छोटी-छोटी बीमारियों में कैसे रखें ख्याल

रोग कभी भी पूछ कर नहीं आते हैं। अचानक से होने वाले रोगों की वजह से आप परेशान हो जाते हो। और एैसे समय में डाक्टर भी नहीं मिल पाते हैं। लेकिन एैसे समय में आपको थोडी सी समझदारी से काम लेना चाहिए साथ इन घरेलू उपायों को अपनाना चाहिए जो एैसी छोटी बीमारियों में राहत देने में काफी लाभदायक हो सकता है। प्राकृतिक उपायों को अपनाकर आप इन बीमारियों से राहत पा सकते हो। अलग-अलग बीमारियों के हिसाब से अलग अलग उपचार दिये गए है। ये प्राकृतिक उपाय इन बीमारियों से होने वाले सभी तरह के खतरो को कम करते हैं। साथ ही उन्हें जड़ से भी मिटाने में उपयोगी होते हैं।

बुखार होने पर
1. बुखार होने पर देशी शहद में बराबर मात्रा में अदरक का रस मिलाकर चाटने से थोडे ही दिन में बुखार उतर जाता है।
2. बुखार में आप छिलके वाली मूंग की पतली दाल बनाएं और उसमें जीरा, पिसी हुई काली मिर्च का छौंका डालकर सेवन करें।
3. नियमित रूप से बकरी का दूध पीने से भी बुखार से निजात मिलता है।

दस्त लगना
दस्त लगना एक आम समस्या होती है। लेकिन ठीक उपचार न मिलने से मरीज की जान को खतरा भी हो सकता है। यदि दस्त लग गए हों तो गुनगुने पानी में 1 चम्मच चाय की पत्ती डालकर उसका सेवन करें। दस्त में आराम मिलेगा। दूसरा उपाय यह है कि 1 केला खाने के बाद इलायची का सेवन करने से भी दस्त में राहत मिलती है।

सिर में दर्द होना
सिर दर्द होने पर आप इन आयुवेर्दिक उपायों को कर सकते हो। काली चाय यानी बिना दूध वाली चाय में आप नींबू की कुछ बूंदे डालकर उसका सेवन करें।
माथे पर सफेद सूती कपड़े को पानी में भिगोकर लगाने से सिर दर्द में राहत मिलती है।
लोंग को पीसकर गरम पानी में डालें और उसका गरारे करें। कफ और सिर दर्द में यह राहत देगा।

पेट दर्द होने पर
अनियमित खाना खाने से पेट में गैस बन जाती है। और इस वजह से पेट में दर्द भी होता है। पेट दर्द में 1 चम्मच मेथी दाना चूर्ण में थोडा सी पिसी हुई हींग मिलाकर पानी के साथ लें। यह पेट दर्द में राहत देगा।

छोटे बच्चे के पेट दर्द होने पर हींग को पानी में पीसकर उसका लेप बच्चे की नाभी के चारों और लगा लें। इससे बच्चे को पेट दर्द से राहत मिलेगी।
5-5 ग्राम नींबू और अदरक के रस में 3 काली मिर्च का चूर्ण मिलाकर सेवन करने से पेट दर्द ठीक हो जाता है।

चोट या घाव होने पर
तुलसी के पत्तों को पीसकर उसके रस में पतला कपड़ा भिगोकर चोट पर लगाने से जख्म भर जाता है।
घाव होने से खून बह रहा हो तो आप फिटकरी के पानी से घाव को धों लें और फिटकरी को पिस कर उसको चोट वाली जगह पर रख पट्टी से बांध लें, एैसा करने से खून आना बंद हो जाता है।

 

जोड़ों के दर्द में
थोडी अजवायन को सरसों के तेल में डालकर गरम कर लें फिर इसे ठंडा होने पर छान लें। इस तेल की जोड़ों पर मालिश करें।

 

दांत में दर्द होना
यदि दांतों में दर्द हो तो आप सरसों के तेल में पिसा हुआ सेंधा नमक मिलाकर उसका मंजन करने से मसूड़ों के रोग खत्म हो जाते हैं साथ ही दांत के दर्द में भी राहत मिलती है। दांत दर्द जब हो अपने पास लौंग का तेल जरूर रखें। दांत में दर्द के समय रूई को लौंग के तेल में भिगोकर दर्द वाली जगह पर लगाने से दांत दर्द में तुरंत राहत मिलती है।

मुंह में छाले होना

नींबू के रस में शहद मिलाकर इसका आप कुल्ला करें आपको छालों से निजात मिलेगा। देसी घी को छालों वाली जगह लगाने से छालों से राहत मिलती है।

जलने के दर्द से
महिलाएं चूल्हे पर अधिक काम करती है। रोटी बनाते हुए कई बार हाथ जल जाता है। दर्द अधिक होता है। आप आलू को काटकर उसके पेस्ट बना लें और जलन वाली जगह पर इसका लेप लगालें। आपको इससे राहत मिलेगी।

खुजली अधिक होने पर

नीम के पत्तों का लेप बनाकर खुजली वाले स्थान पर लगाएं।
नारियल के तेल में कपूर मिलाकर खुजली वाली जगह पर लगाने से खुजली से आराम मिलता है।

सर्दी जुकाम हाने पर

सरसों के तेल को गुनगुना कर के उसमें सेंघा नमक मिलाएं और छाती पर इसकी मालिश करें।
पान में 1 ग्राम अजवाइन डालकर उसे चूसने से सर्दी-जुकाम से निजात मिलता है।

ये छोटे-छोटे घरेलू नुस्खे हैं जो इन गंभीर बीमारियों में राहत देने का काम करते हैं।

 

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