मुंह से बदबू आने के कारण और उपाय

मुंह से बदबू आने के कारण और उपाय

मुंह से बदबू के कारण और उपचार के बारे में बात करते हैं। साँस में दुर्गन्ध एक आम समस्या है जब लोगों की साँस से दुर्गन्ध आती हैं तब उन्हें दुसरे लोगों से मिलने व बातचीत करने में काफी परेशानी होती है। साँस की दुर्गन्ध के कारण सौन्दर्य व व्यक्तित्व काफी प्रभावित होता है।

मुंह से बदबू को दूर करने के लिए लोग कई तरह की चीजों का इस्तेमाल करते हैं जैसे की पान, सुगंधित सुपारी, पानमसाला आदि इसका प्रयोग करने से अस्थाई रूप से साँस की दुर्गन्ध तो दूर हो जाती है। लेकिन यह कोई स्थाई समाधान नहीं है।

जिन लोगों की साँस से बदबू आती है उन लोगों के पास आने से लोग कतराते है। जिससे ग्रसित व्यक्ति में हीन भावना आ सकती है। यह कोई जन्मजात रोग नहीं होता बल्कि कई कारणों से उत्पन्न होता है। आइये विस्तार से जानते हैं साँस की दुर्गन्ध के कारण और उपचार के बारे में।

मुंह से बदबू आने के कारण

  • सांस की दुर्गन्ध का मुख्य कारणों में से एक कारण यह हैं कि दांतों की नियमित रूप से व सही तरीके के साथ सफाई का न हो पाना जिसके कारण दांत के कई भोजन के कण फंसे रहते हैं और यह कण साँस में दुर्गध पैदा करते हैं।
  • मुंह में छालें, जीभ पर मैल का जमना, पायरिया, लंबे समय तक सर्दी जुकाम बना रहना, नाक का संक्रमण, शरीर में रक्त की कमी, विटामिनों की कमी, लंबे समय तक बीमार रहना, पुरानी खांसी, पेट की बीमारी, कब्ज, नींद का पूरा न होना, सुबह देर से उठना, धुम्रपान,शराब का सेवन आदि कारणों से सांसो में दुर्गध उत्पन्न होती है।
  • एलोपैथी की कुछ दवाइयों का सेवन करने से साँस में दुर्गध पैदा होती है।
  • अगर आपका कोई दांत अंदर से खराब हो गया हो तब भी मुंह से बदबू आने लगती है इसलिए इसे तुरंत ही निकाल देना चाहिए।
  • गर्भावस्था में हार्मोंस में परिवर्तन की वजह से भी कुछ महिलाओं की साँसों से बदबू आना शुरू हो जाती है।
  • पाचन तन्त्र में कमी होने से या गले पर कोई फोड़ा होना पर साँस में बदबू आना शुरू हो जाती है।

मुंह से दुर्गन्ध का पता कैसे चले

  1. साँस की दुर्गन्ध की समस्या उत्पन्न होने पर कई बार प्रभावित व्यक्ति को स्वयं पता नहीं चल पाता। इसके बारे में कोई अन्य करीबी व्यक्ति ही बता सकता है।
  2. स्वयं इसकी जांच करने के लिए मुंह के सामने दोनों हथेलियों को कप की आकृति के समान बना लें। अब अपनी गहरी साँस को छोड़े। फिर उसे सूंघे अगर ऐसा करने से आपको दुर्गन्ध महसूस होती है तब समझ ले कि सामने वाले को भी ऐसा ही महसूस होता होगा।

मुंह से बदबू से कैसे बचें ?

  • साँस की बदबू से छुटकारा पाने के लिए दांतों की नियमित व सही तरीके से सफाई करें और साथ ही जीभ को भी अच्छे से सफाई करें।
  • खाना खाने के बाद ब्रश जरुर करें खासतौर पर रात को खाना खाने के बाद।
  • देर रात तक जागते न रहे सुबह जल्दी उठने की आदत डालें।
  • पान, तंबाकू, सिगरेट, शराब आदि से दुरी बना कर रखें क्योंकि इसका सेवन करने से साँस में दुर्गन्ध पैदा होती है।
  • दूसरों के रुमाल. टूथब्रश, लिपस्टिक आदि का इस्तेमाल न करें। इससे मुंह में दुर्गन्ध पैदा होती है।
  • दो तीन महीने में अपना ब्रश जरुर बदल लें।
  • लंबे समय तक ख़ाली पेट न रहें, भूखे रहने से मुंह में लार बनने की प्रक्रिया धीमी पड़ जाती है। जिससे मुंह में दुर्गन्ध उत्पन्न होने लगती है।
  • अपने पेट की सफाई का ख़ास ख्याल रखें अर्थात कब्ज न रहने दें।
  • अधिक मात्रा में मीठे तथा ठंडे पेय पदार्थों से परहेज करें।

