पथरी दूर करने कारगर घरेलू उपाय

पथरी का रोग पीड़ादयक है। जिसमें रोगी को अचानक से दर्द होता है। पथरी जब मूत्रनली में आ जाती है तब रोगी को तेज दर्द होता है। यह दर्द सहने योग्य नहीं होता। पथरी शरीर में कैल्श्यिम की मात्रा बढ़ जाने के कारण होती है। यह कैल्श्यिम जब गाढ़ा हो जाता है तो पथरी बननी शुरू हो जाती है। पथरी के कण जब बड़े हो जाते हैं तब ये मूत्र मार्ग पर पहुंचकर मूत्र नली को रोकते हैं और तब रोगी दर्द से तड़प उठता है। पथरी के लक्षणों को जानना भी जरूरी है। इस रोग में उल्टी आना, पेशाब का रूक-रूक कर आना, मूत्र में खून आना, मूत्र मार्ग में तेज दर्द होना आदि लक्षण होते हैं। पथरी का उपचार लाइलाज नहीं है। आयुर्वेद में इसका इलाज संभव है। आइये आपको बताते हैं कैसे पथरी के रोग को खत्म किया जा सकता है।

पथरी दूर करने के कारगर आसान घरेलू उपाय:

पथरी को दूर करने के लिए रोगी को नियमित रूप से कच्चे पालक का रस कुछ समय तक लगातार पीते रहना चाहिए एैसा करने से यह रोग जल्दी ठीक हो सकता है।

चुकन्दर का रस लगातार पीने से भी पथरी बनना रूक जाता है। चुकन्दर को पानी में उबालकर उसका सूप का सेवन करने से भी पथरी बननी खत्म हो जाती है।

नियमित रूप से सेब का जूस पीने से पथरी का रोग कभी नहीं होगा। क्योंकि यह पथरी को शरीर में बनने नहीं देता।

दिन में 3 से 4 बारी तक गाजर का ताजा जूस पीने से मूत्राशय और गुर्दे की पथरी पेशाब के रास्ते बाहर आ जाती है।

छुहारे भी पथरी रोग से निजात दिलवाने में सहायक होते हैं। कुछ दिनों तक लगातार छुहारों का सेवन करने से भी पथरी का रोगी ठीक हो सकता है।

नारियल पानी को नित्य पीते रहने से भी पथरी रोग से छुटकारा पाया जा सकता है।

पथरी के रोगी के लिए छाछ बहुत फायदेमंद होती है। छाछ का सेवन नियमित करते रहने से भी पथरी छोटी होती है और मूत्र मार्ग से बाहर निकल जाती है।

इलायची का सेवन पथरी रोगी के लिए अति लाभदायक बताया गया है। छोटी इलायची को खाते रहने से पथरी टूट कर मूत्र मार्ग से निकल जाती है।

पथरी के रोगी को चैलाई की सब्जी भी खानी चाहिए। यह पथरी को गलाकर पेशाब के रास्ते बाहर निकाल देती है।

पथरी के रोग से यदि मुक्त होना चाहते हैं। तो करेले की सब्जी को अपने खाने में इस्तेमाल करते रहें। हो सके तो करेले का जूस भी पीएं।

बथुआ की सब्जी का सेवन करने से पथरी जड़ से खत्म हो जाती है।

पत्ता गोभी को घी में छौंकर खानें से पथरी की रूकावट दूर हो जाती है।
जामुन की गुठली का चूर्ण बनाकर उसे दही में मिलाकर कुछ दिनों तक सेवन करने से पथरी गल जाती है और पेशाब के रास्ते बाहर आ जाती है।

खरबूजे का सेवन करने से पथरी गलकर टूट जाती है और मूत्र मार्ग से बाहर निकल जाती है।

यदि पथरी गुर्दे मे है तो गेहूं और चनों को पानी में उबालकर उसका पानी पीते रहने से गुर्दे की पथरी कुछ ही दिनों में मूत्र मार्ग से बाहर आ जाती है। जौं का पानी का सेवन भी पथरी दूर करने में लाभ देता है।

गुर्दे की पथरी में आप चने की दाल को रात में भिगाकर रख लें और सुबह उठकर शहद के साथ इस दाल को मिलाकर खाते रहने से पथरी की परेशानी दूर हो जाती है।

गन्ने को चूसते रहने या गन्ने का रस पीने से भी पथरी का रोग से निजात पाया जा सकता है।
 
यदि पथरी दोनों गुर्दों में है तो आलू का सेवन अधिक से अधिक करें। आलू खाने के बाद पानी अधिक से अधिक पीयें। कुछ समय तक एैसा करने से गुर्दों की पथरी मूत्र मार्ग से बाहर आ जाती है।

पथरी के दर्द में इंसान तड़प उठता है। यह दर्द अचानक से हो सकता है। इसलिए सही समय पर किया गया परहेज और इन उपायों का प्रयोग करने से इस भयंकर दर्द से बचा जा सकता है। पथरी रोगी को अधिक से अधिक पानी पीते रहना चाहिए। कोशिश करें भोजन को सावधानी से खायें। पथरी किसी भी उम्र में हो सकती है।

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