खांसी के लक्षण, कारण और उपचार

खांसी के लक्षण, कारण और उपचार

आज हम इस आर्टिकल के द्वारा आपको खांसी के लक्षण, कारण और उपचार के बारे में बताने जा रहे हैं। खांसी एक ऐसा भयानक रोग होता है जिसके कारण हमारे शरीर को ओर भी कई रोगों का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए अगर हम अपनी खांसी को जल्दी ठीक नहीं करते तो यह विकट रूप धारण कर लेती है। एक कहावत है :- रोग का घर खांसी।

लेकिन जब यह चिकित्सा करने पर भी ठीक नहीं होती तो इसे मामूली नहीं समझना चाहिए। खांसी को कास भी कहा जाता है क्योंकि जब भी खांसी की शुरुआत होती है तो इसका प्रभाव सबसे पहले गले पर पड़ता है। गले की कंठ में खरखराहट, खराश, या फिर खुजली की अनुभूति होती है साथ में गला भरा भरा सा महसूस होता है, मुंह का स्वाद बिगड़ जाता है।

खांसी होने के कई कारण हो सकते है जैसे प्रदुषण, अस्थमा, धुम्रपान करना, फेफड़ों में ट्यूमर, श्वसन मार्ग में अवरोध आदि। अगर आप इसके कुछ घरेलू उपाय करते हो तब भी आप काफी हद तक इससे छुटकारा पा सकते हो। आइये विस्तार से जानते हैं खांसी के लक्षण, कारण और उपचार के बारे में।

खांसी होने के कारण – Cough Reasons in Hindi

  • जुकाम,
  • प्रदुषण,
  • श्वसन मार्ग में अवरोध,
  • अस्थमा,
  • पोस्ट नेस्ल ड्रिप,
  • क्रोनिक ब्रोंकाइटिस ,
  • धुम्रपान अधिक मात्रा में करना,
  • फेफड़ों में ट्यूमर आदि।

खांसी के लक्षण – Cough Symptoms in Hindi

खांसी होने के कारणों का पता उससे संबंधित लक्षणों से लगाया जा सकता है। खांसी के कारणों का पता इसके एक्यूट कफ या क्रोनिक कफ होने से भी लगाया जा सकता है।

तीव्र खांसी

यह खांसी दो भागों में विभाजित होता है जैसे सक्रामक और असंक्रामक कारण

संक्रामक कारण के लक्षण

  • बुखार,
  • सिरदर्द,
  • साइंस दबाव,
  • बहती नाक,
  • गले में खराश,
  • उल्टी,
  • जी मचलना,
  • शरीर में दर्द,
  • ठंड लगना,
  • बलगम,
  • रात को पसीना
  • पोस्ट नेस्ल ड्रिप।

असंक्रामक कारण के लक्षण

  • धूल मिटटी या किसी केमिकल के संपर्क में आना,
  • ऐसी खांसी जो इनहेलर्स या एलर्जी संबंधी इलाज से ठीक हो जाये,
  • घरघराहट के सतह खांसी।

क्रोनिक कफ के लक्षण

क्रोनिक कफ के लक्षणों के बारे में पता करना एक डॉक्टर के लिए भी मुश्किल होता है इसके कुछ लक्षण इस प्रकार से होते हैं जैसे कि

  • बहती हुई और भरी नाक का होना,
  • गले में खराश,
  • गला बैठना,
  • पोस्ट नेस्ल ड्रिप,
  • मुंह में खट्टा स्वाद आना,
  • हर्ट बर्न आदि।

खांसी के प्रकार

खांसी पांच प्रकार की होती है जो इस प्रकार से हैं –

  • वातज खांसी,
  • पित्तज खांसी,
  • कफज खांसी,
  • क्षतज खांसी,
  • क्षयज खांसी।

वातज खांसी

यह खांसी वात प्रकोप के कारण उत्पन्न होती है। इसमें हमारा कफ सुख जाता है, इसमे हमारा कफ बहुत कम निकलता है या फिर निकलता ही नहीं। इस खांसी के कारण पेट, पसली, आंतो, छाती, कनपटी, गले और सिर में बहुत जोर से दर्द होने लगता है।

पित्तज खांसी

इस प्रकार की खांसी में कफ पीला और कडवा निकलता है। वमन द्वारा पीला व कडवा पित्त निकलना, मुंह में गर्म बफारे निकलना, गले, छाती व पेट में जलन का महसूस होना, मुंह का सुखना, प्यास का अधिक लगना, स्वाद कडवा होना आदि पित्तज खांसी के लक्षण होते हैं।

कफज खांसी

इस प्रकार की खांसी में हमारे अंदर से बहुत ही कफ निकलता है। थोडा सा खांसने पर ही मुंह में कफ भर जाता है इस प्रकार की खांसी में हमारे सिरदर्द व सिर का भारीपन बना रहता है। मुंह का स्वाद खराब हो जाता है, भोजन में रूचि नहीं रहती और भूख कम लगती है। इसके साथ ही गले में खराश व खुजली रहती है बार बार खांसने पर गाढ़ा व सफेद कफ निकलता है।

क्षयज खांसी

यह खांसी क्षयज खांसी से भी अधिक गंभीर, कष्ट साध्य और हानिकारक होती है। विषम तथा असतम्य आहार करना, अत्यंत भोग- विलास करना, वेगों ओ रोकना, घृणा और शोक के प्रभाव से जठराग्नि का मंद हो जाना तथा कुपित त्रिदोषो द्वारा शरीर का क्षय करना।

