पागलपन के लक्षण और इलाज

जब इंसान अपनी इद्रिंयों पर से अधिकार खो देता है तब उसका दिमाग और चेतना अव्यस्थित हो जाती है। जिस वजह से वह बे वजह हंसता है या रोता है। अपने कपड़े तक फाड देता है।  यही नहीं वह अजीब अजीब सी हरकते भी करने लगता है।  वैदिक वाटिका आपको बता रही है उन्माद का कारण और इसका घरेलू उपचार । पागलपन या उन्माद के मुख्य कारण हैं जीवन की निराशा, किसी गहरी चोट लगने की वजह से, अनियमित खाना खाने से, मादक चीजों के अधिक सेवन से ज्यादा शारीरिक काम करने से,  मस्तिष्क रोगों या वंशानुगत संक्रमण आदि कारणों से हो सकता है।

उन्माद या पागलपन का घरेलू उपचार
रात में भीगे हुए चनों की दाल को सुबह के समय पीसकर और उसमें थोड़ी सी चीनी मिलाकर कुछ समय तक खाते रहने से कुछ ही दिनों में पागलपन की समस्या ठीक हो सकती है।

अंगूरों का सेवन नियमित कुछ महीनों तक करते रहने से पागलपन की समस्या ठीक हो जाती है।

पंद्राह ग्राम अनार के ताजे व हरे पत्ते और इसी मात्रा में गुलाब के ताजे फूलों को आधा लीटर पानी के साथ आंच पर तब तक उबालें जब तक यह 1/4 पानी बच ना जाए। इसके बाद इसे उतार कर और छानकर बीस ग्राम देसी घी को इसमे मिलाकर रोज पीते रहने से कुछ ही दिनों में उन्माद रोग ठीक हो जाएगा।

दस से बारह काली पीसी हुई मिर्च ए तीन ग्राम ब्राहमी की पत्तियों को आधा गिलास पानी के साथ पीसकर व इसे छानकर नियमित रूप से दिन में दो बार पीने से कुछ ही दिनों में उन्माद का रोग की समस्या ठीक हो जाएगी।

चार से पांच मुनक्का के साथ आधा चम्मच पिसी हुई अजवाइन को आपस में पीसकर आधे कप पानी में घोलकर रोज दिन में दो बारी कुछ महीनों तक लगातार पीते रहें। इस घरेलू उपाय से उन्माद का रोग कुछ महीनों में पूरी तरह से ठीक हो सकता है।

वहम की वजह से होने वाला उन्माद होने पर एक प्याला दूधए एक प्याला मिश्री और तरबूज का रस इन सब काे आपस मे मिलाकर जिसका वजन कम से कम तीन ग्राम हो। फिर इसे किसी कांच की सफेद बोतल में डालकर चांदनी रात में खुला छोड़ दें और सुबह के समय में खाली पेट इसका सेवन करने से उन्माद की बीमारी कुछ दिनाें में ठीक हो जाती है।

पित्त की वजह से होने वाला उन्माद होने पर शाम के समय में कम से कम दो सौ पचास ग्राम पानी में चनों को भिगोकर सुबह इसे पीसकर पानी और चीनी को इसमे मिलाकर एक गिलास की मात्रा में पीते रहने से कुछ ही दिनों में उन्माद से मुक्ति मिल जाती है।

मीठे अमरूद दो सौ ग्राम की मात्रा में सुबह के समय में खाली पेट लेने से और शाम को भी खाते रहने से उन्माद रोग ठीक हो जाता है। यह उपाय कुछ दिनों तक नियमित करते रहें।

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