पार्किंसन का इलाज होगा अब ल्यूकीमिया की दवा से

न्यूराॅन से जुड़ी हुई बीमारियों के एक कारगर दवा हो सकती है ल्यूकीमिया। हाल ही में अमेरिका के वैज्ञानिकों ने शोध के आधार पर कहा है कि ल्यूकीमिया के जरिए निलोटिनिब पार्किंसन और डिमेशिया जिसे भूलने की बीमारी कहते हैं को ठीक किया जा सकता है।

पार्किंसन की बीमारी में इंसान का नर्वस सिस्टम पूरी तरह से बीमारी से ग्रसित हो जाता है। यानि यह क्षतिग्रस्त होता है। डिमेशिया की समस्या में रोगी की याददाश्त चली जाती है।

पार्किंसन की बीमारी न्यूराॅन को पूरी तरह से खराब कर देती है। जिसकी वजह से दिमाग में एलबी यानि लीवी बाॅडीज नामक प्रोटीन जमा होने लगता है। अमेरिकी वैज्ञानिकों ने गहन शोध के आधार पर बताया है कि लिलोटिनिब दिमाग में डोपमाइन को बनाए रखता है साथ ही वह हानिकारक प्रोटीन को भी हटाने लगता है।

पार्किंसन और डिमेंशिया डोपमाइन की कमी या उसकी मौजूदगी ना होने की वजह से होती है। यह शोध जाॅर्ज टाउन यनिवर्सिटी के वैज्ञानिको ने किया है।

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