सर्दी में कफ से दूर रहने के वैदिक उपाय

सर्दीयों के आते ही अनेक तरह की बीमारियां भी मौसम के साथ आती हैं। जिनमे कफ एक बड़ी समस्या है। कफ से बड़े ही नहीं छोटे बच्चे भी पेरशान होते हैं। कफ की वजह से बुर्जुगों में सांस संबंधी परेशानियां भी होने लगती है। कफ के गले में अटकने से सांसे भी रूक सकती है और समस्या गंभीर हो सकती है। कफ का सबसे बड़ा कारण है ठंडी हवा जो पैरों, सिर और छाती के जरिए शरीर तक पहुंचती है।

सबसे पहले नजर डालें कफ के कारणों पर-

1. मांसाहार, चावल आदि का सेवन अधिक मात्रा में करना।
2. ठंडे और चिकनाई वाले भोजन का सेवन जरूरत से अधिक करना।
3. खट्टे रस वाले फलों के अति सेवन करना भी कफ का कारण माना जाता है।
4. मीठे का ज्यादा इस्तेमाल करना।
5. जो लोग आलसी होते हैं वे भी कफ के शिकार जल्दी होते हैं, साथ ही देर तक जागने वाले लोग और अनियमित समय का भोजन करने वाले लोग।
6. बढ़ता प्रदूषण भी कफ का प्रमुख कारण है।
 
कफ की समस्या को दूर करने के आसान वैदिक उपाय

 1. गुनगुने पानी से स्नान करें।
 2. शहद को गुनगुने पानी में मिलाकर सुबह खाली पेट लें ।
 3. यदि कफ ज्यादा है तो सुबह उठकर गुनगुने पानी में हल्का नमक डालकर उसके गरारे करें।
 4. एक बर्तन में पानी गर्म करके उसमें अजवाईन मिलाकर उसका भांप जरूर लें।
 5. खाने को समय पर खाने का प्रयत्न करें । समय पर सोना और समय पर जागने वाली आदत डाल लें।
 6. सुबह नहाने से पहले पूरे शरीर में तिल या सरसों के तेल से मालिश करें एैसा करने से कफ विकार दूर होता है।
 7. नारियल पानी का सेवन जरूर करें, दूध में हल्दी डालकर पीयें।
 8. शहद और अदरक के रस को 5-5 ग्राम मिलाकर दिन में दो से तीन बार चाटें एैसा करने से कफ और अस्थमा रोग दूर होता है।
 9. रोज सुबह हल्का गरम पानी अधिक से अधिक पीयें।
 10. सूर्य स्नान यानी सन बाथ डेली 5 से 10 मिनट तक करें।

इन वैदिक उपायों को करने से कफ से आप निजात पा सकते हैं, लेकिन जरूरत है परहेज की अन्यथा इन उपायों का कोई फायदा नहीं हो सकता है। कफ गंभीर रोग है क्योंकी यह गले और सांस से संबंधित रोग है। इसलिए कफ को कम न समझें। समय पर कारगर उपाय जरूर करें।

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