जलोदर का आयुर्वेदिक घरेलू उपचार

जलोदर रोग में इंसान के पेट के अंदर अधिक मात्रा में पानी भर जाता है और पानी किसी भी तरह से यानि मुख या मूत्र के मार्ग से बाहर नहीं आ पता है और फिर रोगी को चलने.फिरने और उठने-बैठने में बहुत दर्द होता है। जलोदर रोग में रोगी का पेट फूल जाता है। जलोदर अपने आप में कोई रोग नहीं है। यह गुर्दे की बीमारी, दिल की बीमारी, प्लीहा रोग और रक्तवाहिकाओं आदि बीमारियों के होने का लक्षण है। इस रोग में इंसान के पेडू में दर्द होता रहता है। वैदिक वाटिका आपको कुछ घरेलू नुस्खे बता रही है जससे जलोदर रोग से बचा जा सकता है।
जलोदर रोग का घरेलू उपचार

  • गर्मियों के मौसम में रोज खरबूजे का सेवन करने से जलोदर रोग ठीक होता है।
  • जलोदर की समस्या से ग्रसित इंसान को नियमित रूप से गाजर का जूस पीना चाहिए।
  • खाना खाने के बाद हमेशा पचास ग्राम की मात्रा में गुड़ खाते रहने से जलोदर की बीमारी में फायदा मिलता है।
  • एक सरल घरेलू नुस्खा है सुबह और शाम दो.दो आम खाने से जलोदर रोग ठीक हो सकता है।
  • डेढ़ सौ ग्राम पानी में लहसुन के रस की आठ बूंदें मिलाकर पीने से जलोदर रोग पूरी तरह से ठीक हो सकता है।
  • कुछ दिनों तक लगातार बीस ग्राम गुड में दस ग्राम अदरक के रस को मिलाकर खाने से जलोदर रोग ठीक हो जाता है।
  • गौमूत्र मे अजवाइन को 24 घंटों के लिए भिगों लें और इसे सुखाकर थोड़ी-थोड़ी मात्रा में सुबह.शाम लेते रहने से जलोदर शांत हो जाता है।
  • प्याज को कच्चा चबाने से पेशाब की रूकावट ठीक हो जाती है और पेशाब भी खुलकर होती है।
  • आधा कप पानी में पच्चीस ग्राम करेलों का रस मिलाकर रोज तीन बार सेवन करने से जलोदर रोग ठीक हो जाता है।
  • ढ़ाई सौ ग्राम पानी में 25 ग्राम चने डालकर इसे उबाल लें। जब आधा पानी बच जाए तब इसे छाने और दो सप्ताह तक इस पानी को पीते रहें। इससे जलोदर रोग पूरी तरह से ठीक हो जाता है। यह बहुत कारगर घरेलू नुस्खा है।
  • आधा कप पानी में मूली के पत्तों का रस मिलाकर तीन टाइम पीते रहने से जलोदर रोग से मुक्ति मिलती है।
  • काली मिर्च, सौंठ और पीपली का थोड़ा-थोड़ा चूर्ण को छाछ में डालकर पीने से जलोदर की बीमारी ठीक होती है।

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