नौकासन के लाभ और विधि

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नौकासन यानि की नाव वाला आसन। इस आसन को करते हुए इंसान का शरीर नाव के आकार या समान हो जाता है। जिस वजह से इसे नौकासन कहा जाता है। यह आसन शरीर के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है। वैदिक वाटिका आपको बता रही है नौकासन के फायदे और इसे करने का तरीका।

सबसे पहले जानते हैं नौकासन योग के फायदे :

  • नाभि टलने की समस्या दूर होती है। और नाभि अपनी जगह पर वापस आ जाती है।
  • मोटापा घट जाता है।
  • पेट की गैस बाहर निकलती है।
  • टट्टी खुलकर होती है। आंतों पर चिपका हुआ मल निकल जाता है।

नौकासन करने का तरीका

  • सबसे पहले आप जमीन पर कम से कम तीन से चार दरी बिछा लें। ताकि आपका आसन थोड़ा मोटा हो सके।
  • इसके बाद पीठ के बल दरी में लेट जाएं।
  • और अब अपने दोनों एड़ियोंए घुटनों और अंगूठे को आपस में मिला लें।
  • दोनों हाथों को अपने बगल में एक साथ जमीन पर रखें।
  • अब सांस को अंदर की तरफ भरें और रोकें अपने हाथों पर दबाब डालते हुए अपने दोनों पैरों को उपर उठाएं।
    साथ ही अपने दोनों हाथों पीठ, कमर और सिर को भी उंचा उठाएं। अब आपका सारा भार आपके नितम्बों के उपर है।
  • अब अपने दोनों हाथों को सामने की तरफ फैला दें। जैसा कि आप चित्र में देख सकते हैं।
  • यह नौकासन की पूर्ण स्थिति होती है।
  • इस स्थिति में कम से कम पांच से सात सेकंड तक रहना बहुत होता है। अब आप वापस अपनी पहले वाली स्थिति में आ जाएं।नौकासन को बहुत ही आराम से करना चाहिए।
    आप इस आसन को पीठ के बल की बजाए पेट के बल पर भी कर सकते हैं जैसा कि चित्र में दिखाया गया है।
    नौकासन की सावधानी
    गर्भवती महिलाओं को यह आसन नहीं करना चाहिए।
    पेट के आॅपरेशन वाले लोगों को इस आसन को नहीं करना चाहिए।

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