मिसकैरेज के कारण और बचाव के उपाय

गर्भावस्था के 20 वें सप्ताह के अंदर भ्रूण का खत्म होना मिसकैरेज यानि गर्भपात कहा जाता है। अधिकतर गर्भपात 13 वें सप्ताह के अंदर हो जाता है । यह स्थिति बेहद खतरनाक होती है। इसलिए हर महिला को इसके बारे में जानकारी होना बेहद जरूरी है। ताकि समय रहते मिसकैरेज से बचा जा सकें। अधिकतर मिसकैरज जानकारी न होने के कारण होते हैं। पेट में भ्रूण विकसित होने से पहले अचानक से खत्म हो जाता है। जो की मां और परिवार दोनों के लिए दुखदायक समय होता है।

मिसकैरेज होने के मुख्य कारण

 

मिसकैरेज होने के कई कारण है। जिसका मुख्य कारण है गर्भ की पहली तिमाही में क्रोमोजोम असामान्यता की वजह से होता है यानि कि शिशु के क्रोमोसोम में गड़बड़ी का होना।

  • मां का स्वास्थ ठीक न होना।
  • हार्मोन की समस्या या इन्फेक्शन।
  • चोट लगना या गिर जाना।
  • धूम्रपान, कैफीन, ड्रग्स व जहरीली चीजों की वजह से होता है।
  • पोषण की कमी।
  • मां बनने की ठीक उम्र का न होना।
  • गर्भाशय में अंडे का ठीक तरह से न जम पाना।
  • बेचैनी आदि।

मिसकैरेज के लक्षण

यदि आपको मिसकैरेज के लक्षणो के बारे में पता चलता है तुरंत बिना देर किए आपनी जांच डाक्टर से कराएं। क्या हैं मिसकैरेज के लक्षण वैदिक वाटिका आपको बताएगी।

  • वजन घटना।
  • पीठ दर्द होना। 
  • मासिक धर्म में भी दर्द का होना।
  • 5 से 20 मिनट के अंतराल में पेट में मरोड़े होना।
  • गुलाबी रंग या सफेद रंग का म्यूकस।
  • गर्भावस्था के लक्षणों में कमी का दिखना।
  • खून का थक्का गुप्तांग से आना।
  • तेज दर्द आदि का होना।

कैसे बचाव करें मिसकैरेज से 

मिसकैरेज से बचने कि लिए गर्भ के धारण के शुरूआती दिनों से ही आपने को स्वस्थ रखें। सकारात्मक ही सोचे। इसके अलावा आप डाक्टर की सलाह से रोज व्यायाम करें।

  • तनाव को अपने पर हावी न होने दें।
  • अपने खान-पान में पौष्टिक चीजों का इस्तेमाल करें।
  • शराब व धूम्रपान से दूर रहें।
  • वजन को नियंत्रित रखें।
  • फोलिक एसिड वाली चीजों का सेवन करें।
  • किसी भी दवा को लेने से पहले डाक्टर की सलाह लें।
  • शरीर को ज्यादा न हिलाना।
  • पेट को सुरक्षित रखना।

मिसकैरज होने से मां के शरीर को नुकसान होता है और आगे गर्भधारण करने में भी दिक्कते आती है। इसलिए समय-समय पर अपने को डाक्टर से दिखाते रहें। और उपर दिए गए कोई भी लक्षण आपको लगे तो देरी न करें। जानकारी ही मिसकैरज से बचाव का एक मात्र रास्ता है।

डिसक्लेमर : sehatsansar.com में जानकारी देने का हर तरह से वास्तविकता का संभावित प्रयास किया गया है। इसकी नैतिक जिम्मेदारी sehatsansar.com की नहीं है। sehatsansar.com में दी गई जानकारी पाठकों के ज्ञानवर्धन के लिए है। अतः हम आप से निवेदन करते हैं की किसी भी उपाय का प्रयोग करने से पहले अपने चिकित्सक से सलह लें। हमारा उद्देश्य आपको जागरूक करना है। आपका डाॅक्टर ही आपकी सेहत बेहतर जानता है इसलिए उसका कोई विकल्प नहीं है।