नवजात के लिए माँ के दूध के फायदे

मां का दूध प्राकृतिक होता है। बच्चे की सेहत के लिए बेहद स्वस्थवर्धक और पौष्टिक होता है। शिशु के वास्तविक विकास के लिए ब्रेस्ट फीडिंग जरूरी होती है। जब शिशु पैदा होता है तब उसके शरीर में बीमारी से लड़ने की शक्ति नहीं होती है। ऐसे में जब बच्चे को मां का दूध मिलता है तब उसके शरीर की शक्ति बढ़ती है। और बच्च कई प्रकार के संक्रमणों से बचता है। वैदिक वाटिका आपको बता रही है मां के दूध के फायदों के बारे में।

मां के दूध के फायदे
बनाए हड्डियों को मजबूत
मां के दूध में कैल्शियम की मात्रा अधिक होती है। जिससे बच्चे की हड्डियां मजबूत होती है। इसलिए मां के दूध को बच्चे को नियमित पिलाना चाहिए।
बीमारियों से बचाता है
यदि बच्चे को बचपन में मां का दूध प्रयाप्त मात्रा में मिलता है तो बच्चे का शरीर भंयकर रोगों से बचता है। यह उच्च रक्तचाप, कैंसर और डायबिटीज जैसी  बीमारियों को बच्चे को नहीं लगने देता है। यही नहीं मां का दूध बच्चे के दिमाग और मानसिक क्षमता को भी बढ़ाता है।

बचाए एलर्जी से
बच्चे को शुरू में एलर्जी होने की संभावना अधिक होती है। ऐसे में यदि बच्चे को पूरी मात्रा में मां का दूध मिलता है तो उसे एलर्जी नहीं होती है। यही नहीं मां का दूध अधिक पीने से बच्चा अधिक मोटा नहीं होता है। और उसकी सेहत भी अच्छी बनी रहती है।
बीमारियों से बचाने में
मां का दूध बच्चे के शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता को इस तरह से बढ़ता है जिससे कि किसी भी तरह की पेट की बीमारी या फिर पेट से संबंधित अन्य समस्याएं बच्चे को नहीं होती हैं। इसके अलावा कान के रोग व दमा आदि बीमारियों से भी बच्चा बचा रहता है।

बच्चे को जीवन देता है
मां का दूध ना मिलने के कारण बच्चे को जीवन में कई प्राकार की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। जैसे भंयकर रोग आदि। मां का दूध को शिशु के पैदा होते ही कम से कम 6 से 8 माह तक नियमित पिलाना चाहिए।
रखे मां को भी स्वस्थ
स्तन पान कराने वाली महिलाओं को स्तन कैंसर की बीमारी कभी नहीं लगती है। साथ ही साथ मां की सेहत भी ठीक रहती है और किसी भी प्रकार का मानसिक तनाव भी नहीं रहता है।
पौष्टिक तत्व का होना
लेक्ओफोर्मिन नामक पौष्टिक तत्व मां के दूध में होता है। जिससे बच्चे के शरीर में आयरन मिलता है और वह कई रोगों से बचता है।
मां का दूध प्राकृतिक का एैसा दूध है जो जीवनदायक होता है। कभी भी अपने बच्चे को मां के दूध का आभाव ना होने दें।

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