप इन घरेलू नुस्खों को उपयोग कर सकते हैं। वैदिक वाटिका आपको बता रही है सीने की जलन से कैसे राहत पा सकते हैं।

सीने में जलन के कारण
अधिक मिर्च मसाले वाली चीजों का सेवन
गैस बनना
कच्चे तेल में बना खाना खाने से
बासी खाना खाने से
पानी का सेवन ना करना

सीने में जलन के घरेलू उपचार
आलू का रस
यदि आपको सीने में जलन बार.बार होती हो तो आप आलू का रस का सेवन करें। इसके अलावा आप कच्चे आलू को चबाएं और उसके रस को पीएं और उसके गूदे को थूक दें। नियमित कुछ दिनों तक इस घरेलू नुस्खे को अजमाने से आपको हृदय दाह से आराम मिलेगा।

गुड़
सीने में जलन हृदय की बीमारी है। इस समस्या से निजात पाने के लिए गुड़ बहुत ही फायदेमंद औषधि है। गुड़ का शर्बत बनाकर पीने से सीने की जलन से आप निजात पा

सकते हैं।

सौंठ
सौंठ यानि अदरक का चूर्ण को पानी के साथ मिलाकर नियमित पीने से सीने का दर्द व जलन ठीक हो जाता है।

मिश्री
पकी हुई इमली के घोल में थोड़ी सी मिश्री को मिलाकर पीने से आप सीने में जलन से कुछ दिनों में पूरी तरह से निजात पा सकते हो।

लौंग
लौंग भी सीने की जलन को ठीक करती है। इसके लिए आप दो से तीन लौंग को पानी के साथ पीस लें और फिर इसे एक कप पानी में मिला लें और उपर से थोड़ी सी मिश्री भी इसमें मिलाएं। और इसका सेवन दिन में दो बारी करें।

लहसुन
लहुसन दिल की बीमारी को ठीक करता है। लहसुन का सेवन करने से पेट से हवा बाहर निकल जाती है और सीने की जलन खत्म होने लगती है। लहसुन दिल के रोगों पर प्रभावी रूप से काम करता है।

यदि सीने में जलन बहुत ही अधिक हो रही हो तो तब आप तुरंत डाॅक्टर के पास अपना चेकअप कराएं।

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