बार बार मुंह में छालें होना – डाइट टिप्स और घरेलू उपाय

विस्तार में जाने बार बार मुंह में छालें होना और उसके लिए डाइट टिप्स और घरेलू उपाय

बार बार मुंह में छालें होना एक बात बात है मुंह के छालें महिलाओं को ही नहीं, बल्कि वयस्कों और बच्चों को भी प्रभावित कर सकता है। छालें युक्त अल्सर के रूप में जाने वाला अल्सर हम से से ज्यादातर लोगों को जीवन में कम से कम एक बार जरुर प्रभावित करता है।

जब भी मुंह में छालें हो जाते हैं तब न तो हम अच्छे से कुछ खा सकते हैं और न ही पी सकते हैं। जब हमें मुंह में होने वाले छालों के कारण का पता चल जाता है तब हम इसे आसानी से रोक सकते हैं। चलिए बार बार मुंह में छालें होना इस बारे में जानकारी प्राप्त करें।

तनाव और चिंता

तनाव और चिंता का हमारे जीवन में एक विशेष स्थान बन चूका है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि जब भी आप चिता में या उदास होते हो तो आपके शरीर के साथ मुंह के अल्सर को भी प्रभावित केमिकल का स्त्राव होता है जो लोग हमेशा चिता में ही रहते हैं। उनके मुंह में छालों का होना संभावित है।

पोषक तत्वों की कमी

विटामिन बी 12, आयरन और फोलिक एसिड जैसे पोषक तत्वों की कमी के कारण हमारी सेहत को बहुत ही जोखिम उठाना पड़ता है। इसके साथ ही यह मुंह के छालों का भी मुख्य कारण बन जाता है। मुंह के छालें को कम करने के लिए आपको अपने दिनचर्या के आहार में विटामिन और खनिज शामिल करने चाहिए।

कुछ खाद्य पदार्थ

बार बार मुंह में छालें का होना इसका मुख्य कारण खाद्य पदार्थ भी हो सकते हैं। अगर आप अधिक मात्रा में चाकलेट, मूंगफली, बादाम आदि का सेवन करते हो तो मुंह में छालें होना एक आम बात है। यदि आप नींबू, टमाटर, संतरा, स्ट्राबेरी और अंजीर जैसे फलों का सेवन करते हो तो यह खाद्य पदार्थ आपके मुंह के छालों के लिए ट्रिगर के रूप में काम करते हैं।

धूम्रपान छोड़ना

जो लोग पहली बार धुम्रपान करना छोड़ते हैं उन लोगों को सामान्य लोगो की तुलना में अक्सर मुंह में छालें होने की संभावना अधिक होती है। यह अस्थाई और सामन्य होती है क्योंकि इस समय शरीर खुद को रासायनिक परिवर्तन के साथ समायोजित करने की कोशिश कर रहा होता है।

हार्मोनल में परिवर्तन

जब भी शरीर में हारमोन के स्तर में परिवर्तन होता है तब भी यह मुंह के छालों का कर्ण बन सकता है। यह आम तौर पर मासिक धर्म चक्र के दौरान कुछ महिलाओं में देखने को मिलता है।

ओरल हाइजीन से जुडी बातें

मुंह के छालों का मुख्य कर्ण कठोर खाद्य पदार्थ को चबाना, अत्याधिक ब्रश करना और ब्रेसिज की सही प्रकार से फिटिंग आदि हो सकता है। कुछ लोग में यह समस्या सोडियम सल्फेट युक्त टूथपेस्ट का प्रयोग करना भी हो सकती है।

दवाओं का सेवन

कई बार रोगी जो अपने इलाज के लिए दवाओं का इस्तेमाल करता है वो मुंह के छालों का कारण बन जाती है। इसके साथ ही सीने के दर्द के इलाज के लिए इस्तेमाल की जाने वाली कुछ दर्दनाशक दवाएं जैसे बीटा ब्लाकर्स भी मुंह के छालों की बढोत्तरी में मदद करती है।

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