गर्भावस्था के समय होने वाले खतरों से कैसे बचें

गर्भावस्था के दौरान कई तरह महिला को कई प्रकार की समस्यओं का सामना करना पड़ सकता है। इस समय महिला के शरीर में कई तरह के परिवर्तन होते रहते हैं। साथ ही इस दौरान कई खतरों के बढ़ने की संभावना भी बढ़ जाती है। लेकिन आपको घबराने की जरूरत नहीं है। उचित जानकारी ही बचाव है। गर्भ के दौरान कुछ समस्याएं जैसे भूख न लगना, सिर दर्द, तनाव आदि होता रहता है। जिसकी वजह से गर्भपात होने की संभावना हो सकती है।
समान्य तौर पर किसी भी तरह की समस्या होने पर डाॅक्टर की सलाह लेना बेहद जरूरी है। लेकिन इस दौरान कुछ एैसे लक्षणों के बारे में भी पता होना चाहिए जिससे आप बच सके। साथ ही इन लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

  • गर्भावस्था के समय यदि कब्ज से परेशानी हो रही हो तो ताजी हरी सब्जियां, अमरूद, और फलियों का सेवन करें। ताजे फलों का सेवन करें।
  • अंकुरित दालों जैसे चना, मूंग जिनमें विटामिन बी और सी भरपूर मात्रा में पाया जाता है। इनका सेवन जरूर करती रहें।
  • यदि दिन और रात के भोजन के समय पेट भरा सा लग रहा हो थोड़ा-थोड़ा करके दिन में कई बारी कुछ न कुछ खाती रहें।
  • यदि गर्भवती महिला के पैरो में सूजन आ गई हो तो तुरंत बिना देर किए चिकित्सक को दिखाएं और भोजन में नमक बंद कर दें।
  • गर्भवती महिला को तीसरे महीने मे कुछ परेशनियों का सामना करना पड़ सकता है। जैसे पेट में दर्द या पेट में सूजन होना। पेशाब अधिक मात्रा में आना और ब्लडप्रेशर का बढ़ना आदि। एैसे में डाॅक्टर की सलाह से दी जाने वाली दवाओं का सेवन समय पर करना चाहिए।

गर्भस्थ शिशु की हलचल पर ध्यान दें

यदि पेट में बच्चा घूम नहीं रहा है या झटका नहीं दे रहा है। एैस में डाक्टरों का मानना है कि बच्चे को सही तरह से हवा या आक्सिीजन नहीं मिल रहा है।
बच्चे की गति पर ध्यान जरूर दें। यदि गति में कुछ अलग तरह का परिवर्तन लगे तो आप डाॅक्टर से सलाह जरूर लें।

गर्भवस्था में उल्टी और कमजोरी होना
यदि आपको बार-बार उल्टी हो रही है तो यह आपकी कमजोरी का संकेत है। साथ ही इससे कुपोषण का शिकार होने की संभावना भी हो जाती है। और इस वजह से शरीर में पानी की कमी भी हो जाती है। इसलिए आप तुरंत डाक्टर से सलाह लें। वे आपको एैसे आहार लेने के बारे में सलाह दे सकते हैं जो आप और आपके बच्चे के स्वास्थ के लिए लाभदायक हो सकता है।

गर्भवस्था में फलू होने की संभावना
यह बात सही है कि फलू की संभावना गर्भवती महिलाओं को अधिक हो सकती है। जिसके मुख्य लक्षण हैं। कमजोरी आना, नाक बहना, सर्दी लगना, गला दर्द करना, दस्त लगना आदि। एैसे में डाॅक्टर से जरूर चेकअप कराएं।

खून की कमी होना
खून आना एक गंभीर समस्या है। यदि खून के साथ तेज दर्द हो तो इस समय में गर्भपात होने की संभावना बढ़ सकती है। यदि समस्या अधिक हो रही हो तो डॉक्टर को दिखाने में देर नहीं करनी चाहिए।

यदि गर्भावस्था के दौरान आपको ये पेरशानियां हो तत्काल ही डॉक्टर को दिखाएं
1. तेज बुखार आना।
2. बहुत ज्यादा उल्टि होना।
3. मूत्राश्य से खून का बहना।

सामान्य तौर से इस तरह के खतरों से बचने के लिए जानकारी ही उचित ही बचाव है। गर्भ के दौरान किसी भी समस्या को छोटा नहीं समझना चाहिए। इसलिए गर्भावस्था के दौरान इन बातों का पता होना जरूरी है। ताकि खतरे से पहले ही निपटा जा सके।