पेट दर्द का घरेलू उपचार – छोटे बच्चों के लिए

छोटे बच्चों के पेट में दर्द होना सामान्य बात है। लेकिन कभी-कभी इस बात का पता नहीं चल पाता है कि बच्चा पेट की दर्द की वजह से रो रहा है या फिर किसी अन्य समस्या की वजह से। ऐसे में आपको बच्चे के शरीर में होने वाले कुछ बदलावों के उपर नजर रखनी चाहिए। जिससे पता चल सके कि सही में बच्चे के पेट में दर्द हो रहा है। वैदिक वाटिका आपको कुछ घरेलू व प्राकृतिक नुस्खों के बारे में बता रही है जिनके प्रयोग से छोटे बच्चों के पेट में होने वाले दर्द से बचा जा सकता है।

सामान्य लक्षण पेट दर्द होने के

  • बच्चों के पेट में दर्द के कुछ सामान्य लक्षण होते हैं जैसे पेट दर्द के साथ उल्टीयों का होना।
  • दर्द पेट के किसी जगह पर होना। और
  • पूरे पेट में दर्द का होना। आदि प्रमुख लक्षण हैं।

पेट दर्द से बचने के उपाय

  • अगर बच्चे को हल्का दर्द है तो इसका उपचार आपके घर में ही होता है लेकिन दर्द के बढ़ने पर डाक्टर की सलाह भी लेना जरूरी है।
  • बच्चे के पेट में दर्द होने पर उसे पेट भर खाना खाने की बजाय हल्का और समय-समय पर खाना खिलाते रहें।
  • कोई भी दवा खुद से बच्चे को न दें। यह बच्चे की सेहत को और भी ज्यादा खराब कर सकती है।
  • बच्चे को खाने के लिए दलिया, दाल का पानी, मूंग की खिचड़ी और चावल का पानी पिलाते रहें।
  • जितना हो सके आप बच्चे को तला हुआ खाना देने से बचें।
  • हर समय गुनगुना पानी भी बच्चे को पिलाते रहें।
  • गुनगुने पानी में अजवाइन को मिलाकर उसे छान लें और बच्चे का पिलाएं।

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इसके अलावा बच्चे के शरीर पर भी नजर रखें जैसे

  • यदि पेट में दर्द बढ़ रहा हो।
  • पेट फूल गया हो या टाइट बन गया हो।
  • बुखार व उल्टी, पानी की कमी आदि की परेशानी हो रही हो तो बिना देर किए आप अपने बच्चे को डाक्टर के पास ले जाएं।

बच्चों को जितना हो सकें साफ सुतरे वातावरण में रखें। घर में व घर के आस-पास गंदगी को न होने दें । पेट का दर्द बच्चों को गंदे वातावरण के संपर्क में आने से होता है।

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