प्राचीन दोहों में छुपे हैं कई रोगों के इलाज

आयुर्वेद के दोहों में छिपा हुआ है हर तरह की बीमारियों का इलाज। प्राचीन समय में भी इन्हीं दोहों को समझकर हमारे पूर्वज अपना इलाज किया करते थे। इन दोहों के अनुसार हमारे घर की रसोई में कई तरह की औषधियां मौजूद होती हैं। जिनके जरिए हम छोटी-मोटी बीमारियों से आसानी से बच सकते हैं। वैदिक वाटिका आपको कुछ एैसी प्राचीन घरेलू नुस्खों के बारे में बता रही है जो दोहों के रूप में हमारे आयुर्वेद में लिखे हुए हैं।

सरसो तेल पकाइए, दूध आक का डाल।

मालिश करिए छानकर, समझ खाज का काल।।

प्रात:काल जो नियम से, भ्रमण करे हर रोज।
बल-बुद्धि दोनों बढ़ें, मिटे कब्ज का खोज।।

जब भी लगती है तुम्हे भूख कड़ाकेदार।
भोजन खाने के लिए हो जाओ तैयार।।

भून मुनक्का शुद्ध घी, सैंधा नमक मिलाए।
चक्कर आना बंद हों, जो भी इसको खाए।।

लहसुन की दो टुकड़े, करिए खूब महीन।
श्वेत प्रदर जड़ से मिटे, करिए आप यकीन।।

दूध गधी का लगाइए मुंहासों पर रोज।
खत्म हमेशा के लिए, रहे न बिल्कुल खाज।।

चना चून बिन नून के, जो चौसठ दिन खाए।
दाद, खाज और से हुआ, बवासीर मिट जाए।।

सदा नाक से सांस लो, पियो न कॉफी चाय।
पाचन शक्ति  बिगाड़कर भूख विदा हो जाए।।

गरम नीर को कीजिए, उसमें शहद मिलाए।
तीन बार दिन लीजिए, तो जुकाम मिट जाए।।

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