नीलम रत्न की पहचान और फायदे

रत्नों में हीरे के बाद नीलम का नाम आता है। नीलम रत्न दूसरा सबसे खूबसूरत रत्न है। यह एक एैसा रत्न है जो इंसान को उंचाई तक भी पहुंचा सकता है और बिलकुल गरीब तक बना सकता है। नीलम रत्न को कई नामों से जाना जाता है जैसे कबूद, नीलमणी और इंद्र नीलमणी आदि। ज्योत्षिशास्त्र के अनुसार जिन लोगों पर शनि की भंयकर दशा रहती है उनके लिए नीलम रत्न बहुत ही महत्वपूर्ण होता है। यदि नीलम रत्न पहने से पहले इसके फायदों और इसकी वास्तविकता की जांच नहीं करोगे  तो यह घातक भी हो सकता है। वैदिक वाटिका आपको बताएगी क्या फायदे और नुकसान है इस रत्न के।

नीलम रत्न के फायदे

  • नीलम पत्थर इंसान को निर्णय लेने की क्षमता देता है। जिससे इंसान न्यायपूर्ण तरीके से अपना कार्य सफलता से कर सकता है।
  • इस रत्न में दिमाग को तेज और मन को शांत करने की क्षमता होती है। जो भी इंसान नीलम रत्न को पहनता है कुछ ही दिनों में उसके अंदर बदलाव दिखने लगते हैं।
  • सबसे कठिन काम होता है धैर्य रखना। नीलम रत्न को पहने से इंसान का दिमाग शांत होता है और उसके अंदर धैर्य का विकास होता है।
  • शनि की साड़ेसाती या ढ़ईया से प्रभावित लोगों के लिए नीलम रत्न पहनना बहुत ही कारगर होता है।
  • वे लोग जो सामाजिक रूप से सबसे अधिक पंसद किए जाते है उनके लिए भी नीलम रत्न पहनना फायदेमंद होता है।
  • नीलम रत्न से आपके कार्य करने की क्षमता बढ़ जाती है।

बीमारी में नीलम रत्न के फायदे
नीलम रत्न को पहनने से हड्डियों की बीमारी, दमा और लकवा जैसे भंयकर रोगों में लाभ मिलता है। यानि कि ये रोग ठीक होने लगते हैं।
कौना सा दिन शुभ होता है नीलम रत्न को पहने के लिए
यदि ज्योतिषों की माने तो नीलम रत्न को पहनने का सबसे सही दिन शनिवार होता है। इस दिन आप पूजा विधि करके इस नग को पहनें।

मेहंदी के फायदे

यदि आपने नीलम रत्न की सही पहचान ना करके गलत रूप से नीलम रत्न पहन लिया तो यह सीधा आपको नुकसान दे सकता है। इसके लिए जरूरी है कि आप इसकी पहचान खुद से कर सकें।

वैदिक वाटिका आपको बता रही है कैसे करें नीलम रत्न की पहचान

असली नीलम रत्न की पहचान करने के तरीके

नीलम असली है या नकली इस बात की पहचान तब होती है जब इस रत्न को दूध के अंदर डाला जाता है। असली नीलम को यदि दूध में डालते हैं तो दूध का रंग धीरे-धीरे नीला होने लगेगा।

नीलम रत्न के दोष व सावधानियां
नीलम रत्न धारण करने के बाद आपको अपने अन्य उंगलियों में मोती व माणिक्य नहीं पहनना है। क्योंकि ये रत्न नीलम के प्रभाव को गलत रूप में ले जाते हैं जिससे नीलम आपको समस्या दे सकता है।
नीलम रत्न के नुकसान देने वाले लक्षण

नीलम रत्न को पहने से पहले ज्योतिषों से विचार करने के बाद ही पहनें। क्योंकि यह रत्न सबसे पहले आपके पैरों और हाथों के जोड़ो पर अचानक से असर डाल देता है।

sehatsansar youtube subscribe
डिसक्लेमर : sehatsansar.com में जानकारी देने का हर तरह से वास्तविकता का संभावित प्रयास किया गया है। इसकी नैतिक जिम्मेदारी sehatsansar.com की नहीं है। sehatsansar.com में दी गई जानकारी पाठकों के ज्ञानवर्धन के लिए है। अतः हम आप से निवेदन करते हैं की किसी भी उपाय का प्रयोग करने से पहले अपने चिकित्सक से सलह लें। हमारा उद्देश्य आपको जागरूक करना है। आपका डाॅक्टर ही आपकी सेहत बेहतर जानता है इसलिए उसका कोई विकल्प नहीं है।