मुंह से बदबू दूर करने के घरेलू उपाय

नीम का प्रयोग

साँस की दुर्गन्ध को दूर करने के लिए दस से बारह नीम के पत्तों को एक गिलास पानी में अच्छे से उबालकर छान लें। जब यह ठंडा हो जाएं तब इससे गरारे करें नीम रोगाणु रोधक होता है जो जलन और दर्द को शांत करता है। इसका नियमित प्रयोग करने से मुंह अंदर से साफ़ हो जाता है। जिससे साँस में दुर्गन्ध आना बंद हो जाती है।

नींबू का प्रयोग

सबसे पहले आधा नींबू लें इसे हल्के हाथों से दांतों व मसूड़ों पर रगड़े नींबू में पाएं जाने वाला विटामिन सी मुंह के आंतरिक ऊतको को बनाता है। इसके साथ ही नींबू एक अच्छा माउथ वाशनर भी है।

गुनगुने पानी का प्रयोग

साँस की दुर्गन्ध को दूर करने के लिए गुनगुने पानी में नमक मिलाकर गरारे करें। नमक में पाएं जाने वाले तत्व मृत कोशिकाओं को निकालकर सांसों की दुर्गन्ध को दूर करते हैं।

तुलसी का प्रयोग

एक गिलास गर्म पानी में तुलसी के बीस से पच्चीस पत्ते डालकर ढक कर रख दें। जब यह पानी ठंडा हो जाएं तब इस पानी से गरारे करें। तुलसी के पत्ते में पाएं गए रसायन मुंह के अंदर पैदा होने वाले कीटाणुओं को मारकर साँस में होने वाल दुर्गन्ध को दूर करते हैं। इसका प्रयोग आप नियमित रूप से कर सकते हो। दूध में तुलसी के पत्ते के फायदे

लौग तेल का प्रयोग

एक गिलास ठंडे पानी में दो बूंद लौंग का तेल डालकर गरारे करें लौंग का तेल एंटी बायटिक का काम करता है तथा इसमें पाएं जाने वाले युनिनाल तथा फेनाल एसीटोल माउथवाश का काम करते हैं। जिससे साँस की दुर्गन्ध दूर होती है।

दालचीनी का प्रयोग

पानी का एक कप लें उसमें दालचीनी पाउडर का एक चम्मच, एक तेजपत्ता और कुछ इलाइची मिला कर अच्छे से उबाल लें। अब इस पानी से कुल्ला करें इससे साँस की दुर्गन्ध दूर हो जाती है।

मेथी दाना का प्रयोग

एक कप पानी में एक चम्मच मेथी दाना मिलाकर उबालें। इसके पश्चात इसे चाय की तरह पियें। इससे मुंह की बदबू से आपको छुटकारा मिल जायेगा।

धनिया का प्रयोग

हरा धनिया या फिर सुखा धनिया चबाने से साँस की बदबू में बहुत फायदा मिलता है।

जामुन के पत्तों का प्रयोग

साँस की बदबू को दूर करने के लिए जामुन के हरे पत्तों को मुंह में दबाकर पान की तरह चबाएं। इस प्रकार करने से साँसे शुद्द हो जाती है।

नारियल तेल का प्रयोग

कपूर और नारियल तेल के फायदे

हफ्ते में एक बार नारियल का तेल बीस मिनट तक अपने मुंह में रखें और फिर इसे बाहर निकाल दें। इससे मुंह की बदबू दूर हो जाती है।

मीठा सोडा का प्रयोग

नींबू के रस में थोडा सा मीठा सोडा मिलाकर एक पेस्ट तैयार कर लें। इस पेस्ट से अपने दांतों को साफ़ करें। इस प्रकार करने से फर्क आपको खुद नजर आने लगेगा।

गुलाबजल का प्रयोग

एक गिलास ठंडे पानी में दो चम्मच गुलाबजल डालकर गरारे करने से मुंह में एंटी बायटिक तथा एंटी सेप्टिक जैसा प्रभाव पड़ता है। इसकी प्राकृतिक सुंगंध साँस में ताजगी पैदा करती है।

अनार के छिलके का प्रयोग

अनार के छिलके का चूर्ण बना लें इस चूर्ण का सेवन सुबह शाम आधा आधा चम्मच पानी के साथ करें। इसके अतिरिक्त अनार के छिलके को पानी में अच्छी तरह उबाल कर उस पानी से गरारे करें।

जीरा का प्रयोग

मुंह की बदबू को दूर करने के लिए जीरा बहुत ही फायदेमंद साबित होता है। इसका प्रयोग करने के लिए जीरे को भुन कर चबाएं। इससे मुंह की दुर्गन्ध दूर हो जाती है।

अदरक के रस का प्रयोग

एक गिलास गुनगुने पानी में पांच मिलीग्राम अदरक क रस तथा इतनी ही मात्रा में नींबू का रस मिलाकर गरारे करें। इसका प्रयोग करने से साँसों की बदबू दूर होती है।

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