काली खांसी का वैदिक घरेलू उपचार

काली खांसी काली खांसी एक भंयकर रोग है। कई नामों से जानी जाती है काली खांसी जैसे इसे कूकर खांसी भी बोलते हैं। यह संक्रामक और भंयकर रोग है। इस खांसी से बच्चों से लेकर बड़े भी प्रभावित हो सकते हैं। एक इंसान से दूसरे इंसान में यह हवा के संक्रमण के जरिए फैल जाती है। काली खांसी होने पर शरीर पर कुछ इस तरह के लक्षण दिखने लगते हैं जैसे खांसी का तेज होना और उसका बढ़ना।

काली खांसी के लक्षण

हल्का बुखार आना
सुबह और रात में खांसी को बढ़ना
खांसने पर हूप हूप वाली आवाज आना
आंखों को लाल हो जाना
उल्टी का आना। आदि

काली खांसी का वैदिक घरेलू उपचार

तुलसी और काली मिर्च का प्रयोग
आप बराबर मात्रा में काली मिर्च के दानें और तलुसी के पत्तों को लें और इन्हंे पीसकर इनका पेस्ट बना लें और इनकी छोट-छोटी गोलियां बना लीजिए। अब दिन में तीन बार इन गोलियों का सेवन करें। इस अचूक घरेलू उपाय से आपकी काली खांसी दूर हो जाएगी।
नारियल का तेल का प्रयोग
नारियल के घरेलू उपाय से भी आप कुकर यानि काली खांसी से निजात पा सकते हो। आप नारियल का तेल लें जो शुद्ध हो उसकी चार ग्राम की मात्रा दिन में चार बार आपको सेवन करना है। ऐसा कुछ दिनों तक नियमित करने से कुकर खांसी दूर हो जाएगी।

मूली और गन्ना का घरेलू उपाय
काली खांसी पर प्रभावी रूप से काम करता है गन्ना और मूली का रस। काली खांसी दूर करने के लिए आप 60 ग्राम गन्ने और 60 ग्राम कच्ची
मूली के रस का सेवन करें। आपको कुछ ही दिनों में इसका परिणाम दिख जाएगें।
फिटकरी से उपचार
बहुत ही छोटी मात्रा में यानि चने की दाल के आकार रूप में फिटकरी को लें और इसे दिन में तीन बार गर्म पानी के साथ इसका सेवन करें।
बादाम का प्रयोग
बादाम में बहुत ताकत होती है जो सीधे काली खांसी के प्रभाव को खत्म कर देती है।

पांच बादाम रात के समय में पानी में
भिगों लें और सुबह के समय में इन बादामों को छील कर इसे मिश्री और लहुसन की एक कली के साथ पीस लें। अब आप इसका सेवन नियमित रूप से कुछ दिनों तक करें।

लौंग का औषधिय प्रयोग
आप घर मे ंलौंग तो रखते ही हैं। लौंग के जोड़े को भूने और फिर इसका सेवन शहद के साथ दिन में दो बार करें। इसे अचूक हेल्थ टिप्स से आपको कुकर खांसी से जल्दी ही राहत मिल जाएगी।
लहसुन का इस्तेमाल
लहसुन हमारी सेहत के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण औषधि का काम करता है। लहसुन के रस की पांच बूदें और शहद की पांच बूदें एक गिलास पानी मे मिला लें और इसका सेवन दिन में तीन बार कम से कम जरूर करें। ऐसा करने से आपको काली खांसी बहुत ही जल्दी आराम मिल जाएगा। आप चाहें तो लहसुन के तेल से शरीर की मालिश कर सकते हैं।
अमरूद का प्रयोग
काली खांसी यानि की कुकर खांसी को ठीक करने के लिए आयुर्वेद में अमरूद को एक कारगर औषधि माना है। राख में एक अमरूद को रखकर उसे अच्छी तरह से सेंक लें और इसका सेवन करें। इस उपाय को आप दिन में दो बार करें। नियमित यदि आप इस अचूक उपाय को करते हैं तो काली खांसी जड़ से खत्म हो जाएगी।

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