इन कारणों से क्षयज खांसी होती है और यह खांसी शरीर का क्षय करने लगती है। इस खांसी के रोगी के शरीर में दर्द, ज्वार, मोह और दाद होता है। इससे हमारा शरीर पतला हो जाता है।

खांसी होने पर घरेलू नुस्खे और इलाज

खांसी होने पर घरेलू नुस्खे और इलाज - Home remedies of Cough

खांसी होने पर हमें कुछ घरेलू उपचार करने चाहिए ताकि आप खांसी से राहत पा सकें ये घरेलू उपाय कुछ इस प्रकार से है –

लौंग का प्रयोग

लौंग हर घर में होता है इसके एक जोड़े को आग में भून कर शहद में मिलाकर सुबह शाम चाटने से आपकी कुकर खांसी में बहुत ही फायदा मिलता है।

काली मिर्च और तुलसी के पत्ते का सेवन

खांसी होने पर काली मिर्च और तुलसी के पत्तों को बराबर मात्रा में लेकर पीस लें, फिर इसकी छोटी छोटी गोलियां बना कर दिन में तीन बार एक एक गोली का सेवन करें। आप को खांसी से राहत मिलेगी। इसके इलावा पीसी हुई काली मिर्च को देसी घी में भून कर खाने से भी खांसी दूर हो जाती है।

बांस का प्रयोग

6-6 मिलीलीटर बांस का रस, अदरक का रस और शहद को मिलाकर खाने से खांसी से राहत मिलती है।

हल्दी का प्रयोग

एक चम्मच पिसी हुई हल्दी को बकरी के दूध के साथ लेने से खांसी दूर होती है। हल्दी और समुंद्रफल खाने से खांसी दूर हो जाती है।

शहद का प्रयोग

शहद एक प्रकार की औषधि हैं जो खांसी से राहत दिलाता है 5 ग्राम शहद में दो तीन लहसुन की बुँदे डालकर बच्चे को खिलने से खांसी से राहत मिलती है। एक चम्मच शहद में आंवले का चूर्ण मिलाकर खाने से भी खांसी से राहत मिलती है

खांसी में परहेज

ठंडे खाद्य पदार्थों से दूरी

हलांकि इस बात में कोई भी विज्ञानिक प्रमाण नहीं हैं कि ठंडे खाद्य पदार्थों का सेवन करने से खांसी बढ़ जाती है या फिर तेज हो जाती है। फिर भी मरीज को ठंडे खाद्य पदाथों से दूरी बना कर रखनी चाहिए। जब तक उसकी खांसी ठीक न हो जाएँ।

रात के अधिक भोजन न करें

रात के समय अधिक और भारी भोजन से दूरी बना कर रखनी चाहिए। क्योंकि रात के समय अधिक भोजन करने से खांसी की समस्या बढ़ सकती है। खांसी से बचने के लिए रात को सोने से दो घंटे पहले भोजन कर लें ताकि आपके द्वारा खाया हुआ भोजन आसानी से पच जाएं।

पीठ के बल न सोये

रात में खांसी को सक्रिय बनाने के लिए सोने की मुंद्रा अहम जरूरी है। जब भी आप पीठ के बल सोते हो तब दिन भर की बलगम और कप इकठा हो जाता है। इससे गले में जलन भी पैदा हो सकती है इसलिए हमेशा एक तरफ हो कर सोने की मुंद्रा का प्रयोग करें। इससे आप रात की खांसी से बच सकते हो।

तले हुए भोजन से दुरी बनाएं

तेल खांसी को सक्रिय बनाता हैं इसलिए खांसी के दौरान जितना होस सकें अधिक तेल में बनी हुई चीजों से दूरी बना कर रखें।

धुम्रपान करने से बचे

धूम्रपान खांसी होने का एक प्रमुख कारण हो सकता है। ये गले की जलन के साथ साथ खांसी के ठीक होने में भी बाधा बनता है और यह कैंसर जैसे जोखिम को बढ़ाता हैं। अगर आप धुम्रपान नहीं करते लेकिन आपके पास अगर कोई धूम्रपान कर रहा हैं। तब भी आपको नुकसान पहुंचता है।

सावधानियां

खाना खाने के तुरंत बाद पानी का सेवन नहीं करना चाहिए, अपितु एक घंटे बाद पानी पीने की आदत डालनी चाहिए। ऐसा करने से हमारी पाचन शक्ति मजबूत होती है। इससे आप खांसी से समस्या से भी काफी हद तक बचे रहते हो।

डिसक्लेमर : sehatsansar.com में जानकारी देने का हर तरह से वास्तविकता का संभावित प्रयास किया गया है। इसकी नैतिक जिम्मेदारी sehatsansar.com की नहीं है। sehatsansar.com में दी गई जानकारी पाठकों के ज्ञानवर्धन के लिए है। अतः हम आप से निवेदन करते हैं की किसी भी उपाय का प्रयोग करने से पहले अपने चिकित्सक से सलह लें। हमारा उद्देश्य आपको जागरूक करना है। आपका डाॅक्टर ही आपकी सेहत बेहतर जानता है इसलिए उसका कोई विकल्प नहीं है।