सर्दियों में सेहत – रोग और घरेलू उपचार

अकसर सर्दियों  में कई तरह की बीमारिया सामने आती है। जिस वजह से आपको बेहद गंभीर तकलीफ होती है। इसलिए इन रोगों से बचने के लिए आपको कुछ घरेलू उपायों को अपनाना चाहिए। सर्दियों की मुख्य बीमारिया जैसे सर्दी जुकाम की शिकायते, बदन दर्द , खासी , छींक , साँस की तकलीफ़े , गला बैठ जाना , निःस्वाद-जीभ आदि इनसे राहत पाने के लिए जानिए वैदिक वाटिका के कुछ उपचार

सर्दियों में सेहत – रोग और घरेलू उपचार 

पानी

दिनभर में आप जितना पानी पीते हैं उस पानी में सौफ और जीरा हल्के से भून कर पानी के साथ उबाले और इसे ठंडा कर पिए। यह विधि आपके रोग निरोधक शक्ति को बढ़ाती है। 

आँवला

आँवले से शरीर के हर अंगो का शुद्धिकरण हो सकता है । यह फल कुदरत का अमूल्य तौफा है क्योकि इसमें विटामिन एवं फाइबर की मात्रा शतप्रतिशत है। इसका उपयोग नियमित मुरब्बा, चटनी आदि के रूप में सेवन कर सकते हैं ।

नीलगिरि तेल व यूकेलिप्टस आयल

बंद नाक के खोलने  के लिए और साँस स्वाभाविक करने के लिए इस तेल की उबलते पानी में  4 से 6  बून्द डालकर उसकी भांप या स्टीम नाक एवं मुँह से अंदर की और ले। इस तेल को अगर आप अपने रुमाल पर लगा कर अपने पास रखे तो खुद को स्वाइन स्फ्लू जैसी बीमारियो से बचा सकते हैं ।

दूध

सर्दी से गला बैठ जाने से आप ठीक से बोल नहीं पाते गले में खराश जैसे शिकायतों से परेशान रहते हैं। इसका  उपचार के लिए एक गिलास उबलते दूध में चुटकी भर हल्दी एवं काली मिर्च का पाउडर और शहद डालकर इसे पी ले। इससे आप पूर्णतः अपने गले को ठीक कर सकते हैं।

अंकुरित मूंग व स्प्राउट्स

साफ़ साबुत मूंग को रात भर पानी में भिगो कर सुबह उसका पानी निकाल दे।  मूंगो से अंकुर निकलने का इंतज़ार कर दिन भर इसे जितनी बार हो सके उतने बार खाए। इससे आपकी पाचन प्रक्रिया पूर्ण रूप से संभल जायेगी।

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