मूलबंध क्या है, जाने विधि और फायदे

मूलबंध प्राणायाम क्या है जाने विस्तार में इसके विधि और फायदे ताकि आप रहें हमेशा स्वस्थ, mulbandh pranayam steps and benefits in hindi

आज हम आपको मुलबंध क्या है, विधि और फायदे के बारे में जानकारी देंगें गुदाद्वार को सर्वथा बंद करने की क्रिया को  मूलबंध के नाम से जाना जाता है। मूलबंध का जब आप नियमित रूप से अभ्यास करते हो तब अपान वायु पूर्णरुपेण नियंत्रित हो जाती है।

इसको करने से उदर रोग से भी मुक्ति मिलती है जब आप मूलबंध अभ्यास करते हो तब आपको वीर्य रोग का सामना नहीं करना पड़ता। जब आप मुलबंध का नियमित अभ्यास करते हो तब आपकी आयु अधिक हो जाती है। यह सभी बंधो में मूलबंध सर्वोच्च और हमारे शरीर  के लिए अत्यंत उपयोगी होता है। आइये जानते हैं मुलबंध करने की विधि और फायदे के बारे में

मूल बंध प्राणायाम को करने की विधि

  • मूलबंध को किस प्रकार से किया जाता है आइये जानते हैं
  • मुलबंध को करने के लिए सबसे पहले किसी समतल जगह पर दरी या कंबल को बिछा लें ।
  • इसके पश्चात अपने बाएँ पैर की एड़ी से गुदाद्वार को दबाकर रखें ।
  • फिर दाएं पैर को बाएँ पैर की जांघ पर रखकर सिद्दासन में बैठ जाएं।
  • अपने गुदा को संकुचित करते हुए नीचे की वायु को ऊपर की और खींचने का अभ्यास करें। सिद्दासन में एड़ी के द्वारा ही आप इसको कर सकते हैं।
  • जब भी आप सिद्दासन में बैठते हो तो आप के दोनों घुटने जमीन को छुते हुए होने चाहिए और आप की हथेलियाँ उन घुटनों के ऊपर टिकी हुई होनी चाहिए।
  • अब गहरी सांस लेकर वायु को अंदर ही रोक लें।
  • अब गुदाद्वार को अच्छी तरह से सिकोड़ लें।
  • अपनी सांस को रोककर रखने के साथ आरामदायक समयावधि तक बंध को बनाएं।
  • इस अवस्था में जालन्धर बंध भी लगाकर रखें और फिर मूलाधार का संकुचन छोड़कर जालन्धर बंध को धीरे धीरे करके खोल दे और धीरे से अपनी सांस को बाहर छोड़ दे।
  • इस अभ्यास को चार से पांच बार तक करें।
  • जब भी आप इस योग का अभ्यास करें तब योग एक्सपर्ट की सलाह अवश्य लें।

मूल बंध प्राणायाम के फायदे

मूलबंध करने से हमारे शरीर को बहुत से फायदे मिलते हैं जो इस प्रकार से हैं –

कब्ज दूर करें

यदि आपको कब्ज की समस्या है तब आपको मूलबंध को नियमित रूप से करना चाहिए। इससे कब्ज को समस्या समाप्त हो जाती है।

भूख बढायें

मुलबंध को करने से भूख बढती है इसलिए जिन लोगों को भूख नहीं लगती। उन्हें इस आसन को जरुर करना चाहिए।

हर्नियो की परेशानी को दूर करें

यह क्रिया उनके लिए बहुत ही फायदेमंद होती है जिन लोगो को हर्निया या पाइल्स की शिकायत होती है। इससे उनकी हर्नियों की परेशानी दूर हो जाती है।

बीमारियों से बचाएं

इसको नियमित रूप से करने से हमारा शरीर स्वास्थ्य रहता है जिससे आप कई तरह की बीमारियों से बच सकते हैं।

थकान को दूर करें

जब भी हमें थकान महसूस होती है तब हमें मूलबंध किर्या को करना चाहिए। क्योंकि इसको करने से हमारी सारी थकान दूर हो जाती है।

सुस्ती को दूर करें

यदि आपको सुस्ती का एहसास हो रहा है तब आपको मुलबंध का अभ्यास करना चाहिए। इसको करने से आपकी सुस्ती नष्ट हो जाती है।

मूल बंध प्राणायाम सावधानियां

यौन और उदर रोग होने की स्तिथि में इस क्रिया का अभ्यास किसी योगाचार्य के निर्देशक में ही करना चाहिए।